यूपी में लखनऊ से लगभग साढ़े पांच सौ किलोमीटर दूर है बागपत. वहां के जोहड़ी गांव मेंरहती हैं चंद्रो तोमर. उम्र 82 साल. छह बच्चे हैं और पंद्रहों नाती-पोते. कहने कोयूजुअल सी दादी हैं. घर के काम करती हैं. गाय का दूध दुहती हैं, चूल्हे पर रोटीसेंकती हैं. लेकिन दुनिया जानती हैं उनको. 'दादी चंद्रो' 'शूटर दादी' और 'रिवॉल्वरदादी' कहती है. वो दुनिया की सबसे सयानी महिला शार्पशूटर हैं.जब तक ख़बरों को उनकी खबर होती. 2012 में उनने लगभग 25 नेशनल चैंपियनशिप जीत लींथीं. शुरुआत की की बात है. उनकी नातिन जोहड़ी के फायरिंग रेंज में फायरिंग सीखनेजाना चाहती थी. लेकिन अकेले जाने में सकुचा रही थी. डर रही थी. चंद्रो उसका साथदेने चली गईं. शूटिंग रेंज में चंद्रो ने भी पिस्तौल उठाई कुछ निशाने लगाए. नजर पड़ीफारुक पठान की 20वीं शताब्दी के आखिरी सालों में उनने ही ये जोहड़ी रायफल क्लब शुरूकिया था. यहां से सैकड़ों बच्चे निकले. जिनने देश भर में निशाना साधा. झंडे गाड़नापुराना हो चुका है. वहीं कोच भी थे. वो चंद्रो की स्किल्स देख चउआ ही गए. सधे हाथथे, जमी नजर थी. एक शूटर होने के लिए जो चाहिए होता था, सब था. फारुक ने उन्हेंक्लब ज्वाइन करने को कहा. दादी शूटर हो गई.Source - mea.gov.inदिल्ली में एक बार मुकाबला हुआ दिल्ली के डीआईजी से, दादी से डीआईजी भी हारे. दादीने सोना जीता. डीआईजी फोटो खिंचाने के नाम से भाग गए. बार-बार कहा, कैसी फोटो? मैंएक औरत के हाथों हार गया. चंद्रो दादी ने वेटरन कैटेगरी के टोकरों मैडल जीते हैं.सिर पर पल्लू, हाथ में मोटे कड़े, हरियाणे के पारंपरिक कपड़े और आंख में काला चश्मालगाए, दादी जब फायर करती है तो कई-कई भरम टूटते हैं. फिर चाहे वो उम्र को लेकर होंया औरतों को लेकर. ऐसा भी नहीं कि हर कोई चंद्रो की कोशिशों के साथ खड़ा था. शुरूमें लोग खिल्ली उड़ाते. कहते बुढ़िया इस उम्र में अब क्या कारगिल जाएगी. लेकिन कुछकरने के लिए हमेशा कारगिल जाने की जरूरत नहीं होती. ये बात कई लोगों को समझ लेनीचाहिए. आप जो कर रहे हैं उसमें बेस्ट होकर भी देश का उतना ही भला करते हैं. दादी केबेटी है. सीमा. वो भी शार्प शूटर. पहली इंडियन महिला थीं, जो शार्प शूटर भईं औरराइफल और पिस्टल वर्ल्ड कप में मेडल जीता. साल था 2010. नातिन नीतू सोलंकीइंटरनेशनल शूटर हैं. विदेशों में खेलीं. पीछे 'शूटर दादी' का हाथ था ही.उनके लिए निशानेबाजी करना सिंपल नहीं था. साथ में देवरानी प्रकाशी तोमर को भी तैयारकिया. प्रकाशी 57 साल की थीं. बाद में उनने भी कम कमाल नहीं किए. उनके बारे में औरबातें फिर कभी.दादी कैमरे पर भी कमाल करती है. कलर्स टीवी है. ससुराल सिमर का दिखाता है. सिमरमक्खी हो जाती है. बिग बॉस में बाबा झगड़ता है. उसी कलर्स पर शो आता है. इंडिया गॉटटैलेंट. ये वहां भी दिखीं. जल्द ही हिस्ट्री चैनल पर OMG INDIA में दिखने वाली हैं.सत्यमेव जयते में भी नजर आईं.उनको ढेरों सम्मान भी मिले. अभी गांव की लड़कियों को निशानेबाजी की ट्रेनिंग भी देतीहैं. बाकी कई बच्चों का रास्ता भी उनको देख खुला.