ये है पाकिस्तान का सबसे बड़ा फूल
ये फूल एक लाख स्कॉयर फुट में फैला है. 27 करोड़ रुपये खर्च हुए. तो गुरु, हल्के में न लो फूल को.
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फोटो - thelallantop
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आजाद होकर अलग तो 1947 में हो गए थे. इत्ते बरस बीते. तभी साल 2004 आने के साथ पाकिस्तान को आया एक ख्याल. गुरु हमारे पास अपना मॉन्यूमेंट तो है नहीं. तो बनाना शुरू किया गया पाकिस्तान का सबसे बड़ा मॉन्यूमेंट. शेप फूल की है. पत्थर से बना खूबसूरत फूल.
1. पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के बाहरी हिस्से में पहाड़ी हैं. शक्करपारा नाम की. उसी पर बना है नैशनल मॉन्यूमेंट ऑफ पाकिस्तान.
2. बिल्डिंग खिलते फूल के शकल की है. इसके पीछे का फंडा. पाकिस्तान ऐसे ही खिले-तरक्की करे.
3. चार पंखुड़ी बनी हैं बड़ी बड़ी. संगमरमर की. चार स्टेट (बलूचिस्तान, खैबर-पख्तूनख्वा, पंजाब और सिंध) को दिखाती. तीन छोटी पत्ती नीचे हैं, जो गिलगित-बालटिस्तान, हमसे कब्जाए कश्मीर और कबीलाई इलाके फाटा को दिखाती हैं.
4. ऊपर से देखो तो चांद सितारे सी शकल लगती है बिल्डिंग. इसके लिए कुछ दीवारें भी तानी गई हैं.
5. तीन लाख स्केवयर फीट एरिया है. 37 करोड़ रुपये खर्च हुए बनाने में.

क्रेडिट: flickr
6. बिल्डिंग के बीच में पांच कोनों वाला सितारा है. उसके इर्द गिर्द झरने.
7. वहीं पर एक मेटल पीस लगा है. उस पर पाकिस्तान के पापा मोहम्मद अली जिन्नाह और पाकिस्तान की पैदाइश का ख्याल देने वाले शायर अल्लामा इकबाल की लाइन लिखी हैं.
9. आर्किटेक्ट आरिफ मसूद ने इसे डिजाइन किया है.
10. इस्लामाबाद और फौजी शहर रावलपिंडी, दोनों से ये नजर आती है.
1. पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के बाहरी हिस्से में पहाड़ी हैं. शक्करपारा नाम की. उसी पर बना है नैशनल मॉन्यूमेंट ऑफ पाकिस्तान.
2. बिल्डिंग खिलते फूल के शकल की है. इसके पीछे का फंडा. पाकिस्तान ऐसे ही खिले-तरक्की करे.
3. चार पंखुड़ी बनी हैं बड़ी बड़ी. संगमरमर की. चार स्टेट (बलूचिस्तान, खैबर-पख्तूनख्वा, पंजाब और सिंध) को दिखाती. तीन छोटी पत्ती नीचे हैं, जो गिलगित-बालटिस्तान, हमसे कब्जाए कश्मीर और कबीलाई इलाके फाटा को दिखाती हैं.
4. ऊपर से देखो तो चांद सितारे सी शकल लगती है बिल्डिंग. इसके लिए कुछ दीवारें भी तानी गई हैं.
5. तीन लाख स्केवयर फीट एरिया है. 37 करोड़ रुपये खर्च हुए बनाने में.

क्रेडिट: flickr
6. बिल्डिंग के बीच में पांच कोनों वाला सितारा है. उसके इर्द गिर्द झरने.
7. वहीं पर एक मेटल पीस लगा है. उस पर पाकिस्तान के पापा मोहम्मद अली जिन्नाह और पाकिस्तान की पैदाइश का ख्याल देने वाले शायर अल्लामा इकबाल की लाइन लिखी हैं.
इकबाल याद हैं न. सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां हमारा उन्हीं ने लिखा था. फिर कांग्रेस से ऐसे गुस्सा हुए कि करोड़ों बुलबुलों को लेकर टुकड़ा अलग कर बस गए.8. बिल्डिंग ज्यादा पुरानी नहीं है. 2004 में बननी शुरू हुई और तीन साल में तैयार हो गई.
9. आर्किटेक्ट आरिफ मसूद ने इसे डिजाइन किया है.
10. इस्लामाबाद और फौजी शहर रावलपिंडी, दोनों से ये नजर आती है.

