The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • 21% beggars in India have senior secondary certificate

सिर्फ हट्टे कट्टे नहीं इंटर पास भी हैं 21 परसेंट भिखारी

45 साल के दिनेश इंटर पास हैं और अंग्रेजी ठीकठाक बोल लेते हैं. फिर भी भीख मांगते हैं.

Advertisement
pic
30 दिसंबर 2015 (अपडेटेड: 30 दिसंबर 2015, 06:07 AM IST)
Img The Lallantop
फोटो - thelallantop
Quick AI Highlights
Click here to view more
चौराहे पर रेड लाइट पर खड़े हो. कोई भगवान के नाम पर पैसे मांगने आ जाए तो उसे देख कर अनदेखा न करो. हाल चाल पूछो. एजूकेशन पूछो. चौंको तो कतई मत. हो सकता है वो सिर्फ शक्ल से नहीं बल्कि क्वालिफिकेशन में भी ठीक ठाक हो. 3.72 लाख भिखारी है इंडिया में. जिसमें से 21% पढ़े लिखे हैं. मने तकरीबन 75 हजार भिखारी इंटर या उससे भी ऊपर की क्लास पास. 3 हजार से ज्यादा ऐसे हैं जो प्रोफेसनल कोर्स किए बैठे हैं या ग्रेजुएट-पोस्ट ग्रेजुएट हैं. इसी हफ्ते बेरोजगारों का डाटा आया है. 2011 की जनगणना से शिक्षित बेरोजगारों को छांटा गया. जिसमें भिखारियों के जकड़ फैक्ट सामने आए हैं. ये पढ़े लिखे भिखारी क्यों भिखारी बने. फिल्मी जवाब सबको पता है. कोई अपनी मर्जी से चोर नहीं होता साब. खुशी से भीख नहीं मांगता साब. उसे मजबूर करते हैं वक्त और हालात. उसी तरह इन सब भिखारियों के जीवन की अलग अलग कहानी निकलेगी. कुछ यहां हैं. 45 साल के दिनेश बारहवीं पास हैं. पहले एक पॉस्पिटल में वार्ड बॉय थे. 100 रुपए दिहाड़ी मिलती थी. मजे के हलकान थे. नौकरी छोड़ी रोजगार पकड़ा. भीख मांगने का. कम से कम 200 रुपए डेली पैदा करते हैं. एम. काम किए बैठे हैं 52 साल के दशरथ परमार. नौकरी चाकरी नहीं मिली. भीख मांगते हैं. मां हॉस्पिटल में खुद रोड पर मांगते खाते हैं. मुंबई से हाई स्कूल पास अशोक जैसूर लाल दरवाजा में भीख मांगते हैं. सिक्योरिटी गार्ड थे पहले. मोतियाबिंद से आंखें चली गई तो नौकरी भी जानी ही थी. अब भीख मांग कर गुजारा होता है. ऐसे बहुत से लोग पढ़ लिख कर मन का काम न मिलने पर इस फील्ड में आ जाते हैं. क्योंकि उन व्हाइट कॉलर जॉब्स में पैसा कम खर्चा ज्यादा है. आदमी सलीके से भीख मांगने निकले तो अच्छी खासी कमाई हो जाती है. ये वीडियो देखो. https://www.youtube.com/watch?v=tSF_5MzA8cU

Advertisement

Advertisement

()