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UP ATS ने दबोचा ISI का जासूस, नाम रविंद्र, पाकिस्तान के लिए क्या करता था?

UP ATS ने ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के कर्मचारी रविंद्र कुमार को गिरफ्तार किया है, जो मोबाइल के जरिए पाकिस्तानी खूफिया एजेंसी ISI को संवेदनशील जानकारी भेजता था. जांच में पाया गया कि रविंद्र पाकिस्तानी इंटेलिजेंस एजेंसी को गोपनीय दस्तावेज लीक कर रहा था.

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Pakistani Spy
ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के कर्मचारी को UP ATS ने जासूसी के आरोप में पकड़ा. (India Today)
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संतोष शर्मा
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14 मार्च 2025 (Updated: 14 मार्च 2025, 06:10 PM IST)
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उत्तर प्रदेश एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (UP ATS) ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के एक जासूस को गिरफ्तार किया है. आरोपी रविंद्र कुमार फिरोजाबाद जिले के हजरतपुर स्थित ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में चार्जमैन के पद पर काम करता है. उसे लखनऊ स्थित एटीएस मुख्यालय से गिरफ्तार किया गया है. ATS ने बताया कि आरोपी रविंद्र एक पाकिस्तानी हैंडलर को ऑर्डिनेंस फैक्ट्री और देश के डिफेंस से जुड़ी जानकारी देता था.

इंडिया टुडे से जुड़े संतोष शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक, रविंद्र कुमार को फेसबुक पर 'नेहा शर्मा' नामक एक फर्जी प्रोफाइल के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर ने अपने जाल में फंसाया. बीते साल रविंद्र ने इस फर्जी अकाउंट से बातचीत शुरू की और धीरे-धीरे संवेदनशील जानकारी शेयर करने लगा.

एटीएस की जांच में खुलासा हुआ कि रविंद्र कुमार ने ऑर्डिनेंस फैक्ट्री की डेली प्रोडक्शन रिपोर्ट, स्टॉक की मांग, क्रिमिनल सर्कुलेशन से जुड़े दस्तावेज और गगनयान प्रोजेक्ट जैसे सीक्रेट डॉक्यूमेंट्स को ISI हैंडलर को भेजा. इसके अलावा, ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के सीनियर अधिकारियों और 51 गोरखा राइफल्स के अफसरों और लॉजिस्टिक ड्रोन के ट्रायल से जुड़े संवेदनशील दस्तावेज भी उसके मोबाइल से बरामद किए गए.

एडीजी यूपी एटीएस नीलाब्जा चौधरी ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि एटीएस यूपी और उनकी सहयोगी एजेंसियों को जानकारी मिली थी कि रविंद्र कुमार नाम का एक व्यक्ति अपने पाकिस्तानी ISI हैंडलर के साथ अलग-अलग गोपनीय और संवेदनशील जानकारी शेयर कर रहा था.

चौधरी ने आगे बताया,

हमारी आगरा यूनिट ने रविंद्र कुमार से शुरुआती पूछताछ की और उसे विस्तृत पूछताछ के लिए एटीएस मुख्यालय बुलाया गया, जहां यह साबित हुआ कि उसने 'नेहा' नामक एक हैंडलर के माध्यम से काफी संवेदनशील जानकारी शेयर की थी. यह ISI मॉड्यूल लंबे समय से काम कर रहा है. वे लोगों को फंसाते हैं और उनसे जानकारी निकालते हैं, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा है.

रविंद्र कुमार ने यह सारी जानकारी पैसों के लालच में शेयर की थी. उसने व्हाट्सएप के जरिए भी गोपनीय जानकारी भेजी थी. एटीएस ने रविंद्र के एक साथी को भी गिरफ्तार किया है, जिसकी भूमिका की जांच की जा रही है.

यूपी एटीएस ने सभी संवेदनशील सरकारी संस्थानों को सुरक्षा जांच और एसओपी को अपडेट करने के निर्देश दिए हैं. इसके अलावा ATS ने इन संस्थानों से अपने कर्मचारियों का मिनिम लेवल का सिक्योरिटी चेक मेंटेन करने के लिए भी कहा है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं ना हों. एटीएस अब पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए आगे की जांच कर रही है.

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