स्वराज कौशल का निधन, चकाचौंध से दूर एक बड़ी शख्सियत थे
मिजोरम में उनका योगदान ऐतिहासिक रहा. 1979 में उन्होंने मिजो नेता लालदेंगा को साजिश के मामले में जमानत दिलाई और भूमिगत मिजो नेशनल फ्रंट के सलाहकार बने. राजीव गांधी सरकार के दौरान 1986 के मिजोरम शांति समझौते की बातचीत में उनकी भूमिका निर्णायक रही.
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मात्र 34 वर्ष की आयु में 1987 में कौशल देश के सबसे युवा एडवोकेट जनरल बने थे. (फोटो- X)
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