लिखने वालों के अपने संकट हैं. एक ट्वीट कर लगता है, इसके बाद तो पॉलिसी लेवल मेंबदलाव आ जाएगा. कोई रीट्वीट कर दे तो लगता है अब तक ज्ञानपीठ वालों का फोन क्यों नआया? और कोई फॉलो कर ले तो लगने लगता है, अब तो अपने इलाके से लोकसभा का चुनाव लड़ही लेना चाहिए. ऐसे ही ट्विटर पर मुझे कुछ लोगों ने फॉलो कर लिया. खोलकर देखा तो रेदद्दा. वेरीफाइड अकाउंट हैं ये तो. आदमी की औकात अब ट्विटर पर उसके नाम के आगे लगेनिशान से तय होती है. ऐसे में कोई नीले टिक्के वाला आदमी आपको फॉलो करे तो समझनाचाहिए कि तरक्की कर रहे हो. तो इससे पहले कि मैं खुशी से पागल हो जाऊं, अपनी मां कोफोन लगाकर ये खुशखबरी दूं. अपने पिता को कहूं, देखो वकील साहब, जिस औलाद को तुमनेइतना नाकारा समझा, उसे आज कित्ते बड़े-बड़े लोग फॉलो कर रहे हैं. अब मैं उन दोस्तोंसे भी कहीं आगे निकल चुका था, जिनका ट्वीट केआरके लाइक कर देता है. तो ऐसा कुछ भीकरने के पहले मैंने एक नज़र इन अकाउंट्स पर मारनी जरूरी समझी. सच तो ये भी है कि येलोग कौन हैं, मुझे नहीं पता. मैं जेम्स कायसन (अगर उनका नाम ऐसे ही लेते हैं) केअकाउंट पर गया. और मेरे सारे सपने चकनाचूर हो गए. लोकप्रियता के चरम पर पहुंचकर,मैं नीचे आ गिरा. डॉक्टर शाह के क्लीनिक में इसे ही शीघ्रपतन कहा जाता है. इस भलेआदमी ने 361K लोगों को फॉलो कर रखा है. K माने हजार मान के मैंने संख्या में गुणाकिया. आंकड़ा आया, 361000. अब मैं अगर ये मानूं कि औसत नेट स्पीड से एक आदमी काअकाउंट भी देखकर फॉलो करने में इस भलमानस ने बीस सेकंड का वक़्त लगाया हो, तो समयहुआ 72,20,000 सेकंड मतलब 1,20,333 मिनट. मतलब 2005 घंटे. माने साढ़े 83 दिन. माने11 हफ्ते. तो आंकड़े ये कहते हैं कि अगर सच में इस आदमी ने मुझ समेत इतने जनों कोपढ़कर फॉलो किया है. तो इसने 11 हफ़्तों का वक़्त ट्विटर को दिया है. देखो, आदमी ऐसेब्लू टिक पाता है. ऐसे बड़ा आदमी बनता है. बड़ा आदमी बनने की अपने मुश्किलें हैं, 11हफ्ते ट्विटर पर न बैठ सको तो बड़े आदमी होने का ख्वाब देखना छोड़ दो. इसके पीछेदरअसल ट्विटर पर चल रहे स्कैम हैं. ट्विटर पर कभी भी थर्ड पार्टी ऑथेंटिकेशन शुरू नकर दें. होगा क्या कि आपको पता लगेगा आपका अकाउंट बुल्गारिया से लेकर अर्जेंटीना तकसे खुल रहा है. अचानक से किसी को भी फॉलो करने लगेंगे. कोई भी आपको फॉलो करनेलगेगा. पहले तो ये किसी ऐप या वेबसाइट के जरिये हुआ करता था, बालक बुद्धि के लोगइसे लगाकर फर्जी फॉलोअर बनाकर रुतबा गांठते थे. लेकिन अब देखिए, ब्लू टिक वालेअकाउंट्स तक ये जा पहुंचा है.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़िए:शुरू हो गयी है अनुराग कश्यप बनाम नरेंद्र मोदी की दूसरी इनिंग्सइस बार शोभा डे, सुषमा स्वराज पर ट्वीट कर फंस गईं