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आजम खान के साथ दिन रात रहने वाले ने बड़ा धोखा दिया है!

उसी ने BJP ज्वाइन कर ली, जिसने आजम के लिए कभी अखिलेश को जली-कटी सुना दी थी!

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फसाहत अली खान ने UP बीजेपी के अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी की मौजूदगी में बीजेपी ज्वाइन की | फोटो: आजतक
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अभय शर्मा
22 नवंबर 2022 (अपडेटेड: 22 नवंबर 2022, 04:57 PM IST)
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उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) का रामपुर जिला (Rampur District). जिले का नाम सुनते ही एक सियासी नाम याद आ जाता है. आजम खान (Azam Khan), समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता. 45 सालों में 10 बार रामपुर से चुनाव जीत चुके हैं. लेकिन, अब काफी समय से मुश्किलों में हैं. पहले जेल में रहे, फिर विधानसभा की सदस्यता चली गई. सदस्यता जाने के बाद अब रामपुर शहर सीट पर उपचुनाव हो रहा है. सपा से टिकट आजम खान के बेहद करीबी आसिम रजा को मिला है. आजम और उनका पूरा परिवार रजा को जिताने के लिए रात-दिन मेहनत कर रहा है.

लेकिन, चुनाव से पहले आजम खान को लगातार झटके लग रहे हैं. एक के बाद एक उनके सहयोगी साथ छोड़ रहे हैं. इसी क्रम में सोमवार, 21 नवंबर को आजम खान के एक बेहद क़रीबी सपा नेता फसाहत अली खान (Fasahat Ali Khan) उर्फ़ शानू ने भी उनसे राहें जुदा कर लीं और BJP में शामिल हो गए. फसाहत अली आजम के मीडिया प्रभारी भी थे. रामपुर में सपा का काफी कामकाज उनके ही पास था.

आजम खान के कितने ख़ास थे फसाहत अली?

आजम खान से फसाहत अली की करीबियों के कई किस्से हैं. जब आजम जेल में बंद थे, तो शानू ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को निशाने पर ले लिया था. शानू ने कहा था,

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एक समय आजम खान को समाजवादी पार्टी से निकाल दिया गया था, उस समय शानू ने आजम के समर्थन में 'आजमवादी' मंच बनाया था. और उनके लिए समर्थन जुटाया था. 

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फसाहत अली खान | फाइल फोटो: फेसबुक

अब जब आजम खान के इतने करीबी नेता ने सपा छोड़ BJP ज्वाइन कर ली, तो पहला सवाल यही उठ रहा है कि आखिर फ़साहत ने आजम से क्यों मुंह मोड़ लिया?

आजतक से जुड़े आमिर खान ने फ़साहत अली से इस मुद्दे पर बात की.

सपा छोड़ने और बीजेपी ज्वाइन करने का कारण बताते हुए उन्होंने कहा,

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कुछ दिनों पहले शानू आजम खान से नाराज हो गए थे? 

आजतक से जुड़े कबूल अहमद के मुताबिक रामपुर विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी के कई नेता खुद को आजम खान के सियासी उत्तराधिकारी के तौर पर देख रहे थे. जब आजम खान को कोर्ट से तीन साल की सजा हुई और रामपुर सीट खाली हुई तो सपा से टिकट के लिए कई दावेदार सामने आए. इस कतार में फसाहत अली खान उर्फ शानू भी थे, लेकिन आजम खान ने अपने करीबी नेता आसिम रजा पर भरोसा जताया. कई लोगों का मानना है कि इसी के चलते शानू बीजेपी को समर्थन देकर, आसिम रजा के विधानसभा पहुंचने की राह में कांटे बिछा रहे हैं.

फसाहत अली को बीजेपी ज्वाइन करवाने के पीछे का एक कारण रामपुर के वोटों का समीकरण भी बताया जाता है. रामुपर में 52 फीसदी मुस्लिम, 45 फीसदी हिंदू और 3 फीसदी के करीबी सिख समुदाय के लोग हैं. बीजेपी जानती है कि रामपुर का चुनाव जीतना है तो मुस्लिम वोटों को साधना पड़ेगा. बताते हैं कि इस वजह से बीजेपी ने फसाहत अली खान को अपने खेमे में लाने के लिए पूरा जोर लगा दिया.

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