ट्रैक्टर की सीट के बराबर ही साइज है रतनजीत पाटिल का. पैर नहीं पहुंचते ब्रेक तक.ट्रैक्टर चलाने में पूरे जिस्म को कसरत करनी पड़ती है सीट और उसके आस पास. लेकिनलड़का अपनी धुन का पक्का है. ट्रैक्टर से इतना तगड़ा वाला इश्क है कि उससे खेतजोतने का काम नहीं लेता. सर्कस दिखाने और स्टंट करने का काम करता है. 10 साल के रतनपढ़ते हैं छठवीं क्लास में. बताते हैं कि बचपन से ही ट्रैक्टर नचाने का शौक है. LKGमें थे तभी एक दिन धीरे धीरे टहलाने लगे ट्रैक्टर. पापा ने देखा तो कायदे से हौंका.पर अंकल जी बात संभाल ले गए. उनको भी सेम टू सेम चस्का था. वो लड़के को ट्रेनिंगदेने लगे. कहते थे कि बेट्टा तू एक दिन ये काम बहुत बड़े स्टैंडर्ड पर कर दिखाएगा.अब स्टंटबाज रतनजीत अकेले ही रोज नई ट्रिक निकाल रहे हैं ट्रैक्टर से खेलने की. आसपास होने वाले ऐसे फियर फैक्टर वाले कामों में पहुंचते भी हैं.https://www.youtube.com/watch?v=IRVlsavXOoc