भारतीय वायु सेना का सुखोई विमान लापता, कुछ पता नहीं चल रहा
बताया जा रहा है कि गुरुवार, 5 मार्च की शाम को विमान ने असम के जोरहाट से उड़ान भरी थी. बाद में शाम 7 बजकर 42 मिनट पर उसका रडार से संपर्क टूट गया.

भारतीय वायु सेना का एक सुखोई विमान लापता हो गया है. वायु सेना ने एक्स पर इसकी पुष्टि की है. बताया जा रहा है कि गुरुवार, 5 मार्च की शाम को विमान ने असम के जोरहाट से उड़ान भरी थी. बाद में शाम 7 बजकर 42 मिनट पर उसका रडार से संपर्क टूट गया.
एक्स पर विमान के लापता होने की जानकारी देते हुए वायु सेना ने लिखा,
"IAF का एक Su-30MKI ओवरड्यू (यानी मंजिल तक नहीं पहुंचा) है. विमान असम के जोरहाट से उड़ा था. शाम को 7.42 बजे आखिरी बार ये रडार के कॉन्टैक्ट में था. आगे की जानकारी पता लगाई जा रही है. खोज और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है."
सोशल मीडिया पर विमान के असम के ही कार्बी आंगलोंग जिले में क्रैश होने का दावा किया जा रहा है. लेकिन अभी तक इसकी आधिकारी पुष्टि नहीं की गई है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक गुवाहाटी में एक रक्षा अधिकारी ने बताया है कि एयर फोर्स की एक टीम विमान का पता लगाने में जुट गई है.
2002 में IAF में शामिल
रूस निर्मित सुखोई-30 विमान भारतीय वायु सेना में सदी के शुरुआती सालों में कमीशन किए गए थे. सुखोई-30एमकेआई इसका अपग्रेडेड वर्जन है और IAF का फ्रंटलाइन फाइटर जेट है. रूसी तकनीक पर आधारित इस दो इंजन वाले मल्टीरोल फाइटर जेट को भारत में ही विकसित किया गया है.
इंडिया टुडे के मुताबिक इस विमान में भारत के अलावा फ्रेंच और इजरायली एविएशन सिस्टम और हथियार लगे हैं. विमान की सबसे बड़ी खासियत इसकी एयर फ्लेक्सिबिलिटी है. ये उड़ान के दौरान हवा में आसानी से पोजीशन बदल सकता है, जिससे दुश्मन विमान को टारगेट करना आसान हो जाता है.
पहला सुखोई लड़ाकू विमान 2002 में IAF में शामिल हुआ. मौजूदा वक्त में भारतीय वायु सेना में इन विमानों की संख्या सबसे ज्यादा है.
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