छावला गैंगरेप केस में बरी हुआ, फिर ऑटो वाले की हत्या कर दी, अब SC ने ऐसा करने को कहा है
ऑटो वाले की गला काटकर हत्या कर दी.

2012 छावला गैंगरेप (Chawwla Gangrape Case) केस के तीनों दोषियों को हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने बरी किया था. उनमें से एक पर जेल से निकलकर हत्या करने का आरोप है. इसको लेकर दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दायर की है. पुलिस ने कोर्ट को बताया कि विनोद ने रिहाई के बाद एक निर्दोष ऑटो ड्राइवर का गला काटकर हत्या कर दी, जिससे पता चलता है कि वो आदतन शातिर अपराधी है.
आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल ने CJI से कहा,
इसपर इस पर CJI DY चंद्रचूण ने एक बेंच गठित करने की बात कही है. उन्होंने कहा,
बता दें कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 7 नवंबर 2022 को फांसी के फैसले को पलटते हुए तीनों दोषियों को बरी कर दिया था. तीनों दोषी हैं रवि कुमार, राहुल और विनोद.
नए मर्डर केस की क्या कहानी?इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, दोषियों के बरी होने के तीन महीने बाद द्वारका में हत्या की घटना सामने आई. 26 जनवरी को रात करीब डेढ़ बजे 40 साल के रिक्शा चलाने वाले अनार सिंह की चाकू मारकर हत्या कर दी गई. पुलिस ने बताया कि अनार सिंह को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. 30 जनवरी को पुलिस ने आरोपी विनोद और पवन को गिरफ्तार किया.
क्या है छावला गैंग रेप केस ?उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल की रहने वाली अनामिका नौकरी के लिए दिल्ली के छावला इलाके में आई थी. 9 फरवरी, 2012 की रात को अनामिका नौकरी से वापस घर लौट रही थी. तभी तीनों आरोपियों ने मिलकर उसे किडनैप किया और उसके साथ गैंगरेप किया. तीन दिन बाद अनामिका की लाश हरियाणा के खेत में मिली. लड़की के पूरे शरीर पर जगह-जगह दागे और काटे जाने के निशान थे. चेहरा पूरी तरह जला हुआ था.
जांच में पता चला कि आरोपियों ने पीड़िता को असहनीय यातनाएं दी थी. लड़की को कार में इस्तेमाल होने वाले औजारों से पीटा गया था और उसके शरीर के कई हिस्सों को जलती सिगरेट से दागा गया था. इसके बाद उसकी आंखों और चेहरे को तेजाब डालकर जला दिया गया.
दिल्ली की निचली अदालत ने रेप और हत्या के दोषी ठहराए जाने के बाद तीनों को मौत की सजा सुनाई थी. फिर दिल्ली हाईकोर्ट ने भी फांसी की सजा पर मुहर लगा दी थी. इसके बाद दोषियों की तरफ से सजा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई. तब तत्कालीन चीफ जस्टिस यू यू ललित की अध्यक्षता वाली बेंच ने तीनों दोषियों को बरी कर दिया.
वीडियो: लखीमपुर में बहनों का गैंगरेप हुआ, फिर गला दबाकर मार डाला- पोस्टमॉर्टम में हुआ खुलासा!

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