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MBBS की 50 में से 42 सीटें मुस्लिमों को..., वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज की लिस्ट देख भड़की BJP

Vaishno Devi Medical Institute Admission Row: जम्मू-कश्मीर में ये विवाद तब शुरू हुआ, जब 2025-26 सत्र के लिए MBBS की पहली लिस्ट में 50 में से 42 सीटें मुस्लिम छात्रों को मिलीं. इसके बाद विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल जैसे हिंदू संगठनों ने इसे लेकर विरोध प्रदर्शन किया. BJP नेता उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के पास शिकायत लेकर पहुंच गए.

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23 नवंबर 2025 (पब्लिश्ड: 12:02 PM IST)
Vaishno Devi Medical College muslim admission row jammu kashmir bjp protest
जम्मू कश्मीर बीजेपी ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को ज्ञापन दिया.(फोटो: X/@pathania_rs)
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बीजेपी की जम्मू-कश्मीर इकाई ने श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस (SMVDIME) में मुस्लिम छात्रों के एडमिशन पर आपत्ति जताई है. जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विपक्ष के नेता और BJP विधायक सुनील शर्मा ने अपनी पार्टी के कुछ नेताओं के साथ उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की. उन्होंने एक ज्ञापन देकर प्रवेश नियमों की समीक्षा और सुधार की मांग की.

क्या है पूरा मामला?

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, यह विवाद तब शुरू हुआ, जब 2025-26 सत्र के लिए MBBS की पहली लिस्ट में 50 में से 42 सीटें मुस्लिम छात्रों को मिलीं. इसके बाद विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल जैसे हिंदू संगठनों ने इसे लेकर आपत्ति जताई और सड़कों पर उतर आए. 

उन्होंने आरोप लगाया कि वैष्णो देवी मंदिर को मिले दान से बने संस्थान को हिंदुओं को प्राथमिकता देनी चाहिए. इसके अलावा उन्होंने SMVDIME को अल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा देने की मांग की. उधमपुर के भाजपा विधायक आर एस पठानिया ने भी VHP और बजरंग दल की मांग का समर्थन किया.

इस हफ्ते की शुरुआत में यह विरोध प्रदर्शन और बढ़ गया था, जब युवा राजपूत सभा, बजरंग दल और कल्कि मूवमेंट के सदस्यों ने इंस्टीट्यूट तक मार्च किया और जबरन एक गेट को खुलवाया. उनके नेताओं ने दावा किया कि केवल सात हिंदुओं और एक सिख को ही एडमिशन दिया गया है.

एडमिशन रोकने की मांग

इससे पहले, विश्व हिंदू परिषद की जम्मू-कश्मीर इकाई के अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए कहा था कि संस्थान के 2025-26 सत्र के एडमिशन रोक देने चाहिए. उन्होंने मांग की कि मैनेजमेंट को अपनी गलती सुधारनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अगले सत्र में ऐसा न हो. उन्होंने जारी की गई 50 छात्रों की लिस्ट को “मेडिकल कॉलेज का इस्लामीकरण करने की साज़िश” बताया. 

ये भी पढ़ें: वैष्णोदेवी मंदिर के दान से बने मेडिकल कॉलेज में मुस्लिम स्टूडेंट ज्यादा? VHP–बजरंग दल सड़क पर

संस्थान ने क्या कहा?

रिपोर्ट में संस्थान के अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि एडमिशन सही तरीके से किए गए हैं और नेशनल मेडिकल काउंसिल (NMC) की गाइडलाइंस के अनुसार ही हैं. जिसके मुताबिक 85% सीटें जम्मू-कश्मीर के निवासियों के लिए आरक्षित होनी चाहिए और 15% सीटें देश के बाकी हिस्सों के कैंडिडेट्स के लिए होनी चाहिए.

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि नियमों के तहत किसी समुदाय को संस्थान में आरक्षण देना संभव नहीं है, क्योंकि वैष्णोदेवी मेडिकल इंस्टीट्यूट को अल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा नहीं दिया गया है. 

वीडियो: इकरा हसन ने सदन में वैष्णों देवी यात्रा का नाम लेकर क्या मांग की, जिसकी खूब हो रही चर्चा ?

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