प्रेमी जोड़े की हेल्प करने पर नाबालिग लड़की को जिंदा जलाया
लड़की ने जिस मारुति वैन से प्रेमी जोड़े की भागने में मदद की थी, उसी में उसकी जली लाश मिली. हाथ पिछली सीट से बंधे हुए थे.
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Source: Reuters
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पाकिस्तान की अबोटाबाद पुलिस ने बीते गुरुवार 15 लोगों को अरेस्ट किया. ये लोग जिरगा जाति की पंचायत के हैं. इन लोगों ने एक 16 साल की लड़की को पिछले हफ्ते जिंदा जला दिया था. क्योंकि उसने एक प्रेमी जोड़े को छिपाने का जुर्म किया था. इसको 'ऑनर किलिंग' यानी इज्जत की खातिर मर्डर कहते हैं. पुलिस ने लड़की के भाई और उसकी मां को भी हिरासत में लिया है. क्योंकि वो उस दर्दनाक मर्डर में पंचायत की तरफ से खड़े थे.
अंबरीन नाम की ये लड़की थी. बाप का नाम रियासत है. माकूल नाम के गांव में इनकी फैमिली रहती है. रियासत एक दिहाड़ी मजदूर है. बलूचिस्तान के गदानी एरिया में काम करता है.
तो अंबरीन ने घर से भागे हुए एक लड़का और लड़की की मदद की. उनको कुछ दिन छिपा कर रखा. उनको खोजने वाले बराबर पीछा कर रहे थे. तो एक ड्राइवर के साथ मिल कर मारुति वैन से भागने में मदद की. खोजने वाले आए और उनको नहीं पा सके. लेकिन लड़की के बारे में पता चल गया.
इश्क करना और इश्क करने वालों की हेल्प करना वैसे ही पाकिस्तान में गुनाह है. फिर जिरगा जनजाति वाले तो और भी कुएं के मेढक हैं. उतने ही क्रूर भी. उनकी पंचायत लगी. परवेज नाम का आदमी इनका सरपंच था. उसने सजा सुना दी. अंबरीन को जिंदा जला डालने की.
उसके इशारे पर लोग अंबरीन को बांध कर ले गए. उसी मारुति वैन की सीट में उसके हाथ बांध दिए. जिसमें उसने जोड़े को भगाया था. फिर उसके ऊपर और पूरी गाड़ी पर पेट्रोल डाल कर आग लगा दी. उसकी बॉडी जली हुई कार के साथ डोंगा गली में मिली थी शुक्रवार को.
अंबरीन की एक सहेली थी. जिसे कुछ दिन पहले इसी चक्कर में मार दिया गया था. क्योंकि वो किसी से प्यार करती थी.
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक पिछले साल 500 से ज्यादा लड़के और लड़कियां मारे गए. तथाकथित 'ऑनर किलिंग' के नाम पर. ह्यूमन राइट्स कमीशन ऑफ पाकिस्तान का ये आंकड़ा है. इनको मारने वाले ज्यादातर फैमिली के लोग होते हैं. इनमें से बहुत कम केस कोर्ट में पहुंचते हैं. लेकिन उनमें से भी मुजरिम छूट जाते हैं. क्योंकि वहां कानून इस्लामिक कानून के अंडर में है. उसमें इतने लूपहोल हैं कि मुजरिम को उसका फायदा मिलना ही है.

