बाबा बेसलेस हफ्ते भर से अपने स्यामसिंग मोबाइल का पैकेट डाटा ऑन करते हैं. कुछफेसबुक पोस्ट, कुछ ट्वीट, कुछ भटसप मैसेज देखते हैं. बेचैन होकर वापस बंद कर देतेहैं. रोज उनके पास आने जाने वालों का तांता लगा हुआ है. जब से पता चला है कि "देशकैशलेस इकॉनमी बन रहा है." तब से उनकी बेचैनी बढ़ती जा रही है. वो गांव वालों को अबतक यही समझाते आए हैं कि कैसे सरकार ने नोटबंदी का फैसला गरीब जनता के हक में लियाहै. कैसे गरीब चैन की नींद सो रहा है और अमीर नींद की गोली खा रहा है. वो रोज भटसपपर आए मैसेज पढ़कर गांव वालों को यकीन दिलाते हैं कि इस एक कदम से दुनिया बदलनेवाली है. बस पचास दिन की टेंसन है फिर कम से कम पचास हजार साल तक हमारीअर्थव्यवस्था पर कोई संकट नहीं आएगा. वो हर एक मैसेज से "जरूरी डाटा" निकालते हैं.इससे आतंकियों का कितना नुकसान हुआ. कितने काले धन होल्डरों ने खुदकुशी की. ISI केकितने कर्मचारी इस महीने की तनखाह न पाकर नौकरी छोड़ दिए. सरकार से लेकर बैंकअधिकारी तक किस हद तक मुस्तैद होकर काम कर रहे हैं. वो सरकारी अधिकारी जिन परलापरवाह होने का ठप्पा लग चुका था. वो तीन तीन दिन घर नहीं जाते. पूरा गांव इसमुहिम में सरकार के साथ है. लेकिन ये नई चरस कैशलेस इकॉनमी वाली बड़ी बेचैनी पैदाकिए हुए है. सवेरे पिंटू सन ऑफ ठाकुर अक्षय प्रताप आया. बाबा बेसलेस लोटा हाथ मेंलिए कुल्ला कर रहे थे. सन ऑफ अक्षय प्रताप ने पल्सर से उतरकर पूछा बाबा, आज कुछदेखा? टीवी वाले भी बौराए हैं साले. कल शाम से कैशलेस कैशलेस की माला जप रहे हैं. ईकैशलेस का है बाबा? इससे कउनो परेशानी तो न होगी हम लोगों को? बाबा ने मुंह से पानीउगलकर कहा "देखो पिंटू. कुछ दिन टीवी देखना बंद कर दो. या जो चैनल हम बता रहे हैंबस वो देखो. कुछ चैनल स्याले देश में अफरा तफरी का माहौल बना रहे हैं. इनसे बचो. येकैशलेस इकॉनमी का पूरा पहलू नहीं दिखा रहे. ये कितने काम की चीज है. ई साले कभी नबताएंगे. तुम सही किये जो हमाए पास आ गए. तुमको हम सब समझा देंगे. तुम सारे गांव कोसमझा देना. इससे घबराने की जरूरत नहीं है. इसके फायदे ही फायदे हैं." पिंटू आश्चर्यमिश्रित आंखें चौड़ी करते हुए बोले- अच्छा बाबा. एकाध फायदा हमरी बालक बुद्धी मेंभी डालो. बाबा बोले, ये सरकार का समान नागरिकता वाला समाज बनाने की तरफ पहला कदमहै. जेब में हजार का नोट रहे तो अगला सौ का नोट रखे आदमी को आंख दिखाता है. ये खतमहो जाएगा. टुन्नू भर का कार्ड होगा. जिसमें किसी को पता नहीं होगा कि दस रुपए है यादस लाख. उड़ो बेट्टा कितना उड़ोगे. दूसरा फायदा. जनता का आध्यात्मिक पक्ष मजबूतहोगा. हर बाबा बछिया ये बताता है कि पैसा हाथ का मैल है. मोह माया से दूर रहो. जेबमें गर्मी रहती है तो आदमी में घमंड आ जाता है. अब सुनो जो बाबा बेसलेस बताते हैं.जब जेब में धन ही न रहेगा तो कोई निर्धन पर रौब कैसे झाड़ेगा? इस तरह बहुत बड़े पापसे बचेगी जनता. इस लोक के साथ वह लोक भी सुधरेगा. पिंटू आज आर पार के मूड में थे.बोले "बाबा, लेकिन ये होगा कइसे?" बाबा बेसलेस- घबराओ मत पेटीएम करो. पिंटू- हमारेघर में जो पेटी है उसमें तो अम्मा का खजाना रखा है. कहती हैं वो अब छोटू की बहुरियाको देंगी. तो पेटी में तो हो नहीं पाएगा कुछ. बाबा बेसलेस- नेट बैंकिंग के लिएअप्लाई कर दो. ट्रेन का टिकट से लेकर फोन रिचार्ज तक उससे हो जाएगा. पिंटू- लेकिनबाबा उसके लिए पहले स्यामसिंग का मोबाइल होना चाहिए न. और ये बताओ कि हम मंगरू कीदुकान से आधा किलो प्याज और सौ ग्राम हरी मिर्ची लाए तो नेट बैंकिंग से उसका पेमेंटवहीं करना पड़ेगा कि घर आकर भी रकम उसको दे सकते हैं. लेकिन अगर वो बिना पैसा दिएप्याज और मिर्ची न लाने दिया तो? बाबा बेसलेस- डेबिट या क्रेडिट कार्ड है तुम्हारेपास? पिंटू- हमारे पास तो है बाबा. अम्मा की पेटी में रखा है. बाबा बेसलेस- तो उसकोनिकालो बे. उससे पेमेंट होगा अब. पिंटू- लेकिन बाबा डेबिट को पैसा दिया कैसे जाएगा?वो अपने आप आकर हमसे ले लेगा क्या? बाबा बेसलेस- अबे कोई मोबाइल है तुम्हारे पास?मोबाइल बैंकिंग ले लो. और सुनो. फालतू की बहस मत करो. देश की तरक्की में योगदान दो.पिंटू- लेकिन बाबा हम तो पंचई कक्षा पास हैं. तब भी हमरे पल्ले नहीं पड़ रही हैआपकी बात. तो मंगरू की अम्मा, सुंदर की चाची, बग्गड़ चाचा को कइसे समझ में आएगी येगड़बड़ रामायण. नत्थू को दस रुपए की कुटकी तमाखू लेनी होती है तो पेटी में कइसेकरेंगे. बाबा हमको तो लगता है उल्टा. ये पेटी ओटी और नेट बैंकिंग सब चोंचला है.हमको तो लगता है इससे पुराना जमाना लौट आएगा. जिसमें चीज से चीज बदल कर बिन्निसकिया जाता था. जैसे हम मंगरू से प्याज लेंगे तो उसके अपने खेत की आधा किलो आधी जौदेंगे. नत्थू तमाखू के बदले अगले दुकानदार की हंसिया पीटकर धार तेज कर देगा. इस तरहहमारी परंपरा एक बार फिर जीवित हो उठेगी. बाबा बेसलेस- देखो पिंटू तुम अक्षय प्रतापसे बेसी हुसियार हो गए हो. कैशलेस इकॉनमी ऐसे अचानक ऩहीं आएगी जैसे तुम डर रहे हो.सरकार धीरे धीरे इसका इंतजाम करेगी. अभी तो कैश बिग बाजार से भी मिलेगा. उसके बादजब नोट मिलनी एकदम बंद हो जाएगी तो मंगरू, नत्थू, बग्गड़ सब पेटीएम करेंगे. तुमसरकार की मंशा पर क्वेस्चन नहीं कर सकते. पिंटू- बस बाबा बस. सरकार की तरफ तो हमतिरछी निगाह से देख ही नहीं सकते. इतने दिन लाइन में लगकर ये तो समझ में आ गया किसरकार की बनाई लाइन पर चलना है. बाबा बेसलेस ने ये इन्फॉर्मेशन आग की तरह फैला देनेका आदेश देकर पिंटू को विदा किया. रजनीगंधा और तुलसी का पैकेट फाड़कर मुंह मेंफेंका. और मोबाइल लेकर नई जानकारियां जुटाने में व्यस्त हो गए. आप जाते जाते कैशलेसइकॉनमी का सबसे बड़ा फायदा देखते जाओ. https://youtu.be/sCMbCI0UhEA?t=13--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें: 'प्रधानमंत्री चुना है, जादूगर नहीं' कहने वालों को एक देशभक्त काजवाब भावुक तो हम भी हैं मोदी जी, पर कोई मानता नहीं जब प्लेन हाईजैक करने वालों कोकांग्रेस ने इनाम में विधायकी का टिकट दिया