डे-केयर में 23 महीने के बच्चे को 25 बार काटता रहा दूसरा बच्चा, कोई बचाने नहीं आया
Toddler bites another child at daycare: महाराष्ट्र में एक बच्चे ने दूसरे बच्चे को 25 बाट काटा. मामला छत्रपति संभाजीनगर में एक प्राइवेट डे-केयर का है. पीड़ित बच्चे के अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल मैजमेनट ने उन्हें 10 लाख ऑफर किये. ताकि वे उनके खिलाफ शिकायत दर्ज न कराए.

महाराष्ट्र में प्राइवेट डे-केयर में एक बच्चे ने दूसरे बच्चे को 25 बाट काटा. आरोप है कि बच्चे को बचाने के लिए वहां पर डे-केयर का कोई भी कर्मचारी नहीं होता है. 45 मिनट तक बच्चा दर्द से कराहता रहता है. ये सारी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई. पीड़ित बच्चे के अभिभावकों ने शिकायत की तो स्कूल मैनेजमेंट ने उन्हें कथित तौर पर 10 लाख का घूस ऑफर कर दिया. फिर भी माता-पिता ने पास के पुलिस स्टेशन में डे-केयर के खिलाफ FIR दर्ज कराई है. मामले में अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.
ये घटना 22 जून को छत्रपति संभाजीनगर के सिटी एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (CIDCO) इलाके में हुई. 29 साल की वकील ने सुबह करीब 10:30 बजे अपने बच्चे को 'फर्स्टक्राइ इंटेलाइटोट्स' प्री-स्कूल में छोड़ा था. बच्चा 23 महीने का बताया गया है. NDTV ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि घटना का एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है. इसमें एक महिला केयरटेकर चार बच्चों के साथ एक कमरे में बैठी दिख रही है. चारों खेल रहे हैं. करीब आधे घंटे बाद एक बच्चा कमरे से बाहर निकलने की कोशिश करता है. महिला उसे रोकती है तो वह रोना शुरू कर देता है. फिर केयरटेकर रोते हुए बच्चे को लेकर कमरे से बाहर चली जाती है. अन्य तीन बच्चों को कमरे में ही छोड़ देती है.
15 मिनट में 25 बार काटाइसके बाद तीनों बच्चे रोना शुरू कर देते हैं. दरवाजा पीटते हैं. इसी दौरान, एक लड़का दूसरे बच्चे को काटना शुरू कर देता है. जबकि तीसरा लड़का डर के मारे चुपचाप खड़ा रहता है. CCTV फुटेज में दिखा कि लड़के को सुबह 11 बजे से 11:30 बजे के बीच लगभग 15 मिनट तक 25 बार काटा गया. वहां उसे बचाने वाला कोई टीचर या कोई केयरटेकर नहीं था. इस वजह से बच्चा 45 मिनट तक दर्द से कराहता रहा. स्कूल प्रशासन ने दोपहर 2 बजे तक बच्चे के माता-पिता को घटना के बारे में नहीं बताया.जब वे उसे लेने पहुंचे तो डे-केयर की प्रिंसिपल ने उनसे कहा कि उसे ‘बस खरोंचें आई हैं.’ लेकिन जब माता-पिता ने लड़के के कपड़े उतारे तो वे उसके पूरे शरीर पर गंभीर चोटें देखकर हैरान रह गए.
रिपोर्ट के मुताबिक, लड़के के चेहरे, नाक, होंठ, छाती, पीठ और पैरों पर गंभीर चोटें आईं. पीड़ित बच्चे को इलाज के लिए शहर के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया. माता-पिता ने पास के पुलिस स्टेशन में FIR कराई, जिसके बाद डे-केयर के 6 स्टाफ मेंबर के खिलाफ केस दर्ज कराया. इसमें CEO शुभम माहेश्वरी (पुणे के रहने वाले), मैनेजर मंगेश मुसाले और वैभव सावडे, प्रिंसिपल कंचन येवले और महिला केयरटेकर शामिल हैं.
ये भी पढ़ें: खराब किडनी छोड़ 'हेल्दी' किडनी निकाल दी, 14 साल बाद डॉक्टर पर 2 करोड़ का जुर्माना
लड़के के माता-पिता का आरोप है कि स्कूल मैनेजमेंट ने उन्हें केस न करने के बदले 10 लाख रुपये और बच्चे के लिए तीन साल की फ्री एजुकेशन देने का ऑफर दिया था. दावा किया गया कि मैनेजमेंट ने उनसे ये भी कहा कि वो उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकते. शिक्षा विभाग ने भी स्कूल के खिलाफ जांच शुरू कर दी है. स्कूल के पास जरूरी म्युनिसिपल परमिट नहीं होने की भी बात रिपोर्ट में बताई गई है.
वीडियो: राजामौली की 'वाराणसी' पर संकट? रिलीज़ डेट टलने की चर्चा

