The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Lallankhas
  • Neerja Chowdhury Former PM Narasimha Rao Ayodhya Babri Masjid Demolition Uttar Pradesh

'भाजपा खत्म हो जाएगी...', नरसिम्हा राव ने क्या जानबूझकर गिराने दी थी बाबरी मस्जिद?

चौधरी ने बताया कि इस घटना से नरसिम्हा राव काफी परेशान थे. वहीं, कथित तौर पर कांग्रेस पार्टी भी उन्हें इस घटना के लिए जिम्मेदार मानती थी. और शायद इसी वजह से उनके निधन के बाद उनके शव को दिल्ली स्थित कांग्रेस के मुख्यालय के अंदर नहीं लाया गया. बल्कि मुख्यालय के बाहर ही रखा गया.

Advertisement
pic
7 फ़रवरी 2026 (पब्लिश्ड: 10:05 PM IST)
Neerja Chowdhury, Former PM Narasimha Rao
वरिष्ठ महिला पत्रकार नीरजा चौधरी ने पी वी नरसिम्हा राव और बाबरी मस्जिद के बारे में चर्चा कीं. (फोटो- इंडिया टुडे, लल्लनटॉप)
Quick AI Highlights
Click here to view more

‘दी लल्लनटॉप’ के पॉपुलर शो 'गेस्ट इन द न्यूजरूम' में इस बार हमारी मेहमान रहीं वरिष्ठ महिला पत्रकार नीरजा चौधरी. चौधरी ने अब तक 12 प्रधानमंत्रियों को कवर किया है. लल्लनटॉप के साथ खास बातचीत में नीरजा चौधरी ने इंदिरा गांधी से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तक कार्यकाल पर बात की. इस बातचीत में लल्लनटॉप के संपादक कुलदीप मिश्र ने उनसे बाबरी मस्जिद के ध्वस्त होने और तत्कालीन प्रधानमंत्री और कांग्रेस नेता पीवी नरसिम्हा राव को लेकर भी सवाल किए, जिस पर चौधरी ने कई रोचक बातें बताईं.

बता दें कि 6 दिसंबर 1992 को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में 'विवादित बाबरी मस्जिद' को ‘हिंदू कारसेवकों’ द्वारा ध्वस्त कर दिया गया था. इस दौरान देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव थे. वहीं, उत्तर प्रदेश में भाजपा के कल्याण सिंह मुख्यमंत्री थे.

नीरजा चौधरी ने क्या बताया?

बातचीत के दौरान नीरजा चौधरी ने बताया कि बाबरी मस्जिद ध्वस्त होने के बाद नरसिम्हा राव काफी नाराज हो गए थे क्योंकि इस घटना के लिए बार-बार उन्हें ब्लेम किया जा रहा था. उन पर आरोप लगे कि उन्होंने बाबरी मस्जिद को गिरने दिया. लेकिन राव इस घटना के लिए खुद को जिम्मेदार नहीं मानते थे.

चौधरी ने बताया कि इस घटना से नरसिम्हा राव काफी परेशान थे. वहीं, कथित तौर पर कांग्रेस पार्टी भी उन्हें इस घटना के लिए जिम्मेदार मानती थी और शायद इसी वजह से उनके निधन के बाद उनके शव को दिल्ली स्थित कांग्रेस के मुख्यालय के अंदर नहीं लाया गया. बल्कि मुख्यालय के बाहर ही रखा गया.

चौधरी ने बताया कि बाबरी मस्जिद के गिर जाने के बाद कुछ पत्रकार उनसे मुलाकात करने गए. इस मुलाकात में निखिल चक्रवर्ती के साथ तीन और पत्रकार उनसे मिलने गए. निखिल चक्रवर्ती नरसिम्हा राव को सालों से जानते थे. इस मुलाकात के दौरान चक्रवर्ती ने राव से मजाकिया अंदाज में बाबरी मस्जिद को लेकर कुछ सवाल पूछा. चक्रवर्ती ने पूछा,

‘सुनते हैं कि उस दिन (बाबरी मस्जिद के ध्वस्त होने वाले दिन) आप सो रहे थे. पूजा कर रहे थे जबकि बाबरी मस्जिद गिर रही थी.’

चक्रवर्ती के इस सवाल से राव काफी उत्तेजित हो गए. इसका जवाब देते हुए राव ने चक्रवर्ती से कहा,

‘दादा (निखिल चक्रवर्ती) आप समझते हो कि मैं राजनीति नहीं समझता. मैं राजनीति में पला-बढ़ा हूं. और मैंने ये मानकर होने दिया कि इससे भाजपा की राजनीति हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी.’

नीरजा चौधरी ने आगे बात करते हुए बताया कि भाजपा के कुछ नेताओं ने उस समय दावा किया. नेताओं ने कहा कि हमने इस घटना को लेकर नरसिम्हा राव को पहले ही आगाह कर दिया था. उन्हें बताया था कि 6 दिसंबर को यह घटना होगी और आप इसके लिए तैयारी कर लें. इस दौरान चौधरी ने सवाल भी किया कि क्या जब यह घटना घटित होने लगी, तो राव ने इसलिए होने दिया कि ये जो मंदिर की राजनीति है ये यहीं पर खत्म हो जाएगी? 

यह भी पढ़ें: क्या स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा ने कारगिल युद्ध में खुद को गोली मारी थी? पाकिस्तान का झूठ बेनकाब

चौधरी ने बातचीत में आगे बताया कि नरसिम्हा राव के समय मंदिर की राजनीति सेकेंड्री हो गई थी लेकिन हिंदू नेशनलिज्म ने ठीक-ठाक रिवाइव किया. साथ ही इस घटना की वजह से बीजेपी का जोरदार उभार हुआ.

वीडियो: गेस्ट इन द न्यूजरूम: अटल बिहारी वाजपेयी क्यों बनाना चाहते थे अलग पार्टी? पत्रकार नीरजा चौधरी ने सब बताया

Advertisement

Advertisement

()