लेबनान के इलाकों में इजरायल के हमले, हिजबुल्लाह का बड़ा हथियार डिपो तबाह
इन हमलों में हिजबुल्लाह के कई महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया गया. IDF ने दावा किया कि इन हमलों में सीरिया से लगी सीमा पर स्थित चार क्रॉसिंग पॉइंट्स को तबाह किया गया. ये पॉइंट्स हथियार तस्करी के लिए इस्तेमाल हो रहे थे.

इजरायली सेना (IDF) ने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के हथियार डिपो और ऑपरेटिव्स पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं. ये हमले बुधवार, 21 जनवरी को हुए, जिनमें हिजबुल्लाह के कई महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया गया. IDF ने दावा किया कि इन हमलों में सीरिया से लगी सीमा पर स्थित चार क्रॉसिंग पॉइंट्स को तबाह किया गया. ये पॉइंट्स हथियार तस्करी के लिए इस्तेमाल हो रहे थे.
हमलों से पहले आईडीएफ ने दक्षिणी लेबनान के कई गांवों जैसे कन्नारित (Qennarit), कफूर (Kfour), यानौह (Yanouh) और सिदोन के आसपास के इलाकों में रहने वाले नागरिकों को निकलने की चेतावनी जारी की थी. टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के मुताबिक इन हमलों में हिजबुल्लाह के दो ऑपरेटिव्स को मारा गिराया गया. पहला अबू अली सलामेह, जो यानौह गांव में हिजबुल्लाह का लायजन ऑफिसर था.
आईडीएफ के अनुसार, सलामेह ने दिसंबर 2025 में लेबनानी सेना के एक हथियार डिपो को नष्ट करने से रोका था. उसने हिजबुल्लाह को हथियार हटाने में मदद की और बाद में साइट को खाली दिखाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए. वो नागरिक इलाकों में आतंकी ढांचा बनाने और लेबनानी सेना की मदद करने का जिम्मेदार था.
दूसरा हमला सिदोन के पास जहरानी इलाके में हुआ. जहां मोहम्मद अवातशेह नामक हिजबुल्लाह के प्रमुख हथियार तस्कर को मार गिराया गया. अवातशेह इराक, सीरिया और खाड़ी देशों से हथियारों की तस्करी का प्रबंधन करता था और एक फ्रंट कंपनी के जरिए प्रतिबंधित सामग्री सप्लाई करता था.
IDF ने कहा कि ये ठिकाने नागरिक आबादी के बीच बने हुए थे. जो हिजबुल्लाह द्वारा लेबनानी नागरिकों को मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल करने का एक और उदाहरण है. इन गतिविधियों से नवंबर 2024 के युद्धविराम का उल्लंघन हो रहा है और इजरायल के लिए खतरा पैदा हो रहा है.
लेबनानी सेना ने इन हमलों की कड़ी निंदा की और इसे लेबनान की संप्रभुता और युद्धविराम का उल्लंघन बताया. उन्होंने कहा कि ये हमले नागरिक इमारतों और घरों पर किए गए, जिससे सेना के हिजबुल्लाह को खत्म करने के प्रयास बाधित हो रहे हैं.
ये हमले उस सीजफायर के बाद हो रहे हैं, जो नवंबर 2024 में अमेरिकी मध्यस्थता से हुआ था. उस युद्धविराम के बाद इजरायल ने दक्षिणी लेबनान से ज्यादातर सैनिक वापस बुला लिए थे, लेकिन पांच रणनीतिक बॉर्डर पोस्ट पर कब्जा बनाए रखा. तब से आईडीएफ ने हिजबुल्लाह के 400 से ज्यादा ऑपरेटिव्स को मार गिराया और सैकड़ों ठिकानों पर हमले किए हैं.
वीडियो: इजराइल का गाजा पर हमला, 200 लोग मारे गए

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