महाकुंभ मेले से वायरल हर्षा रिछारिया अब कुंभ से चली जाएंगी, कहा कि उनके गुरु का अपमान हुआ है
Harsha Richhariya ने इस बात पर भी सवाल उठाया है कि उन्हें मॉडल कहा जा रहा है. इससे पहले उन्होंने कहा था कि उन्हें साध्वी कहना ठीक नहीं रहेगा. उन्होंने Swami Anand Swaroop की ओर से उठाए सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी है.
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महाकुंभ से वायरल हुईं हर्षा रिछारिया (Harsha Richhariya), अब कुंभ मेले से चली जाएंगी. उन्होंने कहा है कि उनका नाम लेकर उनके गुरु को बदनाम किया जा रहा है. 16 जनवरी को इंडिया टुडे ग्रुप को दिए एक इंटरव्यू में हर्षा ने कहा कि वो अगले दो से तीन दिनों में वहां से जाने वाली हैं. वो अपने घर उत्तराखंड जाएंगी.
उन्होंने कहा कि ये उनका खुद का फैसला नहीं है. हर्षा ने कहा,
Harsha Richharia के गुरु कौन हैं?एक लड़की जो कुंभ से बहुत कुछ सीखना चाहती थी, उसे यहां से जाना पड़ रहा है. ये शर्मनाक है. ये मेरा निजी फैसला नहीं है. जब तक बात मुझ तक थी, कोई दिक्कत नहीं थी. लेकिन अब बात मेरे गुरु की है.
एक वायरल वीडियो में हर्षा ने कहा था कि वो आचार्य महामंडलेश्वर की शिष्या हैं. वो महाकुंभ के पहले अमृत स्नान में महामंडलेश्वर के शाही रथ पर भी बैठी थीं. इस बात को लेकर विवाद हो गया. काली सेना के प्रमुख स्वामी आनंद स्वरूप ने इस पर आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि कुंभ का आयोजन ज्ञान और आध्यात्म के प्रसार के लिए किया जाता है, इसका उपयोग मॉडलों के प्रचार के लिए नहीं किया जाना चाहिए.
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रिछारिया ने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि उन्हें मॉडल कहा जा रहा है. उन्होंने कहा,
Swami Anand Swaroop के बारे में क्या कहा?मैं एक्टर और एंकर रह चुकी हूं, लेकिन मुझे मॉडल बताया जा रहा है, जो गलत है.
हर्षा ने कहा कि उन्हें स्वामी आनंद स्वरूप के कारण कुंभ से जाना पड़ रहा है. उनसे सवाल पूछा गया था कि क्या वो आगे चलकर बिग बॉस जैसे किसी रियलिटी शो में दिख सकती हैं. इसके जवाब में उन्होंने कहा,
मुझे अभी बहुत सीखने और समझने की जरूरत है. मैं सबके लिए बकरा बन गई हूं. मुझे अब महाकुंभ से जाना पड़ रहा है. इसका श्रेय मैं स्वामी आनंद स्वरूप को दूंगी. मैं अपने गुरुदेव से आंखें नहीं मिला पा रही हूं, मैं वापस उत्तराखंड जा रही हूं. एक बेटी और शिष्या होने के नाते, मैं ये नहीं चाहती कि मेरे गुरु को निशाना बनाया जाए.
रिछारिया, निरंजनी अखाड़ा से जुड़ी हैं. इस विवाद के बाद उनके अखाड़े को भी निशाना बनाया जा रहा है. इसके जवाब में उन्होंने स्वामी आनंद स्वरूप के बारे में कहा,
हम जैसे बालक आपसे कुछ सीखना चाहते हैं, लेकिन जब कुछ संत अभद्र टिप्पणी करते हैं तो वो समाज के लिए और खुद उनके लिए शर्मनाक है. काली सेना के अध्यक्ष हैं आप, सब कुछ आप हैं. मेरे जरिए प्रसिद्ध होना चाहते हैं. वो खुद को संत बताते हैं लेकिन खुद शादीशुदा हैं, पहले खुद को देखें.
एक साध्वी के रूप में वायरल होने और इस पर विवाद के बाद, हर्षा रिछारिया ने सफाई दी. लल्लनटॉप से बातचीत में हर्षा ने स्पष्ट किया कि वो साध्वी नहीं हैं बल्कि साध्वी बनने की प्रक्रिया में हैं.
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