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'मैं 3 साल की हूं, मैंने अपनी मां का गैंगरेप देखा है'

उसकी मां को बस में जबरदस्ती शराब पिलाकर नशे में धुत्त कर दिया गया. वह सीट के पीछे छिपकर देखती रही.

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कुलदीप
10 मार्च 2016 (Updated: 9 मार्च 2016, 04:57 AM IST)
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उसकी उम्र 3 साल है. वह अपनी मां से हुए गैंगरेप और 14 दिन के भाई की हत्या की इकलौती गवाह है. उत्तर प्रदेश के बरेली की घटना है. रामपुर की रहने वाली 28 साल की एक महिला फैमिली फंक्शनके लिए बरेली के एक गांव गई थी. सोमवार रात वह वहां से लौट रही थी. उसके साथ 3 साल की बेटी और 14 दिन का बेटा था. दोनों के साथ वह एक बस में चढ़ी. ड्राइवर और कंडक्टर ने उसे घर छोड़ने का वादा किया. लेकिन जैसे ही बस का आखिरी पैसेंजर उतरा, शीशगढ़ गांव में, उन दोनों ने महिला से जबरदस्ती शुरू कर दी. उन्होंने महिला को जबरदस्ती शराब पिलाई और उसे नशे में धुत्त कर दिया. आरोपियों ने उसके 14 दिन के बच्चे को पटक दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई. इसके बाद महिला से गैंगरेप किया गया. घटना के वक्त महिला नशे में धुत्त थी, इसलिए पुलिस जब उसका बयान लेने गई तो उसे कुछ याद ही नहीं था. लेकिन सब कुछ याद था 3 साल की उसकी बच्ची को, जो घटना के समय बस के कोने में सीट के नीचे छिप गई थी. उसने सारी कहानी पुलिस और अपने पापा को बताई. पुलिस एसपी यमुना प्रसाद ने बताया कि जब सारे पैसेंजर बस से उतर गए थे, तब उन्होंने घटना को अंजाम दिया. दोनों आरोपियों पर गैंगरेप की धारा 376 D और 304 के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है. उन पर गैंगस्टर एक्ट की धाराएं भी लगाई गई हैं. पुलिस के मुताबिक, बच्ची सीट के पीछे छिप गई थी और उसने अपनी आंखों से पूरी घटना देखी. जब दोनों आरोपियों ने उसकी बेहोश मां को उठाकर बस से बाहर बस स्टैंड के पास रखा, उसी वक्त बच्ची नजर बचाकर वहां से भाग गई और आरोपी उसे देख नहीं पाए. मंगलवार सुबह जब महिला का पति लोकल लोगों के साथ उसकी तलाश में आया तो उन्हें बच्ची अपनी बेहोश मां के पास बिलखती मिली. वहीं 14 दिन के बच्चे की लाश पड़ी हुई थी. ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक विमेंस एसोसिएशन की मुखिया मधु गर्ग ने 'टाइम्स ऑफ इंडिया' से कहा, 'यह घटना दिल्ली के निर्भया केस से भयानक है. आरोपियों ने महिला के 14 दिन के नवजात बच्चे को मार डाला. फिर भी उन पर हत्या का मुकदमा नहीं लगा है. हम प्रोटेस्ट करेंगे.'

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