इंडियन साइंटिस्ट ने एक पेपर लिखा और फिजिक्स के नियम बदलने पड़ गए
महान वैज्ञानिक सत्येंद्र नाथ बोस का रिसर्च पेपर जब अंग्रेज़ी मैगजीन ने नहीं छापा तो बोस ने उसे आइंस्टीन के पास भिजवाया. यहां से शुरूआत हुई उस कहानी की जिसने भौतिकी को हमेशा-हमेशा के लिए बदल कर रख दिया.
Advertisement

हिग्ग्स-बोसॉन पार्टिकल की साल 2012 में हुई थी. इसमें बोसॉन नाम भारतीय वैज्ञानिक सत्येन्द्रनाथ बोस के नाम पर रखा गया है (तस्वीर: getty)
Story Summary

