स्वामी विवेकानंद ने क्यों कहा, भारत को धर्म की जरुरत नहीं!
1893 में 20 सितम्बर के दिन स्वामी विवेकानंद ने विश्व धर्म संसद में एक ईसाई मिशनरी को जवाब देते हुए भाषण दिया था
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धर्म संसद में विवेकानंद वीरचंद गांधी, हेविवितर्ने धर्मपाल के साथ (तस्वीर: Wikimedia Commons)
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