किताबवाला में इस हफ़्ते वरिष्ठ पत्रकार देबाशीष मुखर्जी आए. उनकी आमद हुई भारत केसातवें प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह पर लिखी उनकी बायोग्राफ़ी “TheDisruptor: How Vishwanath Pratap Singh Shook India" से. वीपी सिंह, जिन्होंनेअपनी नीतियों से भारतीय राजनीति पर एक बवंडर की तरह प्रहार किया. उन्हें मुख्य रूपसे मंडल आयोग की रिपोर्ट की सिफारिशों को लागू करने के लिए याद किया जाता है,उन्होंने पहली बार अन्य पिछड़ा वर्ग को केंद्र सरकार की सेवाओं में आरक्षण प्रदानकिया था. यूपी के मुख्यमंत्री से लेकर पीएम बनने और कालांतर में एक आम नागरिक तक केउनके जीवन के सभी ब्यौरों पर हमने बातचीत की है. एक विभाजित विपक्ष को एक साथ लानेसे लेकर केंद्र में एक असंभावित गठबंधन सरकार बनाने तक, जिसमें भाजपा और कम्युनिस्टपार्टियां शामिल हैं, भारतीय इतिहास में सबसे बड़े एयरलिफ़्ट का नेतृत्व, प्रथमखाड़ी युद्ध के दौरान कुवैत में फंसे भारतीयों को निकालने के उनके रोल को हमनेटटोला है. इस अंक में हमने समझने का प्रयास किया की कि वी.पी. सिंह ने अपने ग्यारहमहीने के प्रधानमंत्रित्व कार्यकाल के दौरान बार-बार किन संकटों का सामना किया.वी.पी. अंतत: सिंह ने कांग्रेस और भाजपा दोनों को नाराज कर दिया- शायद यही एक कारणहै कि मरणोपरांत उन्हें वह तवज्जो नहीं दी गई जिसके वे हकदार थे। उनके असाधारण रूपसे घटनापूर्ण जीवन का एक समृद्ध विस्तृत विवरण हमने इस एपिसोड में शामिल करने कीकोशिश की है, जिसे उनके समय के संदर्भ में बताया गया है. देखिए वीडियो.