The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • Women Reservation Act 2023 comes into force amid parliament debate nari shakti vandan

संसद में होता रहा हंगामा, सरकार ने आधी रात को लागू कर दिया महिला आरक्षण कानून 2023

Women Reservation Act 2023: यह अभी साफ नहीं है कि 2023 के इस अधिनियम को 16 अप्रैल से लागू क्यों कर दिया गया, जबकि संसद में इसी कानून में संशोधन को लेकर बहस चल रही है.

Advertisement
pic
17 अप्रैल 2026 (पब्लिश्ड: 11:41 AM IST)
Women Reservation Act 2023,
महिला आरक्षण अधिनियम 2023 देश भर में लागू हो गया है. (सांकेतिक फोटो: आजतक)
Quick AI Highlights
Click here to view more

देश भर में ‘महिला आरक्षण अधिनियम 2023’ गुरुवार, 16 अप्रैल को देर रात से लागू हो गया है. केंद्रीय कानून मंत्रालय ने इस संबंध में नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है. इस अधिनियम के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में एक-तिहाई (33%) सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं. हालांकि, यह अभी साफ नहीं है कि 2023 के इस अधिनियम को 16 अप्रैल से लागू क्यों कर दिया गया, जबकि संसद में इसी कानून में संशोधन को लेकर बहस चल रही है.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, एक अधिकारी ने कानून को लागू करने के पीछे ‘तकनीकी कारणों’ का हवाला दिया, लेकिन इस बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया. अधिकारी ने कहा कि हालांकि यह एक्ट लागू हो गया है, लेकिन मौजूदा कार्यकाल में आरक्षण लागू नहीं किया जा सकता. अधिकारी ने बताया कि महिलाओं के लिए आरक्षण अगली जनगणना के आधार पर परिसीमन (डिलिमिटेशन) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद लागू किया जाएगा.

सरकार अब क्यों कर रही कानून में बदलाव?

सितंबर 2023 में, संसद ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पास किया, जिसे आमतौर पर महिला आरक्षण एक्ट के नाम से जाना जाता है. इस एक्ट में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें रिजर्व करने का प्रावधान किया गया. 2023 के कानून के तहत, रिजर्वेशन 2034 से पहले लागू नहीं होगा, क्योंकि यह 2027 की जनगणना के बाद डिलिमिटेशन की प्रक्रिया पूरी होने से जुड़ा है.

लोकसभा में जिन तीन विधेयकों पर अभी बहस चल रही है, उन्हें सरकार इसलिए लेकर आई है ताकि 2029 में ही महिलाओं के लिए कोटा लागू किया जा सके. इन बिलों पर 17 अप्रैल को शाम 4 बजे वोटिंग होनी थी, लेकिन उससे पहले ही देश भर में यह बिल लागू कर दिया गया. 

ये भी पढ़ें: लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े 3 बिल पेश, परिसीमन पर संग्राम, पूरा मामला समझ लें यहां

विपक्षी पार्टियों का कहना है कि वे महिलाओं के रिजर्वेशन का समर्थन करती हैं, लेकिन इसे डिलिमिटेशन से जोड़ने का विरोध करती हैं. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष महिला आरक्षण का पूरी तरह समर्थन करता है, लेकिन डिलिमिटेशन का विरोध करेगा. कानूनी जानकारों ने यह भी चेतावनी दी है कि सीटों के बंटवारे, डिलिमिटेशन और रिजर्वेशन को एक फ्रेमवर्क में मिलाने से राजनीतिक रूप से संवेदनशील स्थिति बन सकती है. 

वीडियो: दी लल्लनटॉप शो: महिला आरक्षण और परिसीमन पर संसद में क्या बोले मोदी, प्रियंका और अखिलेश

Advertisement

Advertisement

()