The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Lallankhas
  • Former Air Chief Marshal B S Dhanoa On Ajay Ahuja Death Kargil War India VS Pakistan OP Sindoor

क्या स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा ने कारगिल युद्ध में खुद को गोली मारी थी? पाकिस्तान का झूठ बेनकाब

भारत के पूर्व वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बी.एस. धनोआ ने कारगिल युद्ध से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक कई अहम मुद्दों पर खुलकर बात की है. इस दौरान उन्होंने कारगिल युद्ध के दौरान स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा की शहादत पर भी बड़ा खुलासा किया. जिससे एक बार फिर पाकिस्तान का झूठ बेनकाब हो गया.

Advertisement
Former Air Chief Marshal B S Dhanoa
पूर्व वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बी.एस. धनोआ ने अजय आहूजा की शहादत पर पाकिस्तान की पोल खोल दी. (फोटो- इंडिया टुडे- दी लल्लनटॉप)
pic
प्रगति पांडे
25 जनवरी 2026 (Updated: 25 जनवरी 2026, 05:47 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

गेस्ट इन द न्यूज़रूम’ (GITN) में इस बार हमारे मेहमान थे भारत के पूर्व वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बी.एस. धनोआ. उन्होंने कारगिल युद्ध से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक कई अहम मुद्दों पर खुलकर बात की. इस दौरान उन्होंने कारगिल युद्ध के दौरान स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा की शहादत पर भी बड़ा खुलासा किया. जिससे एक बार फिर पाकिस्तान का झूठ बेनकाब हो गया.

बी.एस. धनोआ ने क्या बताया?

द लल्लनटॉप को दिए गए इंटरव्यू में एयर चीफ मार्शल बी.एस. धनोआ ने बताया कि कारगिल युद्ध के दौरान विंग कमांडर कंबमपति नचिकेता(अब रिटायर्ड)  मिग-27 (MiG-27) फाइटर जेट उड़ा रहे थे. इस दौरान उन्हें बटालिक सेक्टर की ओर स्ट्राइक करना था. स्ट्राइक के दौरान उनके फाइटर जेट का इंजन बंद हो गया. जिसकी वजह से उन्हें अपने फाइटर जेट से इजेक्ट करना पड़ा. उस दौरान स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा भी लाइन अप प्वाइंट पर ही अपने फाइटर मिग-27 के साथ मौजूद थे. 

इस दौरान उन्हें नचिकेता के इजेक्ट कर जाने की सूचना मिली. जिन्हें रेस्क्यू किया जाना था. उन्होंने अपने सीनियर ऑफिसर को बताया कि उन्हें उस लोकेशन की जानकारी है. जहां नचिकेता हैं. आहूजा अपने साथी नचिकेता को रेस्क्यू करने उस स्थान पर पहुंचे. इस दौरान उनके सीनियर ऑफिसर ने उन्हें सूचना दी कि पाकिस्तान की ओर से लगातार मिसाइलों से हमला किया जा रहा है. और नचिकेता को रेस्क्यू करने से पहले ही पाकिस्तानी मिसाइल ने उनके फाइटर जेट को हिट कर दिया.

Kambampati Nachiketa
विंग कमांडर कंबमपति नचिकेता.

फाइटर जेट हिट होने के बाद आहूजा को ग्लाइड करना पड़ा. इस दौरान उन्होंने अपने जेट को 60 डिग्री टर्न करके पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में सिंधु नदी के ऊपर फ्लाई करने लगे. बाद में उन्होंने अपने सीनियर ऑफिसर को बताया कि वह फाइटर जेट से खुद को इजेक्ट करने वाले हैं. साथ ही अपनी लोकेशन भी बताई.

धनोआ ने आगे बताते हुए कहा कि आहूजा सुरक्षित लैंड हो चुके थे. और पास के ही हमारे भारतीय पोस्ट ने इसकी पुष्टि भी की थी. साथ ही बताया कि सुरक्षित लैंड होने के बाद पाकिस्तानी सेना ने उन्हें घेर लिया है. उन्होंने पाकिस्तान पर आरोप लगाते हुए कहा कि सेफ लैंडिग के बाद भी पाकिस्तानी सेना ने उन्हें गोली मार दी. लेकिन पाकिस्तान ने आज तक इस बात को नहीं मानना. उसका कहना था कि आहूजा ने खुद को गोली मार ली थी.

Ajay Ahuja
शहीद स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा.

इंटरव्यू के दौरान बी. एस. धनोआ से अजय आहूजा के पोस्टमॉर्टम पर भी बात की गई. इस सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा,

‘अजय आहूजा का पोस्टमॉर्टम श्रीनगर में कराया गया था. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ कि उन्हें 2 गोलियां लगी हैं. एक गोली उनके गले के पास और दूसरी छाती पर.’

धनोआ ने बात करते हुए बताया कि वह साल 2000 में हवाई (अमेरिका का एक राज्य) में एयरफोर्स से संबंधित एक कोर्स करने गए थे. जहां पाकिस्तानी एयरफोर्स का ऑफिसर सबिर मलिक भी मौजूद था. इस दौरान धनोआ ने पाकिस्तानी अधिकारी से कहा,

'सभ्य देश इस तरह के काम नहीं करते'

इसका जवाब देते हुए पाकिस्तानी अधिकारी ने कहा कि 'टोनी जी (धनोआ) आहूजा ने ही खुद को गोली मारी थी.' लेकिन धनोआ साहब इस बात पर सहमत नहीं हुए. उन्होंने कहा कि ‘गले पर लगने वाली गोली समझ आ सकती है कि उन्होंने इस डर से मार ली हो कि पाकिस्तानी सेना उन्हें कैप्चर न कर ले. लेकिन उनकी छाती पर गोली कैसे लगी?’

आहूजा की शहादत पर बात करते हुए बी. एस. धनोआ ने बताया कि किसी भी पायलट को मिसाइल हिट करती है या गोला लगता है. लेकिन पायलट कभी छोटी इंजरी से नहीं मरता है. और आहूजा की मौत छोटी इंजरी से हुई. इसका यह साफ मतलब है कि उसे पकड़ने के बाद गोली मार दी गई थी.

धनोआ के इस बयान से पाकिस्तान का झूठ एक बार फिर सबके सामने आ गया.

बता दें कि शहीद स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा को मरणोपरांत, कारगिल युद्ध में उनकी अद्वितीय वीरता, साहस और सर्वोच्च बलिदान के लिए भारत के प्रमुख सैन्य सम्मानों में से एक 'वीर चक्र' से सम्मानित किया गया था. यह सम्मान उन्हें 15 अगस्त 1999 को दिया गया. 

वीडियो: गेस्ट इन द न्यूजरूम: ऑपरेशन सिंदूर में जेट गिरा? अभिनंदन की पूरी कहानी क्या है? ACM बीएस धनोआ ने सब बताया

Advertisement

Advertisement

()