"जजों को बचाने के लिए कोई 'कवच’ और 'तलवार' नहीं है", कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट पर SC ने किसे सुनाया?
Supreme Court ने कहा कि जब कोर्ट के सामने मौजूद व्यक्ति उस काम के लिए सच्ची पछतावा और पश्चाताप दिखाए, तो न्यायिक विवेक के आधार पर माफी दे देनी चाहिए. कहा कि कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट की शक्ति जजों के लिए निजी कवच नहीं है.
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अवमानना के मामलों में माफी मांगने पर कोर्ट को दया दिखानी चाहिए. (Photo: ITG/File)
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