The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • 18 deaths reported in 24 hours in Chhatrapati Shivaji Maharaj Hospital Kalwa of Thane Maharashtra

महाराष्ट्र के एक ही अस्पताल में 24 घंटे में 18 मरीजों की मौत, क्या वजह बता रहे अधिकारी?

मामले की जांच के लिए एक कमिटी बनाई गई है, जो ये पता करेगी कि मरीजों की मौत की वजह 'हॉस्पिटल की लापरवाही' तो नहीं.

Advertisement
pic
13 अगस्त 2023 (अपडेटेड: 13 अगस्त 2023, 07:27 PM IST)
Death in Chhatrapati Shivaji Maharaj Hospital kalwa
मृतक मरीजों में 10 महिलाएं और 8 पुरुष बताए गए हैं. (फोटो: आजतक)
Quick AI Highlights
Click here to view more

महाराष्ट्र के ठाणे में कलवा स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज हॉस्पिटल में 24 घंटों में 18 मरीजों की मौत की खबर है. ठाणे के नगर आयुक्त अभिजीत बांगर ने रविवार, 13 अगस्त को इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि मृतक मरीजों में ज्यादातर की हालत गंभीर थी. इस मामले की जांच के लिए एक कमिटी बनाई गई है, जो ये पता करेगी कि मरीजों की मौत की वजह 'हॉस्पिटल की लापरवाही' तो नहीं. हालांकि, शुरुआती जांच में लापरवाही की बात से इनकार किया जा रहा है.

मृतक मरीजों में 10 महिलाएं और 8 पुरुष बताए गए हैं. नगर आयुक्त अभिजीत बांगर के मुताबिक जिन 18 मरीजों की मौत हुई है, उनमें से 12 मरीजों की उम्र 50 साल से अधिक थी. न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए ठाणे के नगर आयुक्त ने कहा,

"जिन मरीजों की मौत हुई है, उनमें से कुछ पहले से ही क्रोनिक किडनी डिजीज के मरीज थे. पैरालिसिस स्ट्रोक के दो मरीज थे. क्रोनिक लंग डिजीज के दो मरीज थे. इस्केमिक हार्ट डिजीज के दो मरीज थे. अल्सर, निमोनिया, रोड एक्सीडेंट का एक मरीज था. केरोसीन प्वॉइजनिंग का एक पेशेंट था. सेप्टीसीमिया और बुखार के कुछ मरीज थे.

बांगर ने बताया कि मृतक मरीजों में 6 ठाणे शहर से, 4 कल्याण से, 3 साहपुर से, 1-1 भिवंडी, उल्हासनगर, गोवंडी और साकीनाका से हैं. वहीं एक मरीज के जगह की जानकारी अब तक नहीं है.

इस मामले पर महाराष्ट्र सरकार में मंत्री दीपक केसरकर ने मीडिया को बताया कि अगर हॉस्पिटल की लापरवाही के कारण किसी मरीज की मौत हुई होगी तो उनके परिवार को मुआवजा दिया जाएगा. हालांकि उन्होंने यह भी कहा, 

"शुरुआती जांच में किसी लापरवाही की बात सामने नहीं आई है. मामले की गहराई से जांच की जाएगी. इस हॉस्पिटल में क्षमता से अधिक मरीज आ रहे हैं. ये समस्या कई हॉस्पिटल में है. अगर लापरवाही की बात आती है, तो एक्शन लिया जाएगा."

उन्होंने आगे कहा,

"इस हॉस्पिटल की ICU क्षमता बढ़ाई गई है. जब क्षमता बढ़ती है तो गंभीर मरीज जो अपने जीवन के अंतिम चरण में होते हैं, उन्हें भी भर्ती किया जाता है. डॉक्टर उन्हें बचाने की पूरी कोशिश करते हैं. अगर ये प्राकृतिक मौतें हैं और आखिरी स्टेज पर आई हैं तो डॉक्टरों के लिए भी यह बहुत मुश्किल हो जाता है. मरीज किस स्थिति में हॉस्पिटल आता है, यह महत्वपूर्ण है."

ठाणे नगर आयुक्त ने बताया कि महाराष्ट्र के CM एकनाथ शिंदे ने घटना की पूरी जानकारी ली है. CM ने कलेक्टर और वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की है. उनके मुताबिक इस मामले की जांच करने के लिए जो कमिटी बनाई गई है, उसकी अध्यक्षता स्वास्थ्य सेवाओं के आयुक्त करेंगे. साथ ही इसमें कलेक्टर, सिविक चीफ, स्वास्थ्य सेवाओं के डायरेक्टर शामिल होंगे.

न्यूज एजेंसी PTI से बात करते हुए, ठाणे के डिप्टी पुलिस कमिश्नर (DCP) गणेश गावड़े ने कहा,

"हमें पिछले 24 घंटों में 17 मौतों की जानकारी है. हमें बताया गया है कि रोजाना का सामान्य आंकड़ा छह से सात है."

DCP ने बताया कि हॉस्पिटल मैनेजमेंट ने बताया कि कुछ मरीज गंभीर अवस्था में वहां पहुंचे और इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. कुछ बुजुर्ग थे. इतनी अधिक संख्या में मौतों के कारण किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए हमने हॉस्पिटल में पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी है. 

कुछ दिन पहले इसी हॉस्पिटल से एक दिन में 5 मरीजों की मौत होने की खबर आई थी. तब बड़ी संख्या में लोग हॉस्पिटल में जुटे थे. अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया गया था. इसके बाद हॉस्पिटल में भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया था.

वीडियो: महाराष्ट्र के जलगांव की मस्जिद में DM ने एंट्री पर रोक लगाई, हिंदू संगठन ने क्या दावा किया?

Advertisement

Advertisement

()