The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • uttar pradesh heart wrenching case etah 8 year old boy carries his mothers dead body to hospital for postmortem

8 साल के बच्चे ने मां का पोस्टमार्टम अकेले कराया, एटा से दिल तोड़ने वाली कहानी

अकेले ही मां का इलाज फर्रुखाबाद, कानपुर और यहां तक कि दिल्ली तक कराया. पिछले आठ दिनों से वो मेडिकल कॉलेज में दिन-रात मां की सेवा में लगा रहा.

Advertisement
uttar pradesh heart wrenching case etah 8 year old boy carries his mothers dead body to hospital for postmortem
बच्चा अकेला ही मां के शव को लेकर जिला मुख्यालय पहुंचा. (फोटो- इंडिया टुडे)
pic
प्रशांत सिंह
16 जनवरी 2026 (Published: 01:12 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

उत्तर प्रदेश के एटा जिले में 8 साल के एक मासूम बच्चे की मां की मौत के बाद परिवार का कोई भी सदस्य मदद करने नहीं पहुंचा. यहां तक कि बच्चे को मां का पोस्टमार्टम भी खुद ही कराना पड़ा. ये घटना अपनों की बेरुखी और एक छोटे बच्चे की अदम्य हिम्मत की जीती-जागती मिसाल बन गई है.

इंडिया टुडे से जुड़े देवेश पाल सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक ये मामला एटा जिले के जैथरा थाना क्षेत्र के नगला धीरज गांव का है. मृतका नीलम लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं. जानकारी के अनुसार, उनकी मौत एचआईवी संक्रमण से जुड़ी जटिलताओं के कारण वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान हुई.

बच्चे के पिता की मौत भी एक साल पहले इसी बीमारी से हो चुकी थी. इसके बाद परिवार में कोई सहारा नहीं बचा था. रिश्तेदारों ने जायदाद के लालच में न केवल इलाज में कोई मदद की, बल्कि बीमारी के डर से दूरी भी बना ली. इस मुश्किल घड़ी में 8 साल के इस बच्चे ने कमाल का साहस दिखाया. उसने अकेले ही मां का इलाज फर्रुखाबाद, कानपुर और यहां तक कि दिल्ली तक कराया. पिछले आठ दिनों से वो मेडिकल कॉलेज में दिन-रात मां की सेवा में लगा रहा. मां की मौत के बाद जब अंतिम संस्कार और पोस्टमार्टम की बारी आई, तो रिश्तेदारों ने कंधा देने से साफ इनकार कर दिया. चाचा और अन्य परिजनों ने शव को छूने तक से गुरेज किया.

ऐसे में बच्चा अकेला ही मां के शव को लेकर जिला मुख्यालय पहुंच गया. अस्पताल पहुंचकर उसने खुद पोस्टमार्टम की औपचारिकताएं पूरी कराईं. पोस्टमार्टम रूम के बाहर वो बिलखता हुआ मां के शव के पास खड़ा रहा, बार-बार मदद की गुहार लगाता रहा, लेकिन कोई आगे नहीं आया. इस दृश्य को देखकर अस्पताल स्टाफ और मौजूद लोग भावुक हो उठे. बच्चे की आंखों में आंसू और चेहरे पर बेबसी की तस्वीर पूरी तरह दिल तोड़ देने वाली थी.

जैथरा थाना प्रभारी रितेश ठाकुर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत हस्तक्षेप किया. पुलिस ने बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित की और अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी प्रशासन ने ली. अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि बच्चे को हरसंभव मदद मुहैया कराई जाएगी, ताकि वो अकेला न रहे.

वीडियो: मेरठ में हुए हत्या और अपहरण पर चंद्रशेखर ने क्या कह दिया?

Advertisement

Advertisement

()