टिक टॉक माने 2019 में एक्टरों-सिंगरों की मनरेगा स्कीम. टैलेंट की बाढ़, फ़िल्टरअपार. इफेक्ट्स पूरे डेढ़ हज़ार. चुनावी मौसम में सहजबुद्धियों के टाइमपास का एकमात्रऔज़ार, अर्थात मानव मोबाइल के डेटा का एक बड़ा उपभोक्ता. लेकिन इस ऐप के भविष्य परख़तरा है. क्योंकि ऐसी एक ख़बर आई है.सवाल 1 - एक्सक्यूज़ मीं, भियां, टिक टॉक जुड़ी क्या खबर आई है?ख़बर मद्रास हाईकोर्ट से आई. उसने केंद्र सरकार से टिक टॉक ऐप पर बैन लगाने को कहाहै. वजह बताई कि इस ऐप से पोर्नोग्राफी को बढ़ावा मिलता है. और बच्चे इस ऐप के जरियेऐसे लोगों के चंगुल में पड़ सकते हैं. जो उन्हें यौन अपराध का शिकार बना सकते हैं.सवाल 2 - (सयानों का सवाल) लला पहले ये बताओ ये टिक टॉक क्या है?एक ऐप होता है चाची. जैसे डबस्मैश होता था न वैसा ही कुछ. डबस्मैश, स्नैपचैट, लाइकऔर इंस्टाग्राम जैसी कई ऐप्स को एक सिलबट्टे पर रखिए. कूचिए, पीसिए अंत में बाहरनिकलकर आएगा टिक टॉक. बेसिक फंडा ये है कि इस पर 15-15 सेकेण्ड के वीडियो बनायेजाते हैं. सामने कोई गाना या डायलॉग चल रहा होता है, यूजर इधर मुंह चलाता है. लिपसिंक करता है. वीडियो बन जाता है. समय के साथ कई फीचर भी आ गए हैं कि इसमेंफ़िल्टर-इमोजी-ब्यूटी इफेक्ट यूज करिए. चाहे तो किसी और के वीडियो के साथ अपनावीडियो जोड़ लीजिए. माने टाइम पास चीज है.और सरलता से समझिए, पड़ोसन फिल्म का चतुर नार वाला गाना याद है? किशोर कुमार जिसमेंगाना गाते हैं और सुनील दत्त ऐसे होंठ चलाते हैं. मानो गाना वो गा रहे हैं. इसे हीएक ऐप की मदद से करिए. यही टिक टॉक है.सवाल 3 - ये कब आया और कब इतना फेमस हो गया?वही तो बात है गुरु. आज की डेट पर दुनिया के सबसे फेमस ऐप्स में है, एक अरब सेज्यादा लोग ये ऐप यूज कर रहे हैं. अरबों वीडियो भरे हैं. आपको म्यूजिकली याद है?पहले टिक-टॉक का नाम म्यूजिकली हुआ करता था. 2014 में चाइना में लॉन्च हुआ था. जोलोग म्यूजिकली पर वीडियो बनाते थे. खुद को म्यूजर्स कहते थे, जैसे ढिंचाक पूजा अपनेफैंक्स को ढिंचक्स कहती हैं. फिर बाईटडांस नाम की एक कंपनी ने म्यूजिक्ली को खरीदलिया. साल था 2017. उसके पास भी अपना ऐसा ही एक ऐप था टिक-टॉक. तो म्यूजिकली औरटिक-टॉक एक हुए और नाम वही रहा टिक-टॉक.Byte dance का फोटू!सवाल 4- ऐसे ऐप तो बहुत सारे हैं, फिर टिक टॉक ही क्यों इतना फेमस है?क्योंकि यहां लोगों को पागलपंती की आज़ादी मिली है. वैसे तो वीडियो ऐप पर बनते हैं,यहां लोग अपने वीडियो भी डाल लेते हैं. जिनके बहुत से फॉलोअर्स होते हैं, टिक टॉकवाली भाषा में जिनको क्राउन-व्राउन मिल जाते हैं. उनको पैसे भी मिलते हैं. लोगअलग-अलग चैलेंज में पार्ट लेते हैं और फेमस होने का फील लेते हैं. आपने वो वीडियोदेखे होंगे, जिसमें लोग आधा मुंह लड़के का और आधा मुंह लडकी का बनाकर किसी गाने परपरफॉर्म करते हैं. ऐसे ही वो चैलेन्ज भी चलते हैं जिसमें आधा मुंह ढंककर इंसान रोरहा होता है, आधे में हंस रहा होता है. लेकिन सिर्फ कलाकारी नहीं है, यहां ऐसेवीडियोज भी हैं, जिन्हें देख-सुनकर आपके कानों पर बुरा असर पड़ सकता है. डबल मीनिंगजोक्स, गंदे इशारे, सेक्सिस्ट बातें, अश्लील वीडियोज की भी भरमार है.Tik tok पर दिया नाग समेत कई ऐसे चर्चित अकाउंट हैं जिनका किया धरा Cringe कीश्रेणी में आता है.सवाल 5 - कोर्ट को टिक टॉक की सुध कहां से आ गई? सुध नहीं आई थी. याचिका गई थी उनकेपास. मदुरै के एक एक्टिविस्ट-वकील हैं, मुथु कुमार. वो मद्रास हाईकोर्ट की मदुरैबेंच में याचिका लेकर गए थे. बताया टिक टॉक का कंटेंट बहुत नंगई भरा है. इससे कल्चरको खतरा है. इस ऐप से बच्चों का शोषण हो रहा है और लोग आत्महत्या तक कर रहे हैं.सवाल 6 - क्या सच में टिक टॉक इतना गंदा है?ये तय करना सरकार और कोर्ट का काम है. हमें जो सामने नज़र आता है वो बताते हैं. 1.कुछ रोज़ पहले एक खबर आई थी. शाहजहांपुर का एक लड़का टिक टॉक पर तमंचे के साथ वीडियोबना रहा था. पुलिस ने पकड़ लिया, मुकदमा हुआ, जेल गया. बीकॉम के लड़के को टिक टॉक परव्यूज बढाने के चक्कर में जेल हो गई. 2. जनवरी में तमिलनाडु के विरुधुनगर में चारलड़कों ने पुलिस स्टेशन में एक फ़िल्मी डायलॉग पर वीडियो बनाया. पुलिस ने इसे अपनीबेइज्जती माना, डायलॉग की भाषा में अपशब्द खोजे, आईटी एक्ट की धारा 67 लगाई और जेलभेज दिया. 3. तमिल नाडु की ही एक और खबर है. तिरुथानी के पास एक लड़के वेंकटरमन कामर्डर हुआ. वजह पता लगी कि उसने दोस्त के साथ मिलकर एक वीडियो टिक टॉक पर डाला था.वीडियो में एक ख़ास कम्युनिटी को उलटा सीधा बोला गया था. इस बात से इलाके में विवादहुआ. बात बढ़ी तो लड़के फरार हुए. एक दूसरे पर दोष मढ़ा और इसी सबके चक्कर में दोस्तने दोस्त की हत्या कर दी.सवाल 7- अब टिक टॉक क्या कह रहा है इस मुद्दे पर? टिक टॉक की सफाई आ गई है कि "हमतो जी, सब काम क़ानून के दायरे में करते हैं." आगे कहा कि कोर्ट का जैसा ऑर्डर होगा,उसे पढेंगे, उस हिसाब से एक्शन लेंगे. अभी के लिए सेफ्टी बढ़ा रहे हैं. यूजर को याशासन-प्रशासन को कोई बात खराब लगती है तो उसे रिपोर्ट करने का मैकेनिजम सुधार देतेहैं.सवाल 8 - पर सरकार ने क्या कहा? क्या सरकार टिक टॉक बंद कर सकती है?अपने पर आ जाए तो सरकार कुछ भी बंद करा सकती है. लेकिन सरकार नियम-कायदे से चलतीहै. अभी सरकार मद्रास हाईकोर्ट का फैसला पढ़ रही है. मिनिस्ट्री ऑफ़ इलेक्ट्रॉनिक्सएंड इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी ये मामला देख रही है. और उसके अफसर कह रहे हैं कि कोर्टका आदेश लागू करना थोड़ा मुश्किल है. हमें कैसे पता चला? इकोनॉमिक टाइम्स नाम कीवेबसाईट ने ये खबर छापी है. मिनिस्ट्री के अफसरों का ये भी कहना है कि हम अभीरिपोर्ट पढ़ रहे हैं. जो पार्टी यानी टिक टॉक इस फैसले से प्रभावित होगी, उसे कोर्टमें जाना चाहिए. सरकार को इसमें इनवॉल्व नहीं होना चाहिए. उधर गूगल की तरफ से येबात आई कि उन्हें भी अब तक सरकार की तरफ से टिक टॉक पर रोक लगाने के कोई आदेश नहींमिले हैं.कुल जमा, टिक टॉक का भविष्य क्या होगा, सरकार की तरफ से ज्यादा क्लियर नहीं है.लेकिन मामला अगर कोर्ट की नज़र में है. तो ये बात तो पक्की है कि टिक टॉक सस्ते मेंनहीं छूटेगा. या तो सुधरेगा या उसका सब बिगड़ ही जाएगा.