पानी पीने गए 25 ऊंटों की मौत हुई थी, सच सामने आया तो बड़ी सरकारी कंपनी घिर गई!
बड़ी लापरवाही सामने आई है!

कुछ दिन पहले गुजरात के एक गांव से 25 ऊंटों की मौत (25 Camels Died) का मामला सामने आया था. गांववालों ने आरोप लगाया था कि कच्चे तेल के पाइप में लीकेज की वजह से वहां का पानी दूषित हुआ और उसे ऊंटों ने पी लिया. अब जांच में ONGC की पाइपलाइन में रिसाव की बात सामने आई है. मामले पर गुजरात बोर्ड ने एक्शन भी लिया है. हालांकि, इसका 25 ऊंटों की मौत के साथ कनेक्शन साफ नहीं हो सका है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 24 मई को गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (GPCB) ने पर्यावरण एक्ट के तहत वॉटर और ग्राउंड पॉल्यूशन को लेकर ONGC को निर्देश जारी किए हैं. GPCB को जांच में संकेत मिले हैं कि ONGC पाइपलाइनों में रिसाव से भरूच जिले में वॉटरबॉडी प्रदूषित हुई है. इसको लेकर ONGC से जवाब भी मांगा गया है.
GPCB के सतर्कता अधिकारी आरबी त्रिवेदी ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि ONGC के खिलाफ उनकी कार्रवाई एहतियाती है और सुधारों को लागू करने के उद्देश्य से है. उन्होंने कहा कि ऊंटों के मरने की सही वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के सामने आने के बाद ही पता चलेगी.
ONGC का क्या कहना?ONGC के एक वरिष्ठ अधिकारी ने माना है कि ऊंटों की मौत वाले इलाके में उनकी एक पाइपलाइन में रिसाव हुआ था और वो जल्द ही वहां की सफाई करवाएंगे. उन्होंने ये भी कहा कि ONGC पर GPCB की कार्रवाई प्रदूषण को लेकर है ना कि ऊंटों की मौत को लेकर. उनका मानना है कि ONGC पाइप लीक और ऊंटों की मौत के बीच कोई कनेक्शन नहीं है. कहा गया है रिसाव से वहां तेल का पूल बन गया था और कोई भी जानवर ऐसी जगह के पास नहीं जाएगा.
25 ऊंटों की मौतघटना 21 मई की है. वागरा तालुका में सूखे कच्चीपुरा गांव के लोग चिलचिलाती गर्मी से राहत के लिए 30 ऊंटों को पांच किमी दूर चंचवेल झील पर ले जा रहे थे. इसी बीच ऊंट कथित दूषित तालाब के पास पहुंचे और सुस्त अवस्था में वहीं लेटे हुए मिले. पुलिस और पशु चिकित्सक अस्पताल को जानाकरी दी गई. इसके बाद सरकारी पशु चिकित्सक डॉ. हर्ष गोस्वामी ने 25 ऊंटों की मौत की पुष्टि की. गांववालों ने बताया कि वो लोग लंबे समय से पानी के संकट से जूझ रहे हैं.
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