The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • Tripura MBA Student Murder In Dehradun Racial Attack

'चीनी नहीं, भारतीय हैं...', सबकुछ बताने के बाद भी देहरादून में त्रिपुरा के छात्र की हत्या कर दी गई

हमले के 18 दिन बाद पीड़ित की मौत हो गई. आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.

Advertisement
Dehradun
देहरादून में त्रिपुरा के छात्र की धारदार हथियार से हत्या. (सांकेतिक तस्वीर- इंडिया टुडे)
pic
प्रगति पांडे
27 दिसंबर 2025 (अपडेटेड: 31 दिसंबर 2025, 12:01 AM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

देहरादून में एक 24 साल के MBA छात्र की हत्या कर दी गई. बताया जा रहा है कि छात्र और उसके भाई पर 5 लोगों के एक ग्रुप द्वारा 'नस्लीय' कमेंट करने के बाद चाकुओं से हमला किया गया था. जिसके 18 दिन बाद छात्र की हॉस्पिटल में मौत हो गई. वहीं, पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.  

पीड़ितों की पहचान 24 साल के एंजेल चकमा और माईकल के तौर पर हुई है. दोनों त्रिपुरा के उनाकोटी जिले के रहने वाले थे और देहरादून में रहकर पढ़ाई करते थे. मृतक एंजेल देहरादून के एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी में Master of Business Administration (MBA) का छात्र था. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार,9 दिसंबर को मृतक और उसके भाई 5 लोगों के एक ग्रुप ने नस्लीय गालियां दी और चाकू से हमला किया. जिसमें दोनों भाई बुरी तरह घायल हो गए.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक झड़प के दौरान एंजेल ने आरोपियों से कहा,

Embed

FIR के मुताबिक आरोपियों ने पीड़ितों को पुलिस में शिकायत न करने की धमकी दी थी. अगर पुलिस स्टेशन में शिकायत की, तो उन्हें जान से मार देंगे.

हमले में एंजेल को सिर और पेट में गंभीर चोटें आईं. शुक्रवार, 26 दिसंबर को उसने हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया. वहीं माईकल के सिर में गंभीर चोटें आईं है. जिसका इलाज चल रहा है. घटना के बाद बुधवार, 10 दिसंबर को सेलाक्वी पुलिस स्टेशन FIR दर्ज कराई गई. जिसके बाद पांचों आरोपियों को बुधवार, 14 दिसंबर को गिरफ्तार कर लिया गया. 

आरोपियों की पहचान नाश नेगी, शौर्य राजपूत, सूरज ख्वास, सुमित और आयुष बडोनी के तौर पर हुई है. जिन्हें न्यायिक हिरासत में रखा गया है. एंजेल की मौत होने के बाद पुलिस ने आरोपियों पर BNS की धाराओं के तहत हत्या की धारा भी जोड़ दी गई.

यह भी पढ़ें: 8 घंटे तड़पता रहा, इलाज में देरी से कनाडा के अस्पताल में भारतीय शख्स की मौत हो गई

FIR में लगे आरोपोंं के मुताबिक मंगलवार, 9 दिसंबर की शाम दोनों भाई सामान खरीदने मार्केट गए थे. उसी समय, नशे में धुत 5 अज्ञात लोगों ने पीड़ितों के साथ दुर्व्यवहार करना शुरू कर दिया. साथ ही उन पर  जातिवादी और नस्लीय गालियां देने लगे. जब दोनों ने उनका विरोध किया, तो आरोपियों ने उन पर चाकू और कड़ों (चूड़ा) से हमला कर दिया. जिनमें दोनों बुरी तरह से घायल हो गए. बाद में उन्हें पास के ग्राफिक एरा हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया. FIR में बताया गया कि आरोपियों ने पीड़ितों को पुलिस में शिकायत न करने की धमकी दी थी. अगर पुलिस स्टेशन में शिकायत की, तो उन्हें जान से मार देंगे.

चकमा भाइयों पर हुए इस नस्लीय हमले का संज्ञान 'राष्ट्रिय अनुसूचित जनजाति आयोग' ने भी लिया. आयोग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बीपुल चकमा ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है. इस क्रम में उन्होंने DGP उत्तराखंड, DM देहरादून और SP देहरादून को नोटिस जारी किया है. नोटिस में संबंधित अधिकारियों को तीन दिन के अंदर जवाब देने के लिए कहा है.

 

वीडियो: गेस्ट इन द न्यूजरूम: मुन्ना भाई MBBS के सर्किट से जॉली LLB तक, अरशद वारसी ने मजेदार किस्से सुनाए

Advertisement

Advertisement

()