हमारे यहां चाट हो चुके ऑफिस सा माहौल नहीं है. तो ऑफिस के बीच जब सबका काम जोर पकड़रहा था. हमारी डीजे वाले बाबू ने गाना बजा दिया.तितली दबोच ली मैंने, ज़िंदगी ख़याल की तेरे. सारे जहान की रंगत, मुट्ठी में आ गईमेरे.और बस यहीं से मुझे तितलियों की याद हो आई.भले रंग-भरी फुदकती दिखें. इतनी रंगीन भी नहीं होती तितलियों की दुनिया.सारे जहान की रंगत तितली भले आपके हाथों में छोड़ जाए पर खुद सिर्फ लाल, हरा और पीलारंग देख सकती है.Source- MIRIADNAआप तितली दबोचना चाहते हैं? मुश्किल है!तितली दबोचना इतना आसान भी नहीं होता. वो 19 से 40 किलोमीटर फ़ी घण्टे की रफ़्तार सेउड़ सकती है.किस खानदान से आई तितलियां?हमारे देश में लगभग पंद्रह सौ तरह की तितलियां मिलती हैं. तितलियां लेपीडाप्रेटासमूह में आती हैं लेपीडाप्रेटा मतलब शल्कपंखी. अब पूछिए शल्क क्या हैं? तो शल्क वहीदुनिया जहान की रंगत है जो तितली पकड़ने पर आपके हाथों में छूट जाती है.Source- niftyhomesteadयूं ही नहीं ये तितली बन जाती.तितलियां ऐसे ही तितली नहीं बन जातीं. पहले किसी पौधे की पत्तियों पर नीचे तरफतितली अंडे देती हैं. इन अंडों से लार्वा निकलता है. लार्वा उन्हीं पत्तियों कोखाता है. फिर लार्वा के चहुंओर एक खोल बन जाता है. जिसे हम प्यूपा कहते हैं फिरप्यूपा से तितली निकलती है.Source- tumblrहर अच्छी चीज की उम्र होती है, तितलियों की बहुत कम.तितलियां बहुत कम जीती हैं. औसतन एक महीने. मतलब आखिरी तितली जो आपने देखी थी, शायदवो अब तक मर चुकी हो. एक ऑरेन्ज और काले रंग के पंखों वाली तितली देखी होगी आपनेफोटोज में. आम सी. वो मोनार्क होती है. ये सबसे तेज उड़ने वाली तितली है. घंटे भरमें सत्रह मील उड़ सकती है. मोनार्क तितलियां हर साल अमेरिका और दक्षिणी कनाडा केइलाकों से उड़ कर मैक्सिकों के बीच मिचोकान पहाड़ियों तक पहुंचती हैं. इस दौरान येलगभग 2000 मील का सफर तय करती हैं. ये तितलियों में सबसे ज्यादा जीती हैं लगभग सातसे आठ महीने.तितलियों का भी है बगीचा.अपने देश में जमशेदपुर में टाटा स्टील जूलॉजिकल सोसाइटी के अंदर एक बटरफ्लाई गार्डनभी है. बैंगलोर में पहला तितली पार्क है.Source- Tata-Steel-Zoological-Parkसवाल करती है तितली.अमेरिका और दक्षिणी कनाडा में पाई जाने वाली क्वेश्चनमार्क तितली की छोटी-सी कालीपूंछ प्रश्नमार्क बनाती है. इसके पंख हल्के भूरे होते हैं, जिन पर लाल-नारंगी धब्बेबहुत होते हैं.किस्सों में तितलियां.वो कहानी आपने सुनी होगी, कोकून से निकलती तितली की मदद करने के लिए एक आदमी नेकोकून को काट दिया ताकि तितली जल्दी से उड़ सके पर असर उलटा ही हुआ. तितली जयशंकरप्रसाद का उपन्यास भी है जो 1934 में आया था. कहानी धामपुर नाम के गांव की है. वहांएक बाबा होते हैं बाबा रामनाथ. उन्हीं की पाली हुई बिटिया होती है बंजो यानि तितली.2014 में एक फिल्म भी आई थी इसी नाम की.क्या सुने हैं तितली के ये गाने.सूरज फिल्म का गाना है. शारदा ने गाया है 'तितली उड़ी उड़ जो चली' जाने कितनी नर्सरीराइम्स बनी होंगी इस गाने पर. कितनी बच्चियों ने पिछले पचास सालों में तितली केकपडे पहन स्कूल में इस पर डांस किया होगा. गुनगुनाया बहुत होगा देखिए भीhttps://www.youtube.com/watch?v=ic40kw9o1Usएक फिल्म आई थी तब्बू की मीनाक्षी. शुरू में गाना उसी फिल्म से बजाया है.https://www.youtube.com/watch?v=uVcRWDoj30Iशाहरुख खान, दीपिका पादुकोण. फिल्म थी चेन्नई एक्सप्रेस. गाना 'बन के तितली दिलउड़ा'.दिल किसका? दीपिका का. देखिये और पता कीजिये कौन सी तितली बन उड़ा पैपिलिओडेमोलियस या डनाउस क्रिसिप्प्स.https://www.youtube.com/watch?v=SPD3H1AZqhE