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दो नाबालिगों ने दोस्त की हत्या कर शव को मस्जिद में ही छिपा दिया

दिल्ली में 10 साल के बच्चे की हत्या, क्राइम सीरियल देख बनाया प्लान.

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10 जनवरी 2021 (अपडेटेड: 10 जनवरी 2021, 12:02 PM IST)
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घटना स्थल पर मौजूद लोगों की भीड़. फोटो-आजतक
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दिल्ली का खजूरी खास इलाका. यहां सी-ब्लॉक स्थित श्रीराम कॉलोनी की एक मस्जिद में एक बच्चे का शव मिला. बच्चे का नाम फरहान है. उसकी उम्र 10 साल थी. मस्जिद के टॉप फ्लोर पर शव को ईंटों से दबाकर रखा गया था. पुलिस का कहना है कि दो नाबालिग दोस्तों ने हत्या कर शव को मस्जिद की छत पर छिपा दिया. दोनों हत्या के बाद अपने दोस्त के परिवार से फिरौती वसूलना चाहते थे. क्या है मामला? आज तक के तनसीम हैदर की रिपोर्ट के मुताबिक, 10 साल का फरहान मस्जिद में रोज कुरान की तालीम लेने आता था. गुरुवार, 7 जनवरी की शाम वो मस्जिद में अंदर तो गया, लेकिन वापस नहीं लौटा. इसके बाद घरवालों ने फरहान की तलाश शुरू की. पुलिस को खबर दी. पुलिस ने सबसे पहले मस्जिद के आसपास लगे CCTV को खंगालना शुरू किया. पुलिस ने मस्जिद के मुतवल्ली को हिरासत में लेकर पूछताछ की. लेकिन कुछ भी हासिल नहीं हुआ. इसके बाद पुलिस ने कुरान की तालीम हासिल करने के लिए इस मस्जिद में आने वाले फैजान के साथियों से पूछताछ शुरू की. CCTV फुटेज से पता चला पुलिस ने मस्जिद के पास लगे CCTV की फुटेज खंगाली. फुटेज में फरहान गुरुवार शाम मस्जिद में जाते नजर आया. वहीं उसके साथी मस्जिद से बाहर निकलते दिखे. पुलिस ने जब उन दोनों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि फरहान उनके साथ मोमोज खोन के लिए गया था, वहीं से कहीं चला गया, जबकि फुटेज में दिख रहा था कि फरहान मस्जिद से बाहर ही नहीं आया. यही से पुलिस को शक हुआ. पुलिस ने दोनों नाबालिगों को हिरासत में ले लिया. जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने हत्या की बात कबूल कर ली. फरहान के साथ मस्जिद में पढ़ने इन दो दोस्तों ने फ़रहान की हत्या की. इसके बाद शव को मस्जिद की छत पर ठिकाने लगा दिया. कत्ल के बाद दोस्त के परिवार से फिरौती मांगने का प्लान बनाया. नाबालिगों की उम्र 12 और 17 साल है. पूछताछ में दोनों ने बताया कि उन्होंने क्राइम सीरियल देखकर फरहान की हत्या की योजना बनाई थी. पहले भी की थी हत्या की कोशिश करीब 10 दिन पहले भी फरहान को उन्होंने मस्जिद में नींद की गोलियां खिलाई थीं, लेकिन उस पर इन गोलियों का असर नहीं हुआ. उस दिन वह अपने मकसद में कामयाब नहीं हो सके. 7 जनवरी को उन्होंने फरहान की हत्या की. उन्हें लग रहा था फरहान के पिता के पास काफी पैसा है. वह हत्या के बाद परिवार से फिरौती ले सकते हैं. एक नाबालिग पांचवी में पढ़ता है, जबकि दूसरा मस्जिद में ही पढ़ाई कर रहा था. दोनों का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है. फरहान अपने परिवार के साथ श्रीराम कॉलोनी के गली नंबर-11 में रहता था. उसके परिवार में पिता शमीम, मां फरजाना, बड़ा भाई अरसलान और तीन बहने हैं. शमीम की घर में ही जूते बनाने की फैक्ट्री है. फरहान इलाके के एक स्कूल में पांचवीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा था. साथ ही घर के पास की मदीना मस्जिद में कुरआन के हाफ्जे की पढ़ाई कर रहा था.

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