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डेड-सी और यहूदियों के बारे में वो बातें, जो आप नहीं जानते हैं

यहूदी सिर्फ हिटलर के मारे ही नहीं हैं, खाने के शौकीन भी हैं, इंडिया आते हैं और अब तक के 20% नोबेल जीत चुके हैं.

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लल्लनटॉप
1 नवंबर 2016 (अपडेटेड: 2 नवंबर 2016, 07:27 AM IST)
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मनुष्का

लल्लनटॉप के अंदर बड़ी चुल्ल है आप सबको पूरी दुनिया से जोड़ देने की. कोई आपके लिए जर्मनी से 'डाक यूरोप'
लाता है तो कोई नॉर्वे से 'झाजी की गप्प'
भेजता है. अब बारी है आपके मनुष्का के लिखे के प्यार में पड़ने की. मनुष्का वैज्ञानिक हैं. सुनकर डरने की जरूरत नहीं हैं, क्योंकि जो भी लिखती हैं, बड़ी मोहब्बत से लिखती हैं.

मनुष्का ने जर्मनी ने PhD की है और अभी इजराइल के टेल अवीव में कैंसर जीन थेरेपी पर रीसर्च कर रही हैं. पहाड़ों, पेड़ों, झीलों और नदियों से बेइंतेहा प्यार करती हैं. दुनिया के लड़ाई-झगड़े इनके जरा भी पल्ले नहीं पड़ते, इसलिए जो भी देखती हैं, सब खूबसूरत ही देखती हैं. ये आपके लिए लाएंगी देश-दुनिया से जुड़े किस्से और कहानियां. साथ में कुछ नुस्खे भी होंगे, जो आपकी सेहत के लिए एकदम लल्लनटॉप होंगे.

तो अब हमारी बतकही के दड़बे से बाहर निकलिए और मनुष्का के इजरायल की तरफ कूच कीजिए. जय हो!



सुरभि याद है, जो दूरदर्शन पर आता था? बचपन में एक एपिसोड में देखा था. एक झील ऐसी जिसमें आदमी लेटकर आराम से पेपर पढ़ता दिखा. यकीन नहीं हुआ तब! पिछले साल यहां आई और जब डेड-सी गई तो समझ आया कि ऐसा पानी में बहुत मात्रा में नमक होने के कारण शरीर हल्का होकर तैरने लगता है पानी में.

इसे डेड इसलिए कहा जाता है, क्योंकि इतने नमकीन पानी में कोई जीवन नहीं पनप सकत और न ही इससे पौधों को सींचा जा सकता है. ये डेड-सी रेगिस्तान के बीच इजराइल में है. उत्तर में लेबनान और सीरिया, पूर्व में जॉर्डन और फिलिस्तीन, पश्चिम में भूमध्य सागर और दक्षिण की ओर मिस्र.


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इजराइल

इजराइल क्षेत्र में हरियाणा का आधा और जनसंख्या में उत्तरांचल जितना बड़ा है. ज़्यादा पुराना नहीं. जब हमें आजादी मिली, करीब उसी समय इजराइल भी बना. हालांकि, ये दुनिया की प्राचीनतम सभ्यताओं में से एक है. यहां पर रहने वाले यहूदी धर्म का पालन करने वाले ज्यूज़ कहलाते हैं. ये दुनिया के पुरातन धर्मों में से एक है. इन्हीं से आगे चलकर ईसाई और मुसलमान धर्म बने. इन तीनो धर्मों के लोगों ने बारी-बारी येरुशलम पर कब्जा जमाना चाहा, जिसके कारण हज़ारों सालों से महायुद्ध होते आए हैं. हंसी-मजाक में इन पिछले 3000 साल की लड़ाइयों को इस साढ़े तीन मिनट के वीडियो एनीमेशन में दिखाया गया है.

https://www.youtube.com/watch?v=-evIyrrjTTY

ज्यूज जब-जब मारे गए, बचे हुए लोगों ने भागकर दूसरे देशों में शरण ली. रूस, फ्रांस, ब्राजील और यहां तक कि भारत में भी ज्यूज़ ने शरण ली. 562 BC में सबसे पुराने ज्यूज कोच्ची के ज्यूज़ हैं और अभी भी वहां इनका मंदिर है, जिसे येसिनागॉग कहते हैं. आज भी लोग इसे देखते हैं. इसी तरह बेने-इज़राइल महाराष्ट्र में रहने वाले ज्यूज़ को कहा जाता है. पुरानी हिंदी अदाकारा नादिरा ज्यू थीं.

ये वही समुदाय है, जिसके 6 मिलियन लोगों को हिटलर ने 1941 से 45 के बीच मरवाया था. तब तक इनका अपना देश नहीं था और इसलिए यूनाइटेड नेशन्स के सहयोग से इजराइल का सृजन हुआ. आज की डेट में यहूदी, ईसाई और मुस्लिम धर्म के अलावा यहां ड्रयूज़ और बहाई धर्म के लोग भी रहते हैं. मजे की बात ये है कि दुनियाभर में मिला-जुलाकर कुछ 0.2% ज्यूज़ हैं और नोबेल पुरस्कार मिलने वालों में से 20% इसी समुदाय से हैं.


महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन, ब्लैक स्वान की अभिनेत्री नताली पोर्टमैन और आपके हैरी पॉटर: डेनियल रेडक्लिफ भी इसी समुदाय से हैं. इजराइल राष्ट्र बनने के बाद दुनियाभर में बसे ज्यूज़ यहां वापस आने लगे. यूरोप से आए ज्यूज़ को अशकेनाज़ी और इराक-ईरान से वापस आए ज्यूज़ को मिजरखी ज्यूज़ बुलाया जाता है. पिक्चर देखकर समझ लीजिए कि यहां एक तरफ अतिधार्मिक ज्यूज़ हैं, तो दूसरी तरफ मॉडर्न, जो धर्म-वर्म नहीं मानते.


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नताली पोर्टमैन

इजराइल की दो राष्ट्रभाषा हैं: हिब्रू और अरबी. एक आम दिन घूमने निकलें तो इन दो भाषाओँ के अलावा अंग्रेजी, रूसी, फ्रेंच और कभी-कभी जर्मन भी सुनने में आ जाती है. पूरी दुनिया में हिब्रू बोलने वाले 9 मिलियन लोग हैं, यानि असमिया या मिथिला बोलने वालों से भी कम. यहां वर्किंग डेज़ सोमवार से शुक्रवार न होकर रविवार से गुरुवार हैं. मतलब छुट्टी शुक्रवार और शनिवार को मिलती है.

यहां ज्यूज़ जहां-जहां से आए, वहां का खान-पान औ रहन-सहन भी साथ लाए, तो आपको फ्रेंच और रूसी खाने से लेकर छोले की बनी अरब डिश हुम्मुस-पीता, फ़ालाफ़ेल तक खाने को मिलता है. ताज्जुब की बात ये है कि 8% जनसंख्या वेजीटेरियन और 3% वेगन हैं. आपकी जानकारी के लिए: वेगन वो होते हैं जो दूध और दूध से बने प्रोडक्ट्स भी नहीं खाते. यहां वेगन्स की तादाद इतनी तेजी से बढ़ रही है कि इजराइल को 'मक्का ऑफ वेगन्स' भी कहा जा रहा है. सबसे मजे की बात ये कि जापानी डिश 'सूशी' टोक्यो के बाद तीसरे नंबर पर टेल अवीव में पसंद की जाती है.


यहां इनके बच्चों के स्कूल खत्म करते ही कॉलेज की जगह सबसे पहले एक साल का कंपलसरी आर्मी ट्रेनिंग होती है, ताकि अगर देश पर अचानक हमला हो, तो हर आदमी-औरत तैयार रहे. इसीलिए ज्यादातर यंग इजराइली आर्मी ट्रेनिंग खत्म करते ही भारत आते हैं 6 महीने से लेकर सालभर तक रहने के लिए. भारत में पहाड़ों पर हाइकिंग के लिए. इस साल धर्मशाला गई, तो वहां बहुतायत में दिखे ज्यूज़. यहां तक कि ढेर सारे हिमाचली ढाबे अपने मेन्यू में इजराइली खाना भी रखते हैं.


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भारत में इजरायली

अब कुछ बातें सुरभि वाले डेड-सी की. समुद्र तल से 430 मीटर नीचे ये दुनिया की सबसे नमकीन झील है. 50 किलोमीटर लंबी और चौड़ाई में 15 किलोमीटर, जिसमें पानी आता है जॉर्डन की जॉर्डन नदी से. दोनों तरफ खूबसूरत पहाड़. झील के एक तरफ जॉर्डन और दूसरी तरफ इजराइल देश है. यहां की मिट्टी के औषधीय गुणों के वजह से इसे सोरायसिस, साइनसाइटिस और गठिया के मरीजों के लिए रिकमेंड किया जाता है. देखने के लिए यहां समुद्र, पहाड़, रेगिस्तान... सब मिलेंगे, लेकिन अगर सुरभि का वो एपिसोड याद हो, तो डेड-सी जाना मत भूलिएगा.




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