स्कॉटलैंड में एक महीना पहले लापता हुई थी भारतीय स्टूडेंट, अब नदी में बहता मिला शव
स्कॉटलैंड पुलिस ने एक बयान में बताया है कि शव की आधिकारिक पहचान अभी तक नहीं हुई है. लेकिन साजू के परिवार को जानकारी दी गई है.

स्कॉटलैंड के एडिनबर्ग में करीब तीन हफ्ते से लापता भारतीय छात्रा का शव मिला है. दो दिन पहले एडिनबर्ग की आमंड नदी (Almond River) में एक शव मिला है. माना जा रहा है कि ये शव लापता भारतीय स्टूडेंट संत्रा एलिज़ाबेथ साजू (Indian student Santra Saju) का है. संत्रा 6 दिसंबर से ही लापता थीं.
स्कॉटलैंड पुलिस ने एक बयान में बताया है कि शव की आधिकारिक पहचान अभी तक नहीं हुई है. लेकिन साजू के परिवार को जानकारी दी गई है.
22 साल की संत्रा साजू केरल की रहने वाली थीं. वो एडिनबर्ग के हेरिओ-वॉट यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट थीं. उन्हें आखिरी बार 6 दिसंबर, 2024 को एडिनबर्ग के पश्चिमी इलाके लिविंगस्टन के ASDA सुपरमार्केट में देखा गया था. इसके बाद से उनका कुछ पता नहीं चला.
सुपरमार्केट के सीसीटीवी फुटेज में 6 दिसंबर की रात 9 बजकर 10 मिनट से 9 बजकर 45 मिनट के बीच संत्रा को देखा गया था. उनके लापता होने के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज जारी किया था. इसमें वो एक काले रंग का कोट और मास्क पहन रखी थीं.
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, साजू के दोस्तों और परिवार ने उनके इस तरह गायब होने पर हैरानी जाहिर की थी. परिवारवाले भी साजू के बारे में सूचना का इंतजार कर रहे थे. पुलिस द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक,
"अभी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो पाई है कि शव किसका है. हालांकि संत्रा साजू के परिवार को शव की शिनाख्त के लिए जानकारी दे दी गई है."
पुलिस ने कहा कि अभी तक मौत में कुछ भी संदिग्ध नहीं लग रहा है. पुलिस ने फिलहाल किसी अन्य व्यक्ति के संलिप्त होने की आशंका से इनकार किया है.
5 साल, 633 मौतेंइसी साल जुलाई में भारत सरकार ने लोकसभा में बताया था कि बीते 5 सालों में विदेशों में रहने वाले 633 भारतीय स्टूडेंट्स की जान जा चुकी है. इसमें सबसे ऊपर कनाडा का नाम है, जहां 172 भारतीय स्टूडेंट्स अपनी जान गंवा चुके हैं. इसके अलावा, 19 भारतीय स्टूडेंट्स की मौत किसी हमले की वजह से हुई है.
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विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने 26 जुलाई को लोकसभा में बताया कि विदेश में 633 भारतीय स्टूडेंट्स की मौतों में कई नेचुरल थीं. जबकि बाकी मौतें स्वास्थ्य या अन्य कारणों से हुईं. उन्होंने तब कहा था कि सरकार विदेश में रहकर पढ़ाई करने वाले भारतीय स्टूडेंट्स से संपर्क में रहती है. इससे उनकी सुरक्षा को और मजबूत करने में मदद मिलती है.
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