भारत की 23 साला गोल्फ बाला अदिति अशोक ओलंपिक में इतना अच्छा खेली हैं कि अचानक सेबहुत सारे लोग गोल्फ के बारे में जानना चाहते हैं. आमतौर पर गोल्फ को रिटायर्डलोगों और पैसे वालों का खेल माना जाता है. खैर होगा, लेकिन हमारी दिलचस्पी खेल कोसमझने की है. तो गोल्फ में एक छड़ी से गेंद को कम से कम शॉट मारकर छेद या बिल केअंदर डालना होता है. गोल्फ छड़ी को गोल्फ क्लब कहते हैं और छेद या बिल (सांप वाला,बिजली वाला नहीं) को होल कहते हैं. अब मान लीजिए आपसे 100 गज दूर कोई छेद है औरहमने उसके लिए नियम बनाकर पहले से ही 3 शॉट मारकर गेंद को छेद में डालना तय कर रखाहै,. आपने 4 शॉट में गेंद बिल के अंदर पहुंचाई तो आपका स्कोर कहलाएगा 1 ओवर-पारयानी जितने शॉट मिले थे उससे 1 ज्यादा. किसी दूसरे ने 5 शॉट लगाकर गेंद बिल के अंदरडाली तो उसका स्कोर हुआ 2 ओवर-पार. तीसरे खिलाड़ी ने सिर्फ 3 ही शॉट में ये काम करदिया तो उसका स्कोर हुआ 1 अंडर-पार यानी जितने शॉट मिले थे उससे 1 कम. अगर किसी होलके लिए 5 शॉट मिले हैं और आपने 5 में ही गेंद होल के अंदर डाल दी तो स्कोर कहलाएगाईवन-पार. इस तरह से कुल 18 होल या छेद होते हैं. सबके लिए अलग-अलग शॉटों की संख्यातय होती है. किसी होल के 5 तो किसी के लिए 3 या 4 शॉट. सारे होलों का स्कोर जोड़करआखिरी स्कोर तय किया जाता है. मान लीजिए 18 होलों के लिए 72 शॉट मिले यानी 72-पारका खेल था और आपने खेल पूरा करने में 80 शॉट लिए तो आपका स्कोर हुआ 8 ओवर-पार. इसे+8 भी लिखा जा सकता है. हमने यही 18 होल पूरे करने में 66 शॉट लिए तो हमारा स्कोरहुआ 6 अंडर-पार या-6 अर्थात् 72 शॉटों में 6 कम हैं. जो कम शॉट मारकर ये काम करताहै जीत जाता है. यानी जितना माइनस में स्कोर उतना अच्छा स्कोर. पहले 9 बिलों कोफ्रंटनाईन कहते हैं और आखिरी 9 बिलों को बैकनाईन. आमतौर पर 18 बिलों के लिए 71 या72 शॉट तय किए जाते हैं. इस पूरे इलाके को गोल्फ कोर्स कहा जाता है जो कई एकड़ मेंफैला होता है. आमतौर पर 18 होलों को पूरा करने में खिलाड़ी 4-5 घंटे समय लगाते हैंऔर 3-4 कोस की दूरी तय कर लेते हैं.Due to dangerous weather in the area, the final round was suspended at 12:26p.m. JST.The last group has teed off on No. 17. 🇺🇸 -17 (16) Nelly Korda 🇯🇵 -16 (16)Mone Inami 🇳🇿 -15 (16) Lydia Ko 🇮🇳 -15 (16) Aditi Ashok#Olympics #Golf —Olympic Golf (@OlympicGolf) August 7, 2021 गोल्फ कोर्स में जिस जगह से शुरूआतकरते हैं उसे टी-एरिया कहा जाता है. टी एक तरह की पिन रहती है जिस पर गेंद रखकरक्लब से पहला शॉट लेते हैं. बिल तक पहुंचने से पहले रास्ते में गहरी घास लगी रहतीहै जिसे फैयर-वे कहते हैं. दाएं-बाएं पेड़ और झाड़-झंखड़. अगर गेंद इनमें पहुंच गईतो निकालनी मुश्किल हो जाएगी. गेंद की जगह बदल नहीं सकते. खेल को और मज़ेदार बनानेके लिए बीच-बीच में गढ्ढे खोदकर उनमें मिट्टी डाल दी जाती है. इन गढ्ढों को बंकरकहते हैं. इससे होगा क्या कि अगर बंकर में आपकी गेंद गई तो उसको बिल में पहुंचानेके लिए ज्यादा मुश्किल आएगी. इसी तरह रास्ते में पानी के तालाब छोड़ दिए जाते हैं.गेंद पानी में गई तो 1 शॉट की पेनल्टी. इन बंकरों और पानी से बचाकर गेंद को पारनिकालना है और बिल तक पहुंचाना है. अब आप गेंद को मार-मारकर होल के पास ले आए हैंतो होल के पास आपको बारीक कटी घास मिलेगी. ये इलाका ग्रीन कहलाता है. होल में एकझंडा हर समय फहराता रहता है ताकि दूर से आपको होल दिखाई दे जाए. ग्रीन पर गिरी गेंदको बिल के अंदर डालना पटिंग कहलाता है. पटिंग के लिए अलग गोल्फ क्लब या छड़ीइस्तेमाल होती है क्योंकि अब आपको धीरे-से सहलाकर गेंद बिल में धकेलनी है बस. टीएरिया में आपके पास ऐसी क्लब थी जो गेंद को काफी दूर तक पहुंचा दे. एक खिलाड़ीज्यादा से ज्यादा 14 गोल्फ क्लब रखता है. गोल्फ खिलाड़ी का साजो-सामान रखने वाले कोकैडी कहते हैं. गोल्फ कोर्स पर कैडी सिर्फ आपका सामान नहीं ढोता बल्कि आपको सलाह भीदेता है कि भैय्या ये हवा का ज़ोर इस तरफ है फलां क्लब से मारोगे तो फायदा है.गोल्फ कोर्स पर सिर्फ कैडी से ही सलाह लेने की अनुमति होती है. अब चलते-चलते कुछशब्दावली. अगर आपने जितने शॉट दिए गए हैं उनसे 2 शॉट कम में गेंद बिल के अंदर डालदी तो इसे 2 अंडर-पार के अलावा एक खास नाम से भी पुकारते हैं- ईगल, ऐसे ही 1अंडर-पार बर्डी, एक शॉट ज्यादा लिया तो बोगी और 2 शॉट ज्यादा लिया तो 2 ओवर-पार या+2 या डबल बोगी. बस कुल इतनी सी कहानी है गोल्फ की. अगर आपको क्रिकेट मेंएलबीडब्ल्यू कैसे होते हैं पता है तो अब तक गोल्फ खेलना भी आ गया होगा. अभी नहीं तोरिटायरमेंट के बाद खेलिएगा पर खेलिएगा ज़रूर. हरे-भरे गोल्फ कोर्स पर !