रियो ओलिंपिक में जब दीपा कर्मकार मेडल के लिए अपनी कला का पूरी सफाई और सुंदरता केसाथ प्रदर्शन कर रही थीं, हम सब एक ही बात सोच रहे थे, 'ये भारत की बेटी है.' मेडललाए या न लाए, इसने हमारा सीना गर्व से ऊंचा किया है. अब सोचिए, वहां आपकी बेटी होऔर उसके परफॉरमेंस के बाद उसके जीवन की सबसे भयावह रात आ जाए. उसके युवा शरीर परकिसी के ठंडे, कठोर हाथ हों जो उसे मसल दें, उसके शरीर पर कभी न मिटने वाले दाग छोड़दें. जिन 156 औरतों का लैरी ने यौन शोषण किया, वो इसी कठोरता से गुजरीं. जब हम लैरीनासर जैसे आदमी के बारे में अखबारों में पढ़ते हैं, आंकड़े हमें जकड़ लेते हैं. हमेंएक नाम याद रहता है. गुरमीत राम रहीम, हार्वी वाइन्स्टाइन, लैरी नासर. मगर ये एकनाम जरूरी नहीं है. जरूरी हैं वो 150 नाम जो तय करते हैं कि वो पब्लिक में नहींआएंगे. जरूरी थीं वो दो गुमनाम लड़कियां जिन्होंने तय किया कि वो राम रहीम के खिलाफशिकायत दर्ज कराएंगी. लैरी अमेरिकी टीम के लिए एक जिमनास्ट डॉक्टर था. यानीजिम्नास्ट्स के साथ ट्रैवल करता था. ओलिंपिक में जाता था. किसी जिमनास्ट को कोईतकलीफ हो जाए तो उनका इलाज करता था. या यूं कहें, अपनी ही हवस का इलाज करता था.बीते सात दिन बहुत बड़े थे. दुनिया के इतिहास में बहुत बड़े, बहुत लंबे, बहुत जरूरीसात दिन. जब इन 156 औरतों ने एक-एक कर अपना शोषण करने वाले से आमने-सामने बात की.उन्होंने लैरी को बताया किस तरह उसने उनका जीवन बर्बाद कर दिया. क्या कभी किसी नेआपका हाथ पकड़ा है? पब्लिक ट्रांसपोर्ट में इस तरह आपके स्तन दबाए हैं कि आपने बसोंमें चढ़ना ही बंद कर दिया? कभी उस सड़क पर दोबारा बिना उस दिन को याद किए जा पाई हैंजिस पर एक आदमी ने आपके सामने अपनी पैंट खोलकर अपना लिंग आपकी ओर उठाया था. कभी उसगाड़ी में दोबारा बैठने की हिम्मत कर पाएंगी, जिसमें आपके होते हुए ड्राइवर नेहस्तमैथुन किया था? शायद हां. शायद नहीं. मुझे नहीं मालूम कि अपना शोषण करने वालेव्यक्ति से ये बताना कि तुमने मेरा जीवन बर्बाद कर दिया, कितना मुश्किल है. काइलस्टीफेंस जिमनास्ट नहीं हैं. वो लैरी को परिवार के एक अच्छे दोस्त के तौर पर जानतीथीं. 156 महिलाओं में से वो पहली थीं, जिन्होंने लैरी को कोर्ट में घसीटा. जब काइलस्टीफेंस लैरी से बात कर रही थीं, काइल के बचपन की एक तस्वीर कोर्टरूम में लगेप्रोजेक्टर पर दिख रही थी. काइल 6 साल की थीं. 'तुमने तब मेरा शोषण किया जब मैं 6साल की थी. मेरे दूध के दांत तक नहीं गिरे थे.' काइल कई दिनों से अपनी पहचान छिपाकरकेस लड़ रह थीं. मगर बीते मंगलवार उन्होंने मुंह नहीं ढंका. वीडियो रिकॉर्डिंग मेंअपना नाम बताया. बाद में बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, 'मुझे लगा किमैं बात करने के लिए तैयार हूं.' सबसे पहले लैरी ने काइल को अपने गुप्तांग दिखानेशुरू किए. फिर उसके सामने हस्तमैथुन करना शुरू किया. काइल जब 12 साल की थीं, तबउन्होंने अपने मां-बाप को बताया कि लैरी उसके चेहरे पर अपना तना हुआ लिंग रगड़ता था.मगर मां-बाप के साने लैरी भोला बन गया. मां-बाप ने उल्टा काइल से ही माफ़ी मंगवाई.कई साल पहले जब काइल अपना शोषण करने वाले के सामने खड़ी थीं, उन्होंने कहा: 'छोटीबच्चियां हमेशा छोटी नहीं रहतीं. वो मजबूत औरतें बनती हैं और तुम्हारी दुनिया मेंआग लगाने के लिए वापस आती हैं.' काइल ने बताया कि किस तरह लैरी ने उसे उम्र से पहलेही बड़ा कर दिया. लैरी ने कोर्ट में 10 लड़कियों का यौन शोषण करना स्वीकारा था. मगरउसके कुकर्मों का पूरा इतिहास दर्ज था. किसी अदृश्य ईश्वर के पास नहीं, उसके हाथोंसताई हुई लड़कियों के ज़हन में. लगभग 150 लड़कियां और कोर्ट में आकर खड़ी हो गईं. इसबात की गवाही देने कि हां, लैरी एक मानसिक रूप से दिवालिया आदमी है, गुनाहगार है.नासर 54 साल का है. कई साल पहले उसने अपनी डॉक्टरी की डिग्री पाई. वो अमेरिकीजिमनास्ट्स के लिए बनाई गई डॉक्टर्स की टीम का हिस्सा बन गया. सबको मालूम था, लैरीनासर सबसे अच्छा डॉक्टर था. उसे भगवान का दर्जा दिया जाता था. लैरी इसी का इस्तेमालकरता था. अपनी सभी जिमनास्ट को लैरी ने एक ही तरह से परेशान किया. जिमनास्ट उसकेपास कराहती हुई आती थीं. वो दर्द में होती थीं. उन्हें मदद चाहिए होती थी. लैरीउन्हें बेहतर महसूस करवाता था. और उनकी सबसे कमज़ोर घड़ी में उन्हें छूता था. बातचीतया मजाक करते हुए. ऐसे में पीड़ित भी सोच में पड़ जाता है कि क्या इसे शोषण के दायरेमें रखा जाएगा. उन्हें सहलाते हुए ये भी कहता था कि शारीरिक दर्द से तो तुम उबरजाओगी. मगर मानसिक दर्द से बचकर रहना. वो इतनी आसानी से नहीं जाता. चूंकि उसका कदभगवान जैसा था, उसके लिए अगली लड़की को ये विश्वास दिलाना आसान था कि जो वो कर रहाहै, वो यौन शोषण नहीं है. जेनिफ़र रूड वॉलीबॉल खिलाड़ी थीं. एक बार लैरी उनका इलाज कररहा था. लैरी ने जेनिफ़र से कहा कि गुप्तांग और आस-पास की जगहों को दबाना उनकेट्रीटमेंट का हिस्सा है. फिर जेनिफ़र को टेबल पर उल्टा लेटने को कह दिया. जेनिफ़र कोतथाकथित इलाज के समय असहज महसूस हुआ. मगर वो सोचती रही कि इलाज के बीच इस तरह रुकनाउनकी छवि को नुकसान पहुंचाएगा. रेचल एक जिमनास्ट थीं. वो कई दिनों तक लैरी केक्लिनिक में इलाज के लिए गईं. वो उन्हें उल्टा लिटा देता, फिर एक हाथ से मसाज करता.दूसरे हाथ को तौलिये से ढककर रेचल की वजाइना या एनस में उंगली डाल देता. एक बारउसने रेचल की ब्रा का हुक खोल दिया और उसके स्तन दबाने लगा. साल 2016 में एकआर्टिकल छपा जो खिलाड़ियों के साथ होने वाले यौन शोषण के बारे में था. उसमें कोच केहाथों यौन शोषण का भी जिक्र था. हालांकि आर्टिकल में कहीं भी लैरी का नाम नहीं था.लेकिन उसे पढ़कर लगभग महीने भर बाद रेचल अपनी कहानी के साथ सामने आईं. उस वक़्त रेचलने जो हिम्मत की, उसका फायदा आज 156 लड़कियों को मिला. नासर को सबसे पहले 21 नवंबर,2016 में गिरफ्तार किया गया था. ये उसके कंप्यूटर में चाइल्ड पोर्नोग्राफी मिलने केबाद हुआ था. जिसके बाद लैरी को 60 साल की सजा सुनाई गई. मगर फिर उसके ऊपर यौनउत्पीड़न के भी आरोप लगने लगे. और उसका अंत आज हुआ. 7 दिन चलने वाली सुनवाई ऐतिहासिकथी. शायद वैसी, जैसी हम फिल्मों में देखते हैं. मगर ये असली थी, इसलिए फिल्मों सेकहीं ज्यादा डरावनी थी. सुनवाई शुरू हुई तो नासर नज़र झुकाए सब सुन रहा था. फिर उसकेसाथ जिम कोच रह चुके टॉम ब्रेनन ने उससे कहा, 'कम से कम उनसे नजरें तो मिलाओ, जिनकेतुम गुनाहगार हो.' नासर ने फिर वो सब सुना जो उसने किया था. सब एक साथ. ये सबमुमकिन हुआ जज रोजलिन अक्विलिना की वजह से. जिसने लैरी के गुनाह क़ुबूल कर लेने केबावजूद सभी 156 लड़कियों के स्टेटमेंट लिए. क्योंकि शायद सिर्फ सजा लैरी के लिए काफीनहीं थी. उसके लिए ये सुनना जरूरी था कि उसका गुनाह कैसा दिखता है. कुछ लड़कियों नेकहा, वो सुसाइड करना चाहती हैं. जज ने उन्हें बताया कि क्यों ये औरतों को कमज़ोरकरेगा. कुछ औरतें बात करने में झिझक रही थीं. जज रोजलिन ने उनसे कहा, 'मेरी ओरदेखकर बात करो, जैसे तुम अपनी मां से बात कर रही हो.' जज रोजलिन एक लेखिका भी हैं.गुनाहगारों की कहानियां लिखने के लिए मशहूर हैं. सुनवाई के दौरान कई बार उन्होंनेऔरतों को 'सिस्टर सर्वाइवर', 'फौजी' और 'फौलादी औरतें' कहकर उन्हें धीरज दिया.रोजलिन अक्विलिना के केस की सुनवाई के बंद होने पर कहे गए शब्द रोएं खड़े कर देतेहैं. लैरी को 175 साल की सजा हुई है. वो जेल में भी रहेगा. वहीं मर जाएगा. क्योंकिजज के मुताबिक़ उसे खुद नहीं पता है वो कितना बड़ा खतरा है. उसका बाहर रहना ठीक नहींहै.