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दुनिया के सबसे अमीर आदमी से PM मोदी ने मिलने से मना क्यों कर दिया?

सरकार के मंत्री और बीजेपी के नेताओं ने भी खुन्नस निकाली.

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17 जनवरी 2020 (अपडेटेड: 17 जनवरी 2020, 01:13 PM IST)
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जब पीएम मोदी अमेरिका गए थे तब उन्होंने एमेज़ॉन के सीआईओ से मुलाकात की थी. फोटो: India Today
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अब तक दुनिया के सबसे अमीर आदमी का एक नाम हमें रटा होता था. बिल गेट्स. फिर आया एक आदमी. जेफ बेज़ोस. एमेज़ॉन के कर्ता-धर्ता और CEO. बेज़ोस तीन दिन के लिए भारत दौरे पर थे. 14 जनवरी से 16 जनवरी तक. राजघाट गए और बॉलीवुड के लोगों से मिले लेकिन कुल मिलाकर उनका स्वागत फीका ही रहा. क्यों? क्योंकि उनकी पीएम मोदी या सरकार के किसी बड़े मंत्री-अफसर से मुलाकात नहीं हो पाई. बेज़ोस चाह रहे थे कि वो मोदी से मिलें. कहा जा रहा था कि उन्हें पीएम मोदी से भी मिलना था लेकिन एक महीने पहले अपॉइंटमेंट रद्द कर दी गई. क्यों? इसके पीछे सरकार की नाराज़गी बताई जा रही है. जेफ बेज़ोस अमेरिका में एक अख़बार के मालिक हैं. नाम है वॉशिंगटन पोस्ट. इस अख़बार के एडिटोरियल में मोदी सरकार की आलोचना की जाती रही है. 2019 में मोदी की जीत के बाद ये सिलसिला और बढ़ गया. जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटने के बाद अख़बार आक्रामक रहा और इसके विरोध में कई आर्टिकल छापे गए. बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन से मोदी को 'ग्लोबल गोलकीपर' अवॉर्ड मिलने पर भी अख़बार की प्रतिक्रिया सरकार को नाराज़ करने वाली थी. अख़बार ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर जर्नलिस्ट राना अयूब और बरखा दत्त के कई क्रिटिकल आर्टिकल छापे. 13 दिसंबर, 2019 को एक आर्टिकल छपा. इसकी हेडलाइन थी, 'India's new law may leave millions of Muslims without citizenship.' ज़ाहिर है सरकार ने भौंहे तरेरी होंगी. सरकार ने कहा कि CAA को ग़लत तरीके से पेश किया जा रहा है और इसके पीछे मोटिव सही नहीं है. पीयूष गोयल ने क्यों कहा- बेज़ोस कोई एहसान नहीं कर रहे पीएम मोदी ही नहीं सरकार और बीजेपी से जुड़े कई लोगों ने बेज़ोस के टूर के दौरान खुन्नस निकाली. जेफ बेजोस ने 71,000 करोड़ (1 बिलियन डॉलर) के निवेश की बात कर दी. फिर भी सरकार से जुड़े लोग खुश नहीं हुए. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कह दिया कि बेज़ोस कोई एहसान नहीं कर रहे हैं. उन्होंने कहा,
अगर कंपनी हर साल करोड़ों का नुकसान उठा रही है तो उन्हें निवेश करना ही पड़ेगा. एमेजॉन ने पिछले कुछ सालों में वेयरहाउस में निवेश किया, इसका स्वागत करते हैं लेकिन कंपनी ई-कॉमर्स मार्केट प्लेस में हो रहे घाटे की वजह से पैसा लगा रही है तो क्या मतलब? ई-कॉमर्स कंपनियों को नियमों का पालन करना होगा. उन्हें मल्टी ब्रांड रिटेल में बैक-डोर एंट्री की गुंजाइश नहीं खोजनी चाहिए. देश के मल्टी ब्रांड रिटेल सेक्टर में 49 फीसदी से ज़्यादा FDI की इजाज़त नहीं है.
भारत की इकॉनमी को फॉरेन इन्वेस्टमेंट की ज़रूरत है. ऐसे में सरकार के एक आला मंत्री की तरफ से एक इन्वेस्टमेंट पर तंज करने के भी कई मतलब निकलते हैं. बीजेपी नेता विजय चौथाईवाले ने जेफ बेजोस की बातचीत का वीडियो शेयर करते हुए कहा कि मिस्टर जेफ बेजोस, ये आप वाशिंगटन डीसी में अपने कर्मचारियों को बताइए. व्यापारियों ने भी विरोध किया जेफ बेज़ोस का भारत में छोटे और मझोले व्यापारियों ने भी विरोध किया. एमेज़ॉन गो बैक के नारे लगे. उनका आरोप है कि एमेज़ॉन ने छोटे व्यापारियों के बिजनेस को बर्बाद किया. यही नहीं कंपीटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) ने एमेजॉन और फ्लिपकार्ट के ख़िलाफ जांच का आदेश दिया है. दिल्ली व्यापार महासंघ ने CCI से शिकायत की थी. इन कंपनियों पर कुछ विक्रेताओं को प्राथमिकता देने के आरोप हैं.
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