इस वित्तीय वर्ष यानी फाइनेंशियल इयर की शुरुआत सरकार ने एक ऐसे कदम से की है किएमेज़ॉन जैसी बड़ी-बड़ी विदेशी कंपनियां परेशान हैं. और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्डट्रंप उखड़े-उखड़े से लग रहे हैं. वजह है पैसा. या यूं कहें टैक्स का पैसा. क्योंकिइंडिया में धंधा कर रही तमाम विदेशी कंपनियों को देना होगा पहले से ज्यादा टैक्स.अब ये टैक्स कौन सा है, कैसा है, ये हम समझेंगे, आसान भाषा में. देखिए वीडियो.