वैक्सीन आते ही कोरोना वायरस ने अपना रूप बदल लिया है!
UK में कोरोना वायरस की नई वैरायटी मिलने का क्या मतलब है?
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कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने में कई देश तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. भारत में भी वैक्सीनेशन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं. और ऐसे में आ रहे हैं नए अप्डेट्स (फोटो- PTI)
- पांच महीने में कोरोना के सबसे कम मामले.
- कोरोना वायरस ने अपना रूप बदल लिया.
- कोरोना से ठीक हुए लोगों की आंख की रोशनी जा रही.
-भारत में वैक्सीनेशन की क्या तैयारी है?
- IIT मद्रास में अचानक बढ़े कोविड केसेस का कारण क्या है?
कोरोना वायरस और कोरोना की वैक्सीन से जुड़ी ये पांच बड़ी खबरें हैं जिनके बारे में आपको ज़रूर मालूम होना चाहिए. आइए एक-एक करके इन पांचों के बारे में थोड़ा विस्तार से जानते हैं.
पहला अपडेट :
भारत में 14 दिसंबर को कोरोना के 22,065 केस सामने आए. ये पिछले पांच महीने में आया एक दिन का सबसे कम आंकड़ा है. और अब तक भारत में कोरोना से 99.06 लाख लोग पीड़ित हो चुके हैं. वहीं पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना से 354 लोगों की मौत हो चुकी है. इसके साथ देश में कोरोना से अब तक कुल 1,43,709 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, देश में 94.22 लाख लोग ऐसे हैं जो कोरोना से इंफेक्ट होने के बाद ठीक हो चुके हैं. दूसरा अपडेट :
कोरोना की वैक्सीन लोगों को लगाए जाने के साथ ही यूके में एक नए बवाल ने जन्म लिया है. वहां के वैज्ञानिकों को पता चला है कि कोरोना वायरस अब म्यूटेट कर गया है. मतलब? मतलब कोरोना की संरचना में परिवर्तन आ गया है. हाल ही में ब्रिटेन ने कोरोना के बढ़ते केसों को देखते हुए फिर से प्रतिबंध लगाना शुरू किया था. और बढ़ते केसों में जब कोरोना वायरस की पड़ताल की गई, तो पता चला कि वायरस ने अपना रूप बदल लिया है. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, सरकार ने 14 दिसंबर को संसद में ये जानकारी दी.
अब स्वास्थ्य अधिकारी मान रहे हैं कि कोरोना के बढ़ते केसो की वजह वायरस का नया रूप है. ग़ौरतलब है कि ब्रिटेन में टीयर-3 के दर्जे का प्रतिबंध लगाया गया है. जिसका अर्थ है कि लोग एक दूसरों से घर के बाहर और कम संख्या में ही मिल सकते हैं. साथ ही सारे संस्थान घरों से काम करने को प्रेरित करेंगे. बाक़ी खाद्य सेवाएं डिलीवरी और टेकअवे के लिए ही खुली रहेंगी. मतलब ऐसी स्थिति, जो कम्प्लीट लॉकडाउन के थोड़ी क़रीब है. स्वास्थ्य सचिव मैट हैंकॉक ने कहा है,
“चूंकि वायरस में परिवर्तन हो चुका है, तो अभी हम ये नहीं बता सकते हैं कि फैलाव कितना हुआ है. लेकिन अभी झटपट और तेज़ फ़ैसले लेने होंगे ताकि वैक्सीन पूरी तरह से लगाए जाने के पहले वायरस के फैलाव को रोका जा सके.”तीसरा अपडेट : ये अपडेट दिल्ली से है. कोरोना से ठीक हुए मरीज़ों में नए तरीक़े का इंफ़ेक्शन देखने को मिला है. फ़ंगल इंफ़ेक्शन. कोरोना से ठीक हुए मरीज़ों में चेहरे के हिस्से में ये इंफ़ेक्शन देखने को मिला. दिल्ली एक सर गंगा राम अस्पताल में पिछले 15 दिनों में ऐसे 13 मामले सामने आए. इस इंफ़ेक्शन से मरीज़ों के आंखों की रोशनी चली गयी. अस्पताल की तरफ से कहा गया, "ब्लैक फंगस या म्यूकोमाइकोसिस रोग लंबे समय से प्रत्यारोपण और आईसीयू और इम्यूनोडिफ़िशिएंसी रोगियों की बीमारी और मृत्यु का कारण रहा है." इस तरह के मामलों में लगभग 50 प्रतिशत मरीज अपनी दृष्टि को स्थायी रूप से खो देते हैं. अस्पताल की ओर से ये भी कहा गया है कि इन मामलों में अब तक पांच मौतें हो चुकी हैं. SGRH के सलाहकार ईएनटी सर्जन वरुण राय ने कहा कि नाक बंद, आंख या गाल में सूजन जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत ओपीडी में दिखाएं, ऐसे केसेस में ऐंटिफंगल थेरेपी जितनी जल्दी हो सके शुरू कर देनी चाहिए. चौथा अपडेट : वैक्सीन लगाने को लेकर भारत की तैयारी सामने आ गयी है. हिंदुस्तान टाइम्स में छपी ख़बर बताती है कि अधिकारी मैरिज हॉल और पोलिंग बूथ जैसी जगहों को वैक्सीनेशन केंद्र बनाने पर विचार कर रहे हैं. साथ ही इस ख़बर में ये भी दावा किया गया है कि सरकार का लक्ष्य है कि 2021 में जून आते-आते 30 करोड़ भारतीयों को कोरोना की वैक्सीन लगा दी जाए. मैरिज हॉल और पोलिंग बूथ के अलावा पंचायत भवन, नगर निगम ऑफ़िस, कैंट क्षेत्र के हॉस्पिटल और क्लीनिक, रेलवे और सेना के अस्पताल और साथ ही प्राइवेट अस्पतालों को भी वैक्सिनेशन केंद्र में शामिल करने पर विचार किया जा रहा है. इसके अलावा हर वैक्सीन साइट पर एक बार में 100 लोगों को वैक्सीन लगाई जाएगी. वैक्सिनेशन केंद्र पर तीन कमरे होंगे. पहले कमरे में रजिस्ट्रेशन होगा, दूसरे कमरे में वैक्सीन दी जाएगी और तीसरे कमरे में वैक्सीन के प्रभावों को देखने के लिए 30 मिनट का इंतज़ार करना होगा. इन सब चीज़ों के मद्देनज़र केंद्र ने ऐडवाइजरी भी जारी कर दी है. एक डिजिटल प्लैट्फ़ॉर्म पर वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन भी शुरू किया जा चुका है. हालांकि, ये अभी तक साफ नहीं है कि भारत में वैक्सिनेशन कब तक शुरू होगा. पांचवां अपडेट : IIT मद्रास. यहां पर अब कोरोना के 183 केस आ चुके हैं. और इतने केस आने के बाद तमिलनाडु सरकार ने राज्य के दूसरे कॉलेज और विश्वविद्यालयों में कोरोना की सख़्त जांच के निर्देश दिए हैं. साथ ही पूरे IIT मद्रास को सील कर दिया गया है. और सभी छात्रों के कोरोना टेस्ट के लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं. संक्रमित छात्रों में से 98 को किंग्स इंस्टिट्यूट कैम्पस के नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ एजिंग में भर्ती कराया गया है. तमिलनाडु के स्वास्थ्य सचिव डॉ. जे राधाकृष्णन ने मीडिया से कहा,
“मुख्यमंत्री जी ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि वो अपने क्षेत्र में कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में जांच करवाएं…लोगों को लगता है कि अब कोरोना कहीं नहीं है. लोगों ने मास्क पहनना बंद कर दिया. और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी नहीं करते हैं. खाने-पीने की जगहों और शादी-ब्याह की जगहों पर यही देखने को मिल रहा है,”उन्होंने आगे कहा,
“छात्रों को इस बीमारी के ख़तरे को समझना होगा. एक दूसरे के साथ बिना सोशल डिस्टेंसिंग के बैठने और मेस में खाना साथ बैठकर खाना और शेयर करने से ही इतनी बुरी तरह से कोरोना फैला है. हम मैनेजमेंट के खिलाफ़ भी कार्रवाई शुरू करेंगे, जिनकी अनदेखी और लापरवाही की वजह से ये स्थिति पैदा हुई है. हम हर बार उनसे दिशानिर्देश को मानने का आग्रह नहीं कर सकते हैं."

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