मेयर चुनाव जीतने के बाद जोहरान ममदानी ने नेहरू को याद किया, पता है क्या कहा?
ममदानी ने आगे कहा कि ये जीत न्यूयॉर्क के लिए एक नए युग का प्रतीक है. उन्होंने साहस के साथ नेतृत्व करने का वादा किया. ममदानी बोले, "ये वो दौर होगा जिसमें न्यूयॉर्क के लोग अपने नेताओं से बड़े विजन की उम्मीद करेंगे कि हमें क्या हासिल करना है."

भारतीय मूल के जोहरान ममदानी न्यूयॉर्क के पहले भारतीय-अमेरिकी मुस्लिम मेयर बन गए हैं. डेमोक्रेट ममदानी ने न्यूयॉर्क मेयर चुनाव में पूर्व गवर्नर एंड्रयू कुओमो को हरा दिया है. चुनाव जीतने के बाद विनिंग स्पीच में ममदानी ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को याद किया.
चुनाव नतीजों के बाद समर्थकों को संबोधित करते हुए ममदानी ने नेहरू के ऐतिहासिक "Tryst with destiny" स्पीच कोट की. ये वही स्पीच है जो पूर्व पीएम ने 1947 में भारत की आजादी की पूर्व संध्या पर दी थी. ममदानी ने नेहरू के सबसे चर्चित शब्दों को दोहराते हुए कहा,
ममदानी ने आगे कहा कि ये जीत न्यूयॉर्क के लिए एक नए युग का प्रतीक है. उन्होंने साहस के साथ नेतृत्व करने का वादा किया. ममदानी बोले,
युगांडाई-भारतीय मूल के ममदानी ने ये भी प्रतिज्ञा की कि उनका प्रशासन शहर के कॉस्ट ऑफ लिविंग संकट को प्राथमिकता देगा. ममदानी ने कहा,
50 फीसदी से ज्यादा वोट मिलेमीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ममदानी 1 जनवरी को मेयर पद की शपथ लेंगे. इसके साथ ही वो पिछली एक सदी में न्यूयॉर्क के सबसे युवा मेयर भी बन जाएंगे. स्थानीय चुनाव बोर्ड के मुताबिक, इलेक्शन में 20 लाख से ज्यादा लोगों ने वोटिंग की. ममदानी ने अब तक 50 फीसदी से ज्यादा वोट हासिल कर लिए हैं. 10 लाख से ज्यादा लोगों ने उनके पक्ष में वोट डाला है. 1969 के बाद से शहर में मेयर पद के लिए सबसे ज्यादा मतदान हुआ है.
अपने चुनावी अभियान के दौरान, ममदानी रिपब्लिकन्स के निशाने पर रहे. इनमें अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप भी शामिल हैं. ट्रंप ने ममदानी को ‘कम्युनिस्ट’ करार दिया था और धमकी दी थी कि अगर ममदानी जीत गए तो वो फेडरल फंडिंग रोक देंगे. ट्रंप ने ममदानी के अमेरिकी होने की उनकी योग्यता पर भी सवाल उठाया, जबकि ममदानी 2018 से ही अमेरिकी नागरिक हैं.
कौन हैं जोहरान ममदानी?33 साल के जोहरान ममदानी, भारतीय-अमेरिकी फिल्म डायरेक्टर मीरा नायर के बेटे हैं. मीरा नायर ने 'मॉनसून वेडिंग' और 'द नेमसेक' जैसी फिल्में बनाई हैं. ममदानी, न्यूयॉर्क के क्वींस से विधानसभा के सदस्य हैं. उनका जन्म युगांडा के कंपाला में हुआ. सात साल की उम्र में वो न्यूयॉर्क चले गए. उनके पिता महमूद ममदानी एक प्रसिद्ध युगांडाई लेखक हैं और भारतीय मूल के मार्क्सवादी विद्वान हैं.
ममदानी की पढ़ाई-लिखाई न्यूयॉर्क में ही हुई. उन्होंने ब्रोंक्स हाई स्कूल ऑफ साइंस और बोडोइन कॉलेज से अफ्रीकाना स्टडीज की पढ़ाई की. 2018 में वो अमेरिकी नागरिक बन गए. राजनीतिक पारी शुरू करने से पहले उन्होंने हाउसिंग काउंसलर का काम किया. वो घर खरीदने, उसे किराए पर लेने, आवास से जुड़े नियमों को लेकर जागरूकता बढ़ाने, घरों के लिए किफायती दर तय करने जैसे कामों से जुड़े हुए थे.
वीडियो: जोहरान ममदानी के विवादित बयानों के बीच उनकी पत्नी चर्चा में क्यों?

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