BJP की रैली पर हुआ पथराव तो सुवेंदु अधिकारी ने कहा, 'मिनी पाकिस्तान वालों का काम...'
ममता बनर्जी के नंदीग्राम से चुनाव लड़ने पर सुवेंदु अधिकारी ने कहा...
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नंदीग्राम से विधायक सुवेंदु अधिकारी. पहले तृणमूल के साथ थे. अब आ गए बीजेपी में. पत्थर फेंकने वालों पर दे दिया है एक विवादित बयान. (फ़ोटो : PTI)
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पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव जैसे जैसे नजदीक आ रहे हैं वैसे वैसे राजनीतिक हिंसा की खबरें भी लगातार सामने आ रही हैं. कोलकाता में सोमवार को बीजेपी की रैली में पत्थरबाजी हुई, इसके बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं ने भी जवाब में पथराव किया. कोलकाता में आयोजित बीजेपी की रैली में केंद्रीय मंत्री देबश्री चौधरी और सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari)भी मौजूद थे. पत्थरबाजी की घटना पर सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि ये मिनी पाकिस्तान के लोगों का काम है.
ख़बरों की मानें तो रैली में पहले बीजेपी कार्यकर्ताओं पर पत्थर फेंके गए थे. पत्थर फेंकने की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि मिनी पाकिस्तान और कोलकाता नगर प्रशासन से जुड़े लोग पत्थर फेंक रहे थे. हमारे लड़कों ने उन्हें कैसे खदेड़ा, ये देखने लायक था. मोदी जी के कहे की याद आ गयी, 'घुस के मारा'.
की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घोषणा की कि वह नंदीग्राम से चुनाव लड़ेंगी. इस सीट पर उनका मुकाबला कभी उनकी ही पार्टी में रह चुके सुवेंदु अधिकारी हैं. सुवेंदु इसी सीट से वर्तमान विधायक हैं, लेकिन इस बार उनकी पार्टी बीजेपी है और हो सकता है कि पार्टी उन्हें ही टिकट देकर ममता के सामने खड़ा करे. ममता के नंदीग्राम से चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद सुवेंदु अधिकारी ने भी ऐलान कर दिया है कि इस सीट से ममता बनर्जी कम से कम 50 हज़ार वोटों से हारेंगी.कोलकाता में आयोजित एक रैली में सुवेंदु अधिकारी ने कहा,Boys from Mini Pakistan & those associated with Kolkata corporation administrators were throwing stones. It was worth seeing the way our boys chased them away. It reminded us what Modi ji says -- 'ghush ke maara': BJP leader Suvendu Adhikari pic.twitter.com/xTNzuVLeef
— ANI (@ANI) January 18, 2021
“ममता बनर्जी को नंदीग्राम की याद हमेशा चुनावों के समय आती है. उन्होंने नंदीग्राम के लिए किया क्या है? ये जगह उन्हें कभी माफ़ नहीं करेगी. आप, आपके भ्रष्टाचारी भतीजे और आपका ‘प्राइवेट लिमिटेड’ जो भी ऐलान कर लें, लेकिन सच तो ये है कि अगर आप 50 हज़ार वोट से नंदीग्राम न हारीं, तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा. यहां से मैं लडूं या बीजेपी किसी और को यहां से लड़ने के लिए चुने, कोई भी ममता बनर्जी को 50 हज़ार वोटों से हरा देगा.”बहरहाल, नंदीग्राम चुनाव में सुवेंदु अधिकारी का दावा बड़ा है. और आया भी ऐसे समय पर है जब तृणमूल मुखिया ममता बनर्जी ने ख़ुद नंदीग्राम से चुनाव लड़ने की घोषणा की है. नंदीग्राम तृणमूल के लिए भी बहुत ज़रूरी सीट है. साल 2011 में राज्य की सत्ता में आने के पहले तृणमूल कांग्रेस ने नंदीग्राम में स्पेशल एकनॉमिक ज़ोन (SEZ) बनाने के लेफ़्ट सरकार के प्रस्ताव का जमकर विरोध किया था. सरकार पर आरोप लगे थे कि सरकार ज़बरदस्ती भूमि का अधिग्रहण करना चाहती है. इस प्रतिरोध ने ममता बनर्जी और उनकी पार्टी को केंद्र में लाकर खड़ा कर दिया. 2011 के चुनाव हुए. ममता बनर्जी ने लेफ़्ट का तीन दशकों से भी ज़्यादा वक़्त की सत्ता ख़त्म कर दी. राजनीतिक हलकों में चर्चा भी है कि इस सीट की ख़ास महत्ता देखते हुए तृणमूल ने इसे सुवेंदु अधिकारी को दिया था. अब ममता बनर्जी तो ख़ुद भवानीपुर से विधायक हैं. लेकिन नंदीग्राम के लिए अपने नाम का ऐलान करते हुए उन्होंने कहा, 'हो सकता है मैं भवानीपुर और नंदीग्राम दोनों जगहों से चुनाव लडूं, लेकिन अगर भवानीपुर से मैं नहीं लड़ पाई तो मेरी जगह कोई और चुनाव लड़ेगा.'

