एक टाइम था, जब नए गाने सिर्फ DD पर आया करते थे. गाने क्या आते थे. घर पर बसदूरदर्शन वाला एंटीना लगा था. हमारा घर किसी डीटीएच, डिश टीवी या केबल क्रांति मेंनहीं आया था. और एंटीना वो चीज जो दुनिया के किसे कोने में चींटी भी पाद मारे तोखराब हो जाता था. एक जमाना था, जब दुनिया की सबसे सेंसिटिव चीज एंटीना में बंधा तारहोता था. हवा बाद में चलना शुरू होती वो पहले सरेंडर कर देता था. लेकिन टेक्निकलझोल सिर्फ हमारे एंटीने में नहीं था. 2003 में एक फिल्म आई थी. साया. अनुराग बसुडायरेक्टर थे. जॉन थे, तारा शर्मा थीं. हल्ला मचा भुतही पिच्चर है. पर देखे तोमामला कुछ और था. तो इसी फिल्म का एक गाना था. हर तरफ हर जगह तू है. श्रेया घोषालइसमें दिखती हैं. स्कूल ड्रेस में गा रही होती हैं.https://www.youtube.com/watch?v=j_KX8LITVfQ टीवी पर जब भी ये गाना दिखता. गलतदिखता. इसका वीडियो-ऑडियो से मैच नहीं करता था. वीडियो आगे-आगे चलता. गाना पीछेरहता है. ऐसा जब पहली बार देखा तब भी हुआ. बाद में टीवी पर जब फिल्म आई तब भी यहीझोल था. यहां तक कि CD में फिल्म तो ठीक-ठाक चलती. लेकिन गाने की बारी आती तो फिरवही नौटंकी. माने हमने जब भी ये गाना देखा गलत ही देखा. यहां तक कि शुरुआत मेंयू-ट्यूब पर भी देखा तो सेम समस्या थी. बाद में टी-सीरीज के जो वीडियो आए उनमेंगाना सलीके से दिखा. बाद में फिल्म भूल गई. गाना भी भूल गया लेकिन अब भी कभी सुनाईदे तो याद आ जाता है ये वही गाना था जिसे हमने गलत देखा है. इसकी वजह है. फिल्म मेंजब गाना दिखाया गया, तो साथ में डायलॉग्स भी थे. गाने में नहीं. लेकिन विजुअल्सपूरे थे. इसी चक्कर में सब आगे पीछे हो गया.