'ट्विशा शर्मा की सास ने शादी में मांगे थे 2 लाख रुपये', CBI की FIR में और क्या खुलासे हुए?
Twisha Sharma Death Case: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने ट्विशा शर्मा मामले में FIR दर्ज कर ली है. FIR में दर्ज आरोपों में एक आरोप यह भी शामिल है कि ट्विशा शर्मा की सास गिरिबाला सिंह ने शादी के समय 2 लाख रुपये मांगे थे.

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने ट्विशा शर्मा मामले में FIR दर्ज कर ली है. एजेंसी ने दहेज मृत्यु का मामला दर्ज किया है. FIR में लगाए गए आरोपों में यह भी शामिल है कि ट्विशा शर्मा की सास गिरिबाला सिंह ने शादी के समय 2 लाख रुपये की मांग की थी, जिसे ट्विशा के परिवार ने पूरी कर दी थी. ट्विशा शर्मा की शादी दिसंबर 2025 में रिटायर्ड जज गिरिबाला के बेटे समर्थ सिंह से हुई थी. शादी के ठीक पांच महीने बाद 12 मई को ट्विशा ने कथित तौर पर अपनी जान दे दी. सीबीआई की टीम ने भोपाल पहुंचकर जांच शुरू कर दी है.
आजतक से जुड़े अरविंद ओझा की रिपोर्ट के मुताबिक, सीबीआई ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2), 85 और 3(5) के साथ दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत मामला दर्ज किया है.
25 मई को दर्ज FIR के मुताबिक, ट्विशा के ससुराल वालों पर शादी के बाद से ही दहेज को लेकर उसे परेशान करने का आरोप है. शिकायत में कहा गया है कि ट्विशा को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जा रहा था.
‘शादी के समय 2 लाख रुपये की मांग’इस मामले में पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया गया है. FIR में कहा गया कि ट्विशा के परिवार ने अपनी क्षमता से ज्यादा समर्थ को दहेज दिया था. यह भी आरोप है कि गिरिबाला सिंह ने शादी के समय ट्विशा के परिवार से 2 लाख रुपये मांगे थे, जो पीड़ित परिवार ने उनकी मांग पर दे दिए थे. सीबीआई अब इस मामले में दहेज मृत्यु, उत्पीड़न, साजिश और दूसरे संभावित अपराधों की जांच कर रही है.

33 साल की ट्विशा ने मध्यप्रदेश के भोपाल में कथित तौर पर अपनी जान दे दी थी. ट्विशा के परिवार ने उनके पति समर्थ सिंह (जो एक वकील हैं) और सास गिरिबाला सिंह (जो पहले जिला जज थीं) पर दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है. समर्थ सिंह के परिवार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया है कि ट्विशा को नशे की लत थी.
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सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था?सुप्रीम कोर्ट ने ट्विशा शर्मा केस का स्वत: संज्ञान लेकर 25 मई को सुनवाई की. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने मीडिया से अनुरोध किया कि वे बयान लेने के लिए सीधे पीड़ित परिवार के पास ना जाएं. इस सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने भी अहम टिप्पणी की. उन्होंने कहा है कि बेटी का तलाकशुदा होना, उसकी मौत से बेहतर है. फिलहाल, CBI मामले की जांच कर रही है.
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