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रिटायर्ड पुलिस अफसर ने वीडियो बनाकर हत्या की आशंका जताई, किसी ने ध्यान नहीं दिया, हमलावरों ने मार डाला

Tamil Nadu के तिरुनेलवेली इलाके में नमाज पढ़ने के बाद जाकिर अपनी मोटरसाइकिल से वापस लौट रहे थे. तभी हमलावरों ने उन्हें बाइक खींच लिया और उनके सिर पर वार किया. वो खून से लथपथ हो गए.

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Tamil Nadu Murder
जाकिर हुसैन की हत्या कर दी गई. (फाइल फोटो: सोशल मीडिया)
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रवि सुमन
20 मार्च 2025 (Published: 02:15 PM IST)
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पिछले दिनों तमिलनाडु में एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी जाकिर हुसैन की हत्या (Tamil Nadu Retired Police Murder) कर दी गई. 64 साल के जाकिर पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि की सुरक्षा टीम का हिस्सा रह चुके थे. अब पता चला है कि उन्हें अपनी मौत की आशंका पहले ही हो गई थी. घटना से कुछ दिनों पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी जान को खतरा है और उनकी हत्या की जा सकती है.

तिरुनेलवेली इलाके में, 18 मार्च को नमाज पढ़ने के बाद जाकिर हुसैन अपनी मोटरसाइकिल से वापस लौट रहे थे. तभी हमलावरों ने उनकी बाइक खींच ली और उनके सिर पर वार कर दिया. वह खून से लथपथ हो गए. राहगीरों ने चिल्लाना शुरू किया, तो हमलावर फरार हो गए. वीडियो में हुसैन ने यह भी कहा था कि उनकी हत्या के पीछे कौन लोग हो सकते हैं.

जमीन का विवाद

इस मामले के पीछे भूमि विवाद का भी पता चला. इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, तिरुनेलवेली में पुरानी दरगाह के पास जमीन के एक टुकड़े को लेकर विवाद था. हुसैन, नूरुन्निसा नाम की एक महिला से उस जमीन को वापस लेने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे. महिला का दावा था कि उन्हें यह जमीन अपनी दादी से विरासत में मिली है. उन्होंने आठ साल पहले दलित समुदाय के कृष्णमूर्ति से शादी की थी. शादी के बाद इस्लाम धर्म अपनाने के बाद उन्होंने अपना नाम मोहम्मद तौफीक रखा.

एक वरिष्ठ अधिकारी ने अख़बार को बताया कि यह विवाद साल 2022 से चल रहा है. हुसैन का कहना था कि वह जमीन वक्फ बोर्ड की है. वहीं, नूरुन्निसा और तौफीक का कहना था कि यह उनके परिवार की संपत्ति है. पिछले साल मामला और बिगड़ गया. दिसंबर में तौफीक और नूरुन्निसा ने हुसैन के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन पर उत्पीड़न और अवैध कब्जे का आरोप लगाया गया. पुलिस ने हुसैन के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया.

हुसैन ने जिला कलेक्टर और कमिश्नर के पास शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने तौफीक परिवार, पुलिस इंस्पेक्टर गोपाल कृष्णन और सहायक आयुक्त सेंथिल कुमार पर एससी/एसटी एक्ट जोड़ने के विरोध में मामला दर्ज कराया. हुसैन ने जो वीडियो जारी किया, उसमें उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ जाल बिछाया गया है और दोनों पुलिस अधिकारी उन लोगों का पक्ष ले रहे हैं जो उन्हें मारना चाहते थे. हुसैन को जब कोई जवाब नहीं मिला, तो फरवरी में उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किया.

इस मामले पर राज्य के एक अधिकारी ने कहा, 

यह बड़ी गलती हुई है. हुसैन की शिकायतों और वीडियो को नजरअंदाज कर दिया गया.

मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने राज्य विधानसभा में इस घटना की निंदा की और कहा कि "आरोपी बच नहीं पाएंगे."

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आरोपी भागा तो पुलिस ने गोली चलाई

हत्या वाले दिन ही दो लोगों ने सरेंडर कर दिया. तौफीक के भाई कार्तिक और उसके बहनोई अकबर शाह ने सरेंडर किया. तिरुनेलवेली के बाहरी इलाके में पुलिस ने 19 मार्च को तौफीक को ट्रैक किया था. पुलिस उसे पकड़ने पहुंची तो वो भाग गया. इस दौरान पुलिस ने गोली चलाई जो तौफीक के पैर में लगी. उसकी पत्नी नूरुन्निसा भी फरार है. इंस्पेक्टर कृष्णन को निलंबित कर दिया गया है.

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