4 जनवरी को देश की सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को लताड़ लगाते हुए कहा, ‘पशुक्रूरता निवारण अधिनियम, 1960’ में जोड़े गए 2017 के उपनियम, मूल कानून केप्रावधानों से बाहर चले गए हैं.' आसान शब्दों में कहें तो सुप्रीम कोर्ट के अनुसार2017 में जो बदलाव या जोड़-तोड़ किए गए, वो 1960 के मूल क़ानून को ही कॉन्ट्राडिक्टकर रहे हैं. आइए इसे आसान भाषा में शुरू से समझते हैं.