उसकी उम्र 3 साल है. वह अपनी मां से हुए गैंगरेप और 14 दिन के भाई की हत्या कीइकलौती गवाह है. उत्तर प्रदेश के बरेली की घटना है. रामपुर की रहने वाली 28 साल कीएक महिला फैमिली फंक्शनके लिए बरेली के एक गांव गई थी. सोमवार रात वह वहां से लौटरही थी. उसके साथ 3 साल की बेटी और 14 दिन का बेटा था. दोनों के साथ वह एक बस मेंचढ़ी. ड्राइवर और कंडक्टर ने उसे घर छोड़ने का वादा किया. लेकिन जैसे ही बस काआखिरी पैसेंजर उतरा, शीशगढ़ गांव में, उन दोनों ने महिला से जबरदस्ती शुरू कर दी.उन्होंने महिला को जबरदस्ती शराब पिलाई और उसे नशे में धुत्त कर दिया. आरोपियोंने उसके 14 दिन के बच्चे को पटक दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई. इसके बादमहिला से गैंगरेप किया गया. घटना के वक्त महिला नशे में धुत्त थी, इसलिए पुलिस जबउसका बयान लेने गई तो उसे कुछ याद ही नहीं था. लेकिन सब कुछ याद था 3 साल की उसकीबच्ची को, जो घटना के समय बस के कोने में सीट के नीचे छिप गई थी. उसने सारी कहानीपुलिस और अपने पापा को बताई. पुलिस एसपी यमुना प्रसाद ने बताया कि जब सारे पैसेंजरबस से उतर गए थे, तब उन्होंने घटना को अंजाम दिया. दोनों आरोपियों पर गैंगरेप कीधारा 376 D और 304 के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है. उन पर गैंगस्टर एक्ट की धाराएंभी लगाई गई हैं. पुलिस के मुताबिक, बच्ची सीट के पीछे छिप गई थी और उसने अपनी आंखोंसे पूरी घटना देखी. जब दोनों आरोपियों ने उसकी बेहोश मां को उठाकर बस से बाहर बसस्टैंड के पास रखा, उसी वक्त बच्ची नजर बचाकर वहां से भाग गई और आरोपी उसे देख नहींपाए. मंगलवार सुबह जब महिला का पति लोकल लोगों के साथ उसकी तलाश में आया तो उन्हेंबच्ची अपनी बेहोश मां के पास बिलखती मिली. वहीं 14 दिन के बच्चे की लाश पड़ी हुईथी. ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक विमेंस एसोसिएशन की मुखिया मधु गर्ग ने 'टाइम्स ऑफइंडिया' से कहा, 'यह घटना दिल्ली के निर्भया केस से भयानक है. आरोपियों ने महिला के14 दिन के नवजात बच्चे को मार डाला. फिर भी उन पर हत्या का मुकदमा नहीं लगा है. हमप्रोटेस्ट करेंगे.'