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उत्तराखंड के चमोली-रुद्रप्रयाग में बादल फटा, 4 घर बहे, दो लोग लापता, कई मलबे में फंसे

Uttarakhand में लगातार हो रही Heavy Rain से पर्वतीय जिलों में Landslide और जलभराव की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं. Chamoli जिले में India-China Border को जोड़ने वाला मलारी National Highway लाता गांव के पास अचानक पहाड़ी टूटने से बंद हो गया, जिससे एक दर्जन से अधिक गांव का संपर्क तहसील मुख्यालय से कट गया है.

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उत्तराखंड में लगातार बादल फटने की घटनाएं हो रही हैं. (इंडिया टुडे)
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अंकित शर्मा
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29 अगस्त 2025 (Published: 11:25 AM IST)
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उत्तराखंड (Uttarakhand) में बारिश और बाढ़ का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. राज्य के चमोली (Chamoli Cloudburst) जिले में एक बार फिर से बादल फटने की घटना सामने आई है. ये घटना चमोली के देवाल तहसील के मोपाटा में हुई है. इस हादसे के चलते दो लोगों के लापता होने की खबर है. प्रशासन ने मौके पर पहुंच कर राहत और बचाव का काम शुरू कर दिया है. चमोली के अलावा रुद्रप्रयाग से भी बादल फटने की खबर है.

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट करके इसकी जानकारी दी है. उन्होने लिखा, 

रुद्रप्रयाग जिले के बसुकेदार क्षेत्र के बड़ेथ डुंगर तोक और चमोली जिले के देवाल क्षेत्र में बादल फटने से मलबा आया है. इसकी वजह से कुछ परिवार फंस गए हैं. स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव काम तेजी से कर रहा है. मैं लगातार अधिकारियों के संपर्क में हूं. और आपदा सचिव और जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बचाव कार्य सही तरीके से और तेजी से किए जाएं.

रुद्रप्रयाग में बढ़ रहा अलकनंदा और मंदाकिनी का जलस्तर

रुद्रप्रयाग जिले में अलकनंदा और मंदाकिनी नदी के संगम पर जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. अलकनंदा नदी खतरे के निशान को पार कर गई है, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है. नदी का पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया है. इसके चलते प्रशासन ने प्रभावित घरों को खाली कराया है. हालात इतने गंभीर हैं कि रुद्रप्रयाग का हनुमान मंदिर भी नदी के पानी में डूब गया है.

इंडिया टुडे से बातचीत में डीएम प्रतीक जैन ने बताया,

 बसु केदार क्षेत्र में भारी बारिश के चलते 4 घरों के बहने की सूचना है. सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया है. और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. भारी बारिश को देखते हुए रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चमोली, हरिद्वार और पिथौरागढ़ जिलों में आज स्कूलों की छुट्टी की गई है.

उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश से पर्वतीय जिलों में भस्खलन और जलभराव की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं. चमोली जिले में भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाला मलारी राष्ट्रीय राजमार्ग लाता गांव के पास अचानक पहाड़ी टूटने से बंद हो गया, जिससे एक दर्जन से अधिक गांव का संपर्क तहसील मुख्यालय से कट गया है.

ये भी पढ़ें - उत्तराखंड में आधी रात को फिर फटा बादल, चमोली में घर-दुकानें हुईं तबाह, एक लड़की की मौत

मौसम विभाग ने 29 अगस्त को देहरादून, बागेश्वर, नैनीताल और पिथौरागढ़ में तेज बारिश की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है. वहीं बाकी क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है. उत्तराखंड में अगले दो दिन अलग-अलग क्षेत्रों में भारी बारिश को देखते हुए पूरे प्रदेश को येलो अलर्ट पर रखा गया है.

वीडियो: हिमाचल प्रदेश-उत्तराखंड में भारी बारिश, कई जगहों पर बादल फटे, भारी जानमाल का नुकसान

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