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सुखोई जेट हादसे में नहीं बच सकी पायलट्स की जान, असम के अस्पताल में दोनों की मौत

Sukhoi Su-30 Crash In Assam: सुखोई लड़ाकू विमान गुरुवार, 05 मार्च की शाम को Assam के जोरहाट से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद लापता हो गया था और रडार से उसका संपर्क टूट गया था.

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Sukhoi jet crashes in Assam Squadron Leader Anuj and Flight Lieutenant Purvesh Durgakar
स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुर्वेश दुर्गकर | फोटो: भारतीय वायु सेना
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विकास वर्मा
6 मार्च 2026 (अपडेटेड: 6 मार्च 2026, 01:41 PM IST)
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इंडियन एयरफोर्स ने जानकारी दी कि गुरुवार, 5 मार्च को देर शाम एक विमान हादसे में उसके दो पायलट्स की जान चली गई. Sukhoi-30mki अपने रूटीन ट्रेनिंग मिशन पर था, जब असम में ये हादसा हुआ. दोनों घायल पायलट्स को अस्पताल ले जाया गया. लेकिन, अगले दिन सुबह नेवी ने जानकारी दी कि उनकी मौत हो गई है. जान गंवाने वाले पायलट्स के नाम हैं: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुर्वेश दुर्गकर.

इंडियन एयरफोर्स ने अपने X अकाउंट पर लिखा,

‘भारतीय वायु सेना, स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुर्वेश के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करती है. दोनों सुखोई-30 विमान दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे. भारतीय वायु सेना, शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करती है और इस दुख की घड़ी में उनके साथ मजबूती से खड़ी है.’

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ये हादसा असम के कार्बी आंगलोंग ज़िले में हुआ है

इंडिया टुडे से जुड़ीं शिवानी शर्मा की रिपोर्ट से मुताबिक, ये हादसा असम के कार्बी आंगलोंग ज़िले में हुआ है. विमान रूटीन ट्रेनिंग मिशन पर निकला था. जोरहाट से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद विमान का रडार से संपर्क टूट गया और फिर जानकारी मिली कि विमान हादसे का शिकार हो गया है. दोनों पायलट्स के लिए तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन भी शुरू किया गया था. बताया गया था कि जोरहाट से करीब 60 किमी दूर कार्बी आंगलोंग में विमान क्रैश हो गया है. इसके बाद पायलट्स को अस्पताल पहुंचाया गया. लेकिन कुछ देर बाद खबर आई कि इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई है.

हादसे पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा,

‘सुखोई-30 विमान दुर्घटना में स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुर्वेश के निधन से मैं अत्यंत दुखी हूं. देश के प्रति उनके साहस और सेवा को हम गौरव और कृतज्ञता के साथ याद रखेंगे. शोक संतप्त परिवार के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं हैं. इस दुख की घड़ी में पूरा देश उनके साथ मजबूती से खड़ा है.’

भारत के पास सबसे ज्यादा यही विमान

बता दें कि पहला सुखोई लड़ाकू विमान साल 2002 में IAF में शामिल हुआ था. मौजूदा वक्त में भारतीय वायु सेना में इन विमानों की संख्या सबसे ज्यादा है.
रूस के बनाए सुखोई-30 विमान भारतीय वायु सेना में सदी के शुरुआती सालों में कमीशन किए गए थे. सुखोई-30 एमकेआई इसका अपग्रेडेड वर्जन है और इंडियन एयर फोर्स का फ्रंटलाइन फाइटर जेट है. रूस की टेक्नोलॉजी पर आधारित इस दो इंजन वाले मल्टीरोल फाइटर जेट को भारत में ही विकसित किया गया है.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक इस विमान की सबसे बड़ी खासियत इसकी एयर फ्लेक्सिबिलिटी है. ये उड़ान के दौरान हवा में आसानी से पोजीशन बदल सकता है, जिससे दुश्मन विमान को टारगेट करना आसान हो जाता है. भारतीय सेना के पास सबसे ज़्यादा यही विमान हैं.

फिलहाल असम में हुए हादसे का स्पष्ट कारण अब तक सामने नहीं आया है.

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