साल 1983. कराची का जिन्ना गार्डन. गार्डन में बनी एक बेंच पर एक आदमी बैठा हुआ था.कोई आम आदमी नहीं. पाकिस्तानी आर्मी में मेजर रैंक का अधिकारी. नाम- नबी अहमदशाकिर. मेजर नबी किसी का इंतज़ार कर रहे थे. लेकिन तभी अचानक पेड़ों के पीछे सेपाकिस्तान आर्मी के जवान निकलकर आए. और मेजर को चारों ओर से घेर लिया. मेजर नबी परइलज़ाम था. जासूसी करने का. उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. फांसी की सजा सुनाई गई. आपसोचेंगे एक पाकिस्तानी अफसर की कहानी हमें क्यों सुना रहे हैं. आगे की कहानी जाननेके लिए देखें वीडियो.