स्कूल से लौट रहा था 5 साल का बच्चा, उठा ले गए अमेरिकी एजेंट, ट्रंप की पॉलिसी खून के आंसू रुला रही
5 साल के लियाम को हिरासत में लेकर टेक्सास के डिटेंशन सेंटर में रखा गया है. कुछ देर बाद लियाम के पिता को भी हिरासत में ले लिया गया. इस घटना को लेकर अमेरिका में जमकर राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है. क्या है ये मामला? सब जानिए.

अमेरिका में डॉनल्ड ट्रंप प्रशासन की सख्त इमिग्रेशन पॉलिसी एक बार फिर विवादों में आ गई है. मिनेसोटा के कोलंबिया हाइट्स में 5 साल के प्रीस्कूल में पढ़ने वाले बच्चे लियाम कोनेजो रामोस को अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंट्स (ICE) ने उसके पिता के साथ डिटेन कर लिया. बच्चा नीला हैट और स्पाइडर-मैन बैकपैक लेकर घर लौट रहा था, तभी एजेंट्स उसे और उसके पिता को टेक्सास के एक डिटेंशन सेंटर में ले गए. ये पिछले कुछ हफ्तों में इस स्कूल का चौथा बच्चा है जिसे ICE ने पकड़ा है.
बच्चा और उसका परिवार मूल रूप से इक्वाडोर के रहने वाले हैं. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक दिसंबर 2024 में वो टेक्सास बॉर्डर पर पहुंचे थे. उन्होंने वहां असाइलम (शरण) के लिए अप्लाई किया था.
सोशल मीडिया पर हुआ विरोधसोशल मीडिया पर जब बच्चे की तस्वीर वायरल हुई तो लोगों ने इसका विरोध किया. सवाल उठे कि भला एक 5 साल का बच्चा क्या नुकसान पहुंचा सकता है? वो स्कूल से लौट रहा था. क्या अपराध करके लौट रहा था? उसका क्या आपराधिक रिकॉर्ड था? क्या उसने कोई क्राइम किया था? क्या ऐसा करना कानूनन सही है?
मामला बढ़ने पर अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग की स्पोकपर्सन ट्रिशिया मैकलॉघलिन ने बताया,
“जब एजेंट्स ने पिता को पकड़ने की कोशिश की, तो वो पैदल ही भाग गए और बच्चे को गाड़ी में ही छोड़ दिया. एजेंट्स ने कोशिश की थी कि लियाम को कम से कम उसकी मां के पास छोड़ दिया जाए. लेकिन उन्होंने भी अपने पास रखने से साफ इनकार कर दिया.”
मैकलॉघलिन ने बताया,
“लियाम के पिता खुद चाहते थे कि वो एजेंट्स के साथ चला जाए. वो घर के अंदर किसी पर चीख रहे थे कि दरवाजा मत खोलना. उन्हें डर था कि एजेंट्स सभी को हिरासत में ले लेंगे.”
हालांकि, डिस्ट्रिक्ट सुप्रिटेंडेंट स्टेनविक कुछ और बता रहीं हैं. जब लियाम को पकड़ा गया, तो घर के एक सदस्य ने कहा था कि बच्चे को उनके पास छोड़ दिया जाए. लेकिन अधिकारियों ने मना कर दिया.
मामले को लेकर लियाम के स्कूल बोर्ड की अध्यक्ष मैरी ग्रैनलुंड का भी स्टेटमेंट सामने आया है. उनका कहना है कि घर के अंदर से कोई चिल्ला रहा था कि लियाम को वो अपने साथ रख लेगा. उसे मत ले जाइए.
उन्होंने खुद भी बच्चे को अपने पास रखने की बात कही. लेकिन एजेंट्स नहीं माने. स्कूली अधिकारियों ने आरोप लगाया की एजेंट्स ने लियाम से कहकर घर का दरवाजा नॉक करवाया. ताकि बाकी के घरवालों को हिरासत में लिया जा सके. उसे एक ढाल के तौर पर इस्तेमाल किया गया.
एजेंट्स ने आरोपों से किया इंकारहालांकि, इन आरोपों से एजेंट्स इंकार कर रहे हैं. लियाम को हिरासत में लेकर टेक्सास के डिटेंशन सेंटर ले जाया गया. बाद में लियाम के पिता को भी हिरासत में लिया गया. परिवार के वकील का कहना है,
"वो बिना परमिशन के नहीं आए हैं. सारे रूल्स फॉलो किए. कानूनी प्रक्रिया के जरिए यहां रह रहे हैं."
वकील से जब असाइलम के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इस बारे में बताने से इंकार कर दिया. उन्होंने इसे कॉन्फिडेंशियल बताया.
कमला हैरिस ने किया बच्चे का बचावमामला सामने आने के बाद राजनीति भी शुरू हुई. तस्वीर वायरल होने पर डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता कमला हैरिस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर के लिखा,
“लियाम बच्चा है. उसे घर पर होना चाहिए. न की ढाल की तरह इस्तेमाल करके टेक्सास डिटेंशन सेंटर में रखना चाहिए. मुझे बहुत गुस्सा आ रहा है. और आपको भी आना चाहिए.”

लीगल एक्सपर्ट्स का कहना है कि लियाम को उसकी मर्जी के खिलाफ हिरासत में लेने के लिए एजेंट्स के पास ठोस कारण होना चाहिए. वो देश में अवैध रूप से रह रहा है इसका सबूत होना जरूरी है. अगर उसके माता पिता उसे साथ रखना चाहते हैं तो इसकी अनुमति मिलनी चाहिए. इस मामले पर उपराष्ट्रपति जेडी वांस ने एजेंट्स का बचाव किया है. वो बोले,
“बच्चे को हिरासत में नहीं लिया गया है. वो खुद कह रहा है कि उसके पिता अवैध रूप से यहां रह रहे हैं.”
हालांकि, गौर करने वाली ये है कि भला एक 5 साल के बच्चे को वैध-अवैध माइग्रेशन के बारे में कितनी ही जानकारी होगी? खैर, जेडी वांस ने तब भी इन एजेंट्स का बचाव किया था जब उन्होंने एक कार में महिला को गोली मार दी थी. उसकी पहचान रेनी गुड के तौर पर हुई थी. वो तीन बच्चों की मां थीं. अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग के मुताबिक महिला ने अधिकारियों को कार से टक्कर मारने की कोशिश की थी, जिसके बाद कार्रवाई की गई थी.
दो हफ्तों में चार बच्चों को हिरासत में लियामिनियापोलिस में स्कूल अधिकारियों का कहना है कि पिछले दो हफ्तों में लियाम चौथा बच्चा है जिसे हिरासत में लिया गया है. इन चार बच्चों में से दो हाई स्कूल के स्टूडेंट हैं. चौथी एक 10 साल की बच्ची है, जिसे उसकी मां के साथ तब पकड़ा गया जब वो स्कूल जा रही थी.
ऐसा क्यों किया जा रहा है? और लोगों को हिरासत में लेने वाले ये अधिकारी कौन हैं?
दरअसल, ये एजेंट्स ICE से जुड़े हैं. माने, इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट. ये अमेरिका की एक फेडरल एजेंसी है. देश में अवैध इमिग्रेशन को रोकने, डिपोर्टेशन और क्रॉस बॉर्डर क्राइम्स पर कार्रवाई करने का काम इनके जिम्मे होता है.
ये एजेंसी गृह सुरक्षा विभाग के तहत काम करती है. और फिलहाल पूरे पावर में हैं. वजह हैं ट्रंप. वो अमेरिका में अवैध इमिग्रेशन की रोकथाम के लिए कड़ा ऑपरेशन चला रहे हैं. उन्हें लगता है कि देश में अवैध इमिग्रेशन से क्राइम बढ़ रहा है. इसलिए चुन चुन कर सबको देश से बाहर निकाला जाना चाहिए.
ट्रंप ने चुनाव प्रचार के दौरान ही वादा किया था कि अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा मास डिपोर्टेशन चलाएंगे. जो फिलहाल होता भी दिख रहा है. कभी फैक्ट्रियों या फार्मों पर छापे मारे जाते हैं. कभी किसी को रास्ते से उठा लिया जाता है. कभी गोली मार दी जाती है.
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