देशभक्त बनने के चक्कर में बेवकूफ मत बनो, ये मैसेज फॉरवर्ड मत करो
बिना सच्चाई जाने शेयर करना बंद कर दो नहीं तो चले जाओगे जेल.
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इस मैसेज को योगी जी ने नहीं लॉन्च किया था
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सोशल मीडिया कमाल की चीज है लेकिन अक्ल लगा के इस्तेमाल किया जाए तो. जब बिना देखे शेयर और फॉरवर्ड करने लगो तो वही होता है. जैसे बंदर के हाथ उस्तरा लगने पर हुआ था. जैसे अब ये फोटो फैल रहा है फुल स्पीड से. जिसमें कुछ काहिल और कुकर्मी लोग बता रहे हैं कि सफाई कराने के लिए 181 पर कॉल करो. मतलब नाली, सड़क खुद गंदी करो और 181 पर फोन करके सफाई करा लो.

वीमेन हेल्पलाइन बन गई सफाई हेल्पलाइन
अब सुनो असली बात. ये जो नंबर है, ये सफाई डिपार्टमेंट का नहीं है. वीमेन हेल्पलाइन का है. माने औरतैं समस्या में फंसें तो इस नंबर पर फोन करके हेल्प ले सकें. दिल्ली में पहले से चल रही है. यूपी में अभी तक 1090 थी. जून में योगी जी 181 चालू किए हैं.

181 हेल्पलाइन का उद्घाटन करते योगी जी
तो हमरे पास महेश रावत ने ये तस्वीर मेल की. हमने इस चिट्ठी की पड़ताल शुरू की. उठा के दिल्ली में फोन खड़का दिया. डिपार्टमेंट की हुमा जी से पता लगा कि उनके पास सफाई कराने वाली बहुत कॉल्स आती हैं. सब इसी फोटो की वजह से. इसके पीछे कहानी भी है. कभी किसी महिला ने अपने घर के बाहर कचरे से त्रस्त होकर इस नंबर पर फोन किया था. इन्होंने एमसीडी से बात की. उस महिला की समस्या हल हो गई. तब उसके घर वाले, मोहल्ले वाले समझे कि सफाई हेल्पलाइन है. ये वहीं की उपज है. लेकिन वो मान लो गलती कर दिए, तुम तो मत करो. डिलीट करो जल्दी से ये मैसेज.
अब वीमेन हेल्पलाइन की बात चल रही है और माता के नवराते चल रहे हैं तो ये जानकारी भी लेते जाओ.
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अब सुनो असली बात. ये जो नंबर है, ये सफाई डिपार्टमेंट का नहीं है. वीमेन हेल्पलाइन का है. माने औरतैं समस्या में फंसें तो इस नंबर पर फोन करके हेल्प ले सकें. दिल्ली में पहले से चल रही है. यूपी में अभी तक 1090 थी. जून में योगी जी 181 चालू किए हैं.

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तो हमरे पास महेश रावत ने ये तस्वीर मेल की. हमने इस चिट्ठी की पड़ताल शुरू की. उठा के दिल्ली में फोन खड़का दिया. डिपार्टमेंट की हुमा जी से पता लगा कि उनके पास सफाई कराने वाली बहुत कॉल्स आती हैं. सब इसी फोटो की वजह से. इसके पीछे कहानी भी है. कभी किसी महिला ने अपने घर के बाहर कचरे से त्रस्त होकर इस नंबर पर फोन किया था. इन्होंने एमसीडी से बात की. उस महिला की समस्या हल हो गई. तब उसके घर वाले, मोहल्ले वाले समझे कि सफाई हेल्पलाइन है. ये वहीं की उपज है. लेकिन वो मान लो गलती कर दिए, तुम तो मत करो. डिलीट करो जल्दी से ये मैसेज.
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