ट्रंप की ग़लती से पलटी केमिकल से भरी ट्रेन, हवा-पानी में घुला ज़हर!
अमेरिका में ट्रेन पलटी तो लोगों को क्यों याद आया चेर्नोबिल?

यूक्रेन की उत्तरी सीमा पर एक कस्बा है चेर्नोबिल. चेर्नोबिल अपने अतीत में गुलज़ार हुआ करता था, लेकिन आज इसका एक हिस्सा पूरी तरह वीरान है. इसकी वजह है आज से 37 साल पहले हुआ एक धमाका. साल 1986 , 26 अप्रैल को चेर्नोबिल के एक न्यूक्लियर पावर प्लांट में ज़बरदस्त धमाका हुआ. धमाके ने कस्बे के एक बड़े हिस्से को तबाह कर दिया था. रिएक्टर से होने वाला धमाका इतना तेज़ था कि आसपास के कई लोगों की मौत तुरंत ही हो गई थी. धमाके के वक्त रिएक्टर की छत खुली थी. जिस वजह से रिएक्टर का रेडिएशन आसपास के इलाकों में भी फैल गया. लेकिन सोवियत संघ के आला अधिकारीयों ने मामले को दबा दिया. कहा कि कुछ हुआ ही नहीं है. सब चंगा सी! प्लांट में धमाके की ख़बर पूरी दुनिया में उनकी किरकिरी करवा देता. ऊपर से मजदूर दिवस भी करीब था. इसलिए सोवियत संघ उसकी तैयारियों में लग गया. कुछ दिन बाद आस-पास के इलाकों में बड़ी संख्या में मौतें होने शुरू हुई. हर घर से जनाज़े निकल रहे थे. बताया जाता है कि इस पूरी घटना में लगभग सवा लाख लोगों की मौत हुई. बाद में लोगों ने इन मौतों का ज़िम्मेदार सोवियत संघ को बताया. इसकी वजह थी रेडियेशन के बाद भी लोगों को सजग न करना.
सोवियत संघ ने अपनी नाक बचाने के लिए मामले को दबाया और रेडियेशन के बावजूद लोगों से इलाके खाली नहीं करवाए. जिसके नतीजे में हजारों लोगों को अपनी जान गवानी पड़ी.
आज हम इस हादसे का ज़िक्र क्यों कर रहे हैं. क्योंकि अमेरिका के एक कस्बे में ऐसी घटना हुई है जिसे संभावित चेर्नोबिल का नाम दिया जा रहा है. लेकिन अमेरिका में कोई न्यूक्लियर पावर प्लांट नहीं फटा है. बल्कि एक ट्रेन पलती है. ट्रेन में घातक रसायन भरा हुआ था. जो इलाके में फ़ैल गया है. रसायन फैलने के बाद नदियों में मछलियों के मरने की ख़बर आई. ख़बर ये भी आई कि कस्बे से 10 मील दूर तक कुछ पक्षी मरने लगे हैं. घटना तो 3 फरवरी 2022 को हुई थी. उसके फौरान बाद कुछ दिनों के लिए इलाका खाली करवाया दिया गया, अब लोगों को अपने घर वापस लौटने को कहा जा रहा है. अधिकारी इलाके को सुरक्षित बता रहे हैं लेकिन स्थानीय निवासी रसायन फैलने से डरे हुए हैं. वे इस घटना की तुलना चेर्नोबिल वाली घटना से कर रहे हैं.
तो आइए जानते हैं,
अमेरिका के ओहायो में ये घटना कैसे हुई और इसकी तुलना चेर्नोबिल से क्यों की जा रही है?
इस घटना के क्या घातक परिणाम हो सकते हैं?
और ऐसी घटना को रोकने के लिए अमेरिका में क्या नियम बनाए गए हैं?
3 फरवरी 2022 की रात एक ट्रेन अमेरिका के पेन्सिलवेनिया से मैडसन की तरफ भाग रही थी. ट्रेन में करीब 150 डब्बे थे. उन डब्बों में लबा-लब विनाइल क्लोराइड समेत कई अन्य घातक रसायन भरे हुए थे. ट्रेन तेज़ रफ़्तार से भाग रही थी लेकिन ओहायो पहुंचते-पहुंचते कुछ गड़बड़ हो गई और ट्रेन के 50 डब्बे पटरी से उतर गए. डब्बों के पटरी से उतरते ही हड़कम्प मच गया. कुछ देर में एक वहां भीषण आग लग गई. अधिकारियों ने 1 मील के दायरे का इलाका खाली करवा दिया. विनाइल क्लोराइड से भरे कुछ टैंक तो खाली हो गए थे. लेकिन कुछ भरे टैंक अभी भी रास्ते में पड़े हुए थे. अधिकारियों को अंदेशा हुआ कि अगर आग बढ़ी तो टैंकों में भरे विनाइल क्लोराइड से बड़ा विस्फोट हो सकता है. इसलिए उन्हें खाली करने का फैसला लिया गया. टैंकरों में सुराख किए गए और विनाइल क्लोराइड को निकाल दिया गया.
स्थानीय निवासियों को घर से बाहर रहने के लिए कहा गया. कुछ दिन के लिए शेल्टर और स्कूल दिए गए. फिर 8 फरवरी को लोगों को अपने घर लौटने का आदेश जारी किया गया. लेकिन कई निवासी अपने घर लौटने में डर रहे हैं. उनका कहना है कि अब वो जगह रहने लायक नहीं रही है. इसके अलावा कई लोगों के बिज़नेस भी इससे प्रभावित हुए हैं. BBC ने कुछ स्थानीय लोगों से बात की है. आइए कुछ आप बीतियां सुनते हैं-
जॉन और लिसा दोनों अपना गार्बेज ट्रक बिज़निस चलाते थे. लेकिन उस रात ट्रेन ने सब कुछ तहस-नहस कर दिया. ट्रेन पलटने से उनका पूरा बिज़निस खत्म हो गया है.
उनके पति जॉन इसकी तुलना सोवियत संघ के दौर में हुए चेर्नोबिल से करते हैं.
बेन रैटनर इसी कस्बे में एक छोटी सी कॉफी शॉप के मालिक हैं. उनके दिमाग पर घटना ने बुरा असर डाला है. वो कहते हैं
बेन जैसे कई लोग हैं जिन्हें ये घटना एक बुरी याद दे गई है. उनमें से ज़्यादातर लोग अब अपने भविष्य की चिंता करते हैं. उनका कहना है कि अब हमारा क़स्बा रहने लायक नहीं है. यहां की हवा और पानी कैमिकल की वजह से प्रदूषित हो चुके हैं. कई निवासियों ने आंख में जलन और जी मचलाने जैसी समस्याओं की शिकायत भी की है. घटना के बाद नेशनल ट्रांसपोटेशन सेफ्टी बोर्ड का बयान आ चुका है. ये बोर्ड बड़ी रेल घटनाओं की जांच करता है. बोर्ड ने कहा कि ट्रेन के पहियों को जोड़ने वाली एक्सल में खराबी आ गई थी. इसी वजह से ट्रेन पटरी से उतर गई. और यही घटना की मुख्य वजह बनी है.
लेकिन स्थानीय निवासियों की चिंताओं की वजह प्रदूषण है. कई जानकारों ने इस घटना पर अपनी गहरी चिंता ज़ाहिर की है. अब तक सुरक्षा को लेकर क्या जांच पड़ताल हुई है? अब वो जान लेते हैं-
- अमेरिका की इन्वायरमेंटल प्रोटेक्शन एजेंसी EPA इलाके की जांच कर रही है. फिलहाल इलाके में विनाइल क्लोराइड या हाइड्रोजन क्लोराइड का पता नहीं चला है. कई घरों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है. जिनकी रिपोर्ट सुरक्षित आई है और कई घरों की रिपोर्ट पेंडिंग है.
- अधिकारियों ने खुले स्त्रोतों जैसे नदी तालाब से पानी पीने की इजाज़त दे दी है. जांच में पानी सुरक्षित पाया गया है. लेकिन कई स्थानीय निवासी अभी भी बोतल वाला पानी पीना प्रिफर कर रहे हैं क्योंकि उन्हें पानी में रसायन होने का अंदेशा है.
- ओहायो डिपार्टमेंट ऑफ नेचुरल रिसोर्सेज के अनुसार, 8 फरवरी तक लगभग 3,500 मछलियां मृत पाई गई हैं.
- ओहायो की एक इन्वायरमेंटल प्रोटेक्शन एजेंसी ने कहा कि ओहायो की 2 सहायक नदियों के पानी में जांच के बाद कुछ कैमिकल डिटेक्ट किए गए हैं. इस पानी को फ़िल्टर कर ही इस्तेमाल में लाया जाना चाहिए. लेकिन ये बात सयाहक नदियों के लिए कही गई है. ओहायो से जो नदियां दूसरे राज्य जाती हैं. उन राज्यों के लोग पानी के इस्तेमाल में सावधानी बरत रहे हैं.
ये तो रहे अलग-अलग एजेंसियों के बयान और उनकी जांच की रिपोर्ट लेकिन ये पूरी कवायत शुरू हुई है ट्रेन के पलटने से. थोड़ी देर के लिए हम वापस चलते हैं ट्रेन पलटने की घटना पर. 3 फरवरी को ट्रेन पलटती है. फिर नेशनल ट्रांसपोटेशन सेफ्टी बोर्ड का एक साधारण सा बयान आता है. बयान में एक ट्रेन के एक्सल को ज़िम्मेदार बताया जाता है. एक्सल वो रॉड होती है जो ट्रेन के दो पहियों को जोड़ती है. इस बयान के बाद बोर्ड ख़ामोशी इख्तियार कर लेता है. जैसे उसकी इस मामले में कोई जवाबदेहि बनती ही नहीं है . लेकिन इन ट्रेनों की सुरक्षा को इतने हलके में नहीं लिया जाना चाहिए. हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि अमेरिका में तकरीबन ढ़ाई करोड़ की आबादी ऐसी जगह रहती हैं जहां ऐसे रसायन लाने ले जाने वाली ट्रेन का रूट है. इन ट्रेनों में ऐसे रसायन भी लाए जाते हैं जिनसे बड़ा धमाका हो सकता है. अगर ऐसी चूक होती रहेगी तो किसी बड़ी त्रासदी की आशंका बनी रहेगी. इसलिए सरकारी संस्थानों को समय रहते सजग हो जाना चाहिए. ऐसा नहीं है कि ये कोई पहली घटना है. इसके पहले भी अमेरिका में ऐसी एक घटना हो चुकी है. साल 2012 में.
न्यू जर्सी में एक ट्रेन पटरी से उतर गई थी. जिसकी वजह से 23 हज़ार गैलन विनाइल क्लोराइड ज़मीन में फ़ैल गया था. इस घटना के बाद अमेरिका की सरकार ने कैमिकल ले जानी वाली ट्रेन के लिए नियम बनाए थे. नियम के मुताबिक ऐसी ट्रेनों में इलेक्ट्रॉनिक ब्रेकिंग सिस्टम लगाया जाना चाहिए. ताकि जब अचानक से ट्रेन में ब्रेक लगे तो उसके डब्बे एक साथ रुक जाएं, वो पटरी से बाहर न जा सकें. लेकिन ट्रम्प के शासन में इस नियम को अलग कर दिया गया. तर्क दिया गया गया ये इलेक्ट्रॉनिक ब्रेकिंग सिस्टम महंगा पड़ रहा है.
3 फरवरी को ट्रेन पलटने के बाद सरकारी संस्थाएं ओहायो के निवासियों को सब ठीक होने की ताकीद कर रही है. लेकिन निवासी शकाओं के घेरे में जी रहे हैं. उनका कहना है कि कैमिकल हमारी ज़मीनों और पानी में घुल चुका है. साथ ही आग लगने से हवा में भी कैमिकल जा चुका है. इसके कुछ उदहारण देखने को भी मिलने लगे हैं. ओहायो से करीब 10 मील दूर एक व्यक्ति ने स्थानीय न्यूज़ चैनल को बताया कि ट्रेन पलटने के 1 दिन बाद उसकी 6 मुर्गियां अचानक मर गईं और एक अन्य निवासी ने नाले में कुछ मरी हुई मछली को देखा.
स्थानीय लोगों ने रेलवे कंपनी पर मुकदमें भी किए हैं. लोगों ने मांग की है कि जहां घटना हुई है उसके 30 मील के दायरे में रहने वाले लोगों की जांच और इलाज कंपनी करवाए. वहीं कंपनी ने पेशकश रखी है कि जिन लोगों का नुकसान हुआ है उन्हें 1 हज़ार डॉलर माने करीब 80 हज़ार रुपए मुआवज़े के रूप में दिए जाएंगे. लेकिन लोगों ने कंपनी की इस पेशकश को ठुकरा दी है. 15 फरवरी को ओहायो के टाउन हॉल में इसी मसले को लेकर एक मीटिंग भी रखी गई थी. लेकिन रेलवे कंपनी के लोग मीटिंग में नहीं पहुंचे. उनका कहना है कि लोग नाराज़ हैं और वहां जाने से उन्हें जान का खतरा है.
लोगों की नाराज़गी की सबसे बड़ी वजह है कैमिकल से होने वाली बीमारियां. ट्रेन से कई तरह के कैमिकल उनके इलाकों में फ़ैल गए हैं. जिससे डर का माहौल बना हुआ है. ये कैमिकल कौन-कौन से हैं? vinyl chloride, butyl acrylate, benzene, ethyl hexyl acrylate and ethylene glycol monobutyl ether. लेकिन ट्रेन में सबसे ज़्यादा मात्रा में विनाइल क्लोराइड, ब्यूटाइल एक्रिलाट मौजूद थे. आइए अब जानते हैं कि इन कैमिकल से क्या बुरे प्रभाव पड़ सकते हैं. विनाइल क्लोराइड एक रंगहीन, गंधहीन गैस है. जिसका उपयोग पीवीसी बनाने के लिए किया जाता है. ये प्लास्टिक का ही एक रूप जो कई रोजमर्रा की वस्तुओं में इस्तेमाल किया जाता है.
ये क्या प्रभाव डाल सकता है?इसके प्रभाव में आने से आपका सिर दर्द कर सकता है जी मचला सकता है. जिसकी शिकायत ओहायो के स्थानीय लोग कर रहे हैं. लेकिन अगर इसका ज़्यादा प्रभाव पड़ गया तो इससे लीवर का कैंसर होने की भी संभावना है. जब विनाइल क्लोराइड जलता है, तो ये दो जहरीली गैसें बनाता है. हाइड्रोजन क्लोराइड और फॉस्जीन. हादसे के बाद ज़मीन में फैले, विनाइल क्लोराइड पर भी आग लगी थी. जिसकी वजह से ये दो गैसें इलाके में फ़ैल गई थी. उस दिन ओहायो पर काले धुएं का बादल भी छाया रहा था.
इसके अलावा ट्रेन में ब्यूटाइल एक्रिलाट नाम का कैमिकल भी मौजूद था. ये एक रंगहीन तरल है जिसमें फल जैसी गंध होती है. इसका उपयोग पॉलिमर और पेंट बनाने में किया जाता है. इस कैमिकल के संपर्क में आने से नाक और आंखों में जलन, उल्टी और एलर्जी हो सकती है. बार-बार इसके एक्सपोजर से फेफड़ों का कैंसर भी हो सकता है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना के दौरान एक इस कैमिकल का एक टैंकर जल गया था. इसलिए इसका रिसाव ज़मीन या पानी में नहीं हो पाया. ये कैमिकल फिल वक्त चिंता का विषय नहीं है. लेकिन दूसरे कैमिकल ओहायो को प्रदूषित कर चुके हैं. ओहायो कस्बे में मौजूद लोग अपने भविष्य की चिंता कर रहे हैं. आशंका जता रहे हैं कि आने वाले दिनों में रसायनों का बुरा प्रभाव पड़ेगा. कई लोग तो इसे संभावित चेर्नोबिल का नाम भी दे रहे हैं.
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